कमजोर होते कंधे
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* पिता के वे ही कंधे हो जाते हैंबुढ़ापे में कमज़ोर,जिन पर बिठाकर उसनेअपनी संतानों को दिखाया है मेला,घुमाया है बाज़ार मेंदिखाये हैं जुलूस,जिस पर बैठकर सदा संतानों कोऊँचा होने का अहसास हुआ है। हालांकि, हौसले की बात करें, तोवे कंधे उस दृष्टि से कभी कमज़ोर नहीं होते,पर संतानों से उपेक्षा पाकर … Read more