एक धागा मत समझिए…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… रक्षाबंधन रिश्तों का त्योहार है,भाई और बहिन का आपसी व्यवहार है। राखी एक बंधन नहीं, बल्कि बहिन को रक्षा का उपहार है,भाई इस बंधन को निभाता बार-बार है। ये धागा प्रेम का है, जो सदियों से चला आ रहा है,भाई-बहिन के रिश्ते की, गरिमा को बचा रहा है। भाई-बहन … Read more

ऊँच-नीच का भेद न मानूं

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************* मेरा नाम ममता है, सभी से मेरी समता है, ऊँच-नीच का भेद न मानूं, चाहे ये जग हँसता है। सभी बड़ों का करूँ सम्मान, छोटों से भी प्यारा रिश्ता है,अमीर-गरीब को मैं न जानूं, बस भावों की तो चिंता है। जहां भी मुझको प्यार मिले, उनसे ज्यादा मेरा नाता है,मैं किसी का … Read more

तिरंगा मेरी शान है

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)**************************************** तिरंगा मेरी शान है,सैनिक देश की आन हैसुरक्षा है,सुरक्षित हैये ही तो वतन की शान है। जल, थल, नभ में हमें नाज है,अस्त्र-शस्त्र के दाता हमदुनिया में सबसे मजबूत हमारी हीरों की खान है,सीमा प्रहरी से हीहम सबके ये सैनिक भगवान हैं। लहराया जब तिरंगा तो दिखता,दुनिया के हर नक्शे में मेरा देश महान है॥ परिचय-संजय … Read more

आँसू की मत बात हो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** चाहे मेरी जीत हो, होंठों पर तो गीत हो।जीवन तेरी प्रीति हो, खुशियों की तो रीति हो॥आँसू की मत बात हो, जीने की सौगात हो।मीठी-मीठी बात हो, दूरी पर ही रात हो॥ गहरा-गहरा काल है, देखो पैनी चाल है।जीवन तो बदहाल है, होता कहर बवाल है॥आँखें नित गमगीन हैं, साँपों की … Read more

साँझ हो गई ज़िंदगी की, क्या कहना..

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* साँझ हो गई ज़िंदगी की, तो क्या  कहना,दिनभर की धूप अब स्मृतियों में उतरने लगी हैजो राहें कभी बहुत लंबी लगती    थीं,आज उन्हीं पर लौटने की इच्छा होने लगी है। कुछ चेहरे समय की धूल में धुँधले हो गए,कुछ रिश्ते मन के आँगन में अब भी उजले हैंकुछ सपने पूरे होकर भी अधूरे हैं,कुछ अधूरे रहकर भी जीवन को अर्थ दे गए। अब कुछ भी पाने की उतनी बेचैनी नहीं,जितनी पाए … Read more

एहसास बेगाना लगता है

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )****************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… सूनी कलाई की राखी का एहसास बेगाना लगता है,बहना आती उल्लास लाती अहसास सुहाना लगता है। सारे जग में सबसे सच्चा भाई- बहन का प्यार है,तिलक लगाये राखी बाँधे, खुशियों का खजाना लगता है। रेशम के कच्चे धागों से तार रहे के जुड़ जाते … Read more

राखी – अमर प्रेम का बंधन

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )************************************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)…. सावन की पूनम आई, संग खुशियाँ  लाई,बहना ने थाली सजाई, राखी हाथों लाई। रेशम का धागा नहीं, यह प्रेम का बंधन है,बहन के स्नेह का, भाई का प्रण वंदन है। बचपन की लड़ाई, और स्वादिष्ट मिठाई,कच्चे धागे में बंधी है, माँ-सी डांट-डटाई। द्रौपदी ने … Read more

धागा छोटा, स्नेह अनंत

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)******************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… आया है राखी का पावन पर्व,भाई-बहन के स्नेह वंदन का दिनमन में हर पल इंतजार है बहना का,प्यारी-प्यारी राखी लेकर बहन आ गई तोबीता बचपन सामने आकर खड़ा हो गया,भाई की वही स्नेहिल कलाई, वही गर्वित मस्तक। राखी का धागा तो छोटा है, लेकिन मेरा स्नेह अनंत हैमेरा भाई है, … Read more

धागे नेह के…

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)*********************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)…. चलो इस बार रक्षा बंधन कोहर रिश्ते का पर्व बनाते हैंभाई की कलाई पर राखी के साथ,हर रिश्ते को प्रेम से सजाते हैं। अपनेपन की रोली से,सौहार्द्र का तिलक लगाते हैंप्रेम के सुंदर धागे से,रिश्तों को बांधते जाते हैं। भाई की कलाई पर राखी के साथहर रिश्ते को प्रेम … Read more

होता है रक्षा कवच

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… दुनिया में यह रिश्ता,बहुत ‘पवित्र’ व अमर हैस्नेह का यह ‘कच्चा’ धागा,भाई के हाथों में ‘रक्षा’ कवच होता है। ये धागों का ‘बंधन’ है भाई,जहां रिश्तों की ‘डोर’ मजबूत होती हैराखी का पर्व भाई-बहन के लिए एहसास है,भाई के हाथों में वह ‘रक्षा’ कवच होता … Read more