हे शिव कल्याणकारी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)****************************************** हे शिव कल्याणकारी, एकादश रुद्र रूप,भोलेनाथ कल्याणकारी,दर्शन अभिलाषी भक्तों का कल्याण कर,हे भोले बाबा। दर्शन करने जाऊँ,दक्षिण में रामेश्वर, काशी में विश्वनाथ,दया करो कल्याणकारी,झोली भर दो। औघड़दानी, हम भी अपने बच्चों संग,सदा रहे मेरे साजनलेकर जाओ उज्जैन में महाकाल,गुजरात में सोमनाथ संग दर्शन कराओ। तमिलनाडु में श्रीशैल पर्वत, मल्लिकार्जुन,साथ देना है नाथ, … Read more

नन्हीं परी मेरी धड़कन

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** नन्हीं परी जब आई मेरे संसार में, डूब गया था मैं खुशी के बाज़ार मेंपूरा हो गया उस दिन मेरा परिवार, खुशी से महक उठा था मेरा घर-द्वार।  उसकी पहली बोली से भाग्य जागा, टूट गया मेरे जीवन से दु:ख का धागाउसकी हँसी से होने लगा उजियारा, आँसू से छा जाता घना अंधियारा।  पहला … Read more

आओ, नया संकल्प लें

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… आओ, इस रक्षाबंधनएक नया संकल्प लें,हम एक-दूसरे की रक्षाभय से नहीं,सम्मान से करेंगे;बंधन से नहीं,विश्वास से करेंगे;अधिकार से नहीं,स्नेह से करेंगे। बहन जहाँ भी हो,खुश रहेनिर्भय रहे,अपने सपनों को जी सके। भाई जहाँ भी हो,सफल रहेसंवेदनशील रहे,अपने रिश्तों की गर्माहटकभी न खोए। कलाई पर बँधा यह धागा,हर … Read more

कच्चे धागों का ये रिश्ता

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक)******************************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… कच्चे धागों का ये रिश्ता, जीवन भर निभ जाता है,दूर रहे चाहे भाई-बहना, मन फिर भी मिल जाता है।सुख में थोड़ी हँसी बाँटें, दुःख में बनें सहारा,राखी का पावन बंधन हर संकट से लड़ जाता है। रिश्ते केवल रक्त नहीं हैं, विश्वासों    से पलते हैं,सूने मन के आँगन में ये बनकर दीपक जलते … Read more

रहे अटूट सदा यह बंधन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… श्रावणी पूर्णिमा का दिन,मन में उमड़ा मधुर उमंगबहना के कर से बँधता हैरक्षा का यह सूत्र अनंग। केवल यह एक नहीं है धागा,है विश्वास अटल अनमोलबहना के हाथों ने बाँधा,उस राखी का नहीं है मोल। बचपन की सारी स्मृतियाँ,क्षण में जीवित हो जातींरूठे मन की छोटी बातेंहँसते-हँसते … Read more

पिंजरे की मैना

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ अपने घर को स्वर्ग बनाने के लिए मैं दिन-रात मेहनत करती रही,जीवन से समझौता करती रहीक्योंकि मुझे घर बचाना था,अपने बच्चों को किसी लायक बनाना था गृहस्थी को बर्बाद होने से बचाना था,वह केवल कहता रहा मैं सुनती रही क्यों सुनती रही!क्योंकि नहीं सुनती तो घर में रोजाना का बवंडर होता,अपने बच्चों की ज़िंदगी को सुखी करने … Read more

अनमोल राखी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)****************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… जग के सारे रिश्ते अनमोल,हर अनमोल रिश्ते से भी अनमोल रिश्ताभाई-बहन का प्यारा रिश्ता। दो दिन का यह जग का मेला,सब झूठा मान-अभिमान मन में पालेभाई-सा अनमोल कोई न, बहन का प्यार जगत में। झूठी-मूठी धन-दौलत, महल-अटारी,कुछ भी ना लाती बहन, फिर भी दौड़ी आती हैएक धागा … Read more

रहा भरोसा अब नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** सुख ने नित इतना छला, तन क्या मन पर घाव।तो भी अपनों पर नहीं, दिखता तनिक प्रभाव॥ पीड़ा के सब गीत हैं, मातम के उस्ताद।नहीं करे कोई यहाँ, उजड़े को आबाद॥ आँसू पीकर दिन कटा, बिलखी सारी रात।उसने जब मुँह फेरकर, करी न मुझसे बात॥ सबके मुखड़े दर्द के, बने हुए … Read more

भोले द्वारे शोभा न्यारी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** शिव द्वारे भीड़ भारी, भोले द्वारे शोभा न्यारी,सजे धजे भोले भारी, सावन उत्सव लगे। शिवालय गिरिराज, नमः नमः गणराज,भूत लसे महाराज, रीत सुखदाई लगे। मन भाव अर्पित, गोरस, तूरी अर्पित,श्रद्धा सुमन अर्पित, विराट स्वरूप लगे। नमः शिवाय शंकर, दिव्य स्वरूप शंकर,जोरू अन्तर्मन कर, जियरा आह्लाद लगे। सुरसुरि शिरोमणि, शिरोधर अहि … Read more

हाथ डूबता थाम लो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* डूब रहा जल में मनुज, सभी खड़े हैं मौन।खींचे मोबाईल छवि, उसे बचाए    कौन॥ देख रहे सब डूबते, मानवता    झकझोर।कहाँ दया करुणा मदद, तस्वीरें    चहुँ ओर॥ अपनाएँ हम दीनता, जीवन हैं अनमोल।परहित सेवा मनुजता, जीवन रक्षा   घोल॥ खड़ी भीड़ बस देखती, डूब रहे    इन्सान।प्राणों का रक्षण प्रथम, यही मनुज  पहचान॥ दृश्य बना कर क्या करें, बन दुख तारणहार।आज किसी … Read more