रात भी बड़ी अजीब होती

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* ये रात भी बड़ी अजीब होती हैं,एक हसीना की तरह हसीनकभी रंगीन तो कभी कमसिन। रैन नशीली है और चाँद जवां,नैनों में तेरे यामिनी की सबाचले जब तेज़ तो हो जाए हवा। निशिगंधा से निशि खिल उठे,सितारों से विभावरी जगमगा उठेबाँसुरी की धुन सुन मन झूम उठे। इस रजनी में सजनी … Read more

धूम्रपान की तलब बुरी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धूम्रपान की तलब बुरी हैसदा ध्यान यह रखना,बीड़ी-तम्बाकू का सेवननहीं भूल कर करना। धीरे-धीरे असर हो रहानहीं समझ में आता,टी.बी., कैंसर आदि भयानकरोग ज़हर बन जाता । सुंदर स्वस्थ शरीर बनाएँ,दुर्लभ यह जीवन है।प्राणायाम-योग के द्वारा,सुख होता संभव है॥

भाई का रिश्ता सबसे मजबूत

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… भाई का रिश्ता दुनिया में,होता सबसे मजबूत हैछाँव बने जो कड़ी धूप में,जाड़े में हल्की धूप है। बचपन की मीठी यादों का,वह सबसे प्यारा हिस्सा हैलब पर जो लाए मुस्कान,वह ऐसा प्यारा किस्सा है। कभी रूठता, कभी मनाता,हर सुख-दु:ख में साथ निभाताहिम्मत बन कर खड़ा साथ में,हर मुश्किल … Read more

प्रेम विश्वास से विजयी संसार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* प्रेम दया विश्वास से, सुंदर घर निर्माण।कटु वाणी से टूटकर, बिखरे खुशियाँ प्राण॥ बचपन की मुस्कान से, महके गली सुहात।मिल-जुल कर जब लोग हों, मुस्काए जज़्बात॥ सत्य मार्ग पर जो चला, नहीं डरा  आघात। संघर्षों से नित लड़े, फँसा नहींं जज़्बात॥ अहंकार के वृक्ष से, अंतस हो  कमजोर।समझ गिरा वह लक्ष्य पथ, उपहासित चहुँ … Read more

गंगा अवतरण कथा

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** गंगा दशहरा पर्व (२६ मई) विशेष… क्यों होता है गंगा दशहरा तुमको आज बताती हूँ,बड़ी पुरानी कथा प्रेम से तुमको आज सुनाती हूँ। राजा सगर ने एक बार था अश्वमेध का यज्ञ किया,चुरा अश्व को इंद्र ने कपिल मुनि के आश्रम बांध दिया। सगर ने अपने साठ हजार पुत्रों … Read more

याद रखो – जहाँ चाह, वहाँ राह

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नगर का नाम था ‘सुविधापुर’, पर वहाँ सुविधाएँ केवल नेताओं और अफसरों की जेब में रहती थीं। आम आदमी तो ‘आसमान से गिरा, खजूर में अटका’ जैसी हालत में जी रहा था। चुनाव आते ही नेता ‘मुँह में राम, बगल में छुरी’ लेकर गलियों में उतरते, बड़े-बड़े वादे करते … Read more

मेरा भाई

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष…. एक समय के बाद,धीरे-धीरे बदलने लगते हैं भाई भीवे उतना नहीं बोलते,जितना बचपन में बोलते थे। उनकी हँसी,घर के आँगन से निकलकरज़िम्मेदारियों की भीड़ में खो जाती है,जो लड़का कभीबारिश में भीगते हुए,कागज़ की नाव बहाया करता थावही एक दिनराशन की थैली उठाए,थके कदमों से घर लौटता है। … Read more

हजारों दुआ माँग लेते हैं

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* कभी-कभी तुमसे,गुफ्तगू कर लेते हैंतेरे हाँ-हूँ से ही,जी भर लेते हैं। तेरी बेवजह हँसी से,दिल को गुलज़ार कर लेते हैंदेख लेते हैं कभी तुझे आड़ से,तू मेरी ओर मुड़े तो ऐतबार कर लेते हैं। सपनों में प्रेम गीत गुनगुनाकर,मीठी नींद के आग़ोश में सो जाते हैंइस प्रीत के बदले,हम तेरा क्या … Read more

भाई मेरी परछाई

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… २४ मई का पावन दिवस,खुशियाँ लाया अनंत असीमयह ‘विश्व बन्धु दिवस’ रखता है,प्रेम भाव फैलाने की चाहत असीम। ‘भाई’ वह, जो कंधे से कंधा,मिलाकर चले पिता काराखी की भी लाज रखे,अपनी दुलारी बहनों की। माता को सुख पहुँचाते,करे देश की रक्षासीमा पर सजग प्रहरी,बन कर करें देश … Read more

संकट में दीवार ‘भाई’

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… सिर्फ रिश्तों का नाम नहीं है ‘भाई’,घर की धड़कन का दूसरा धाम है ‘भाई’जब भी गिरता हूँ, हाथ बढ़ाता है ‘भाई’,खुद भूखा रहकर भी मुझे खिलाता है ‘भाई।’ मेरी हर जीत में सबसे ज़्यादा हँसता है ‘भाई’,दर्द छुपाकर भी मेरे संग चलता है ‘भाई’माँ की ममता, पिता … Read more