शिव क्षमा करो हर भूल

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** हे शिव! शंभू नाथ मेरे, शिवदासी करती वंदना,बैठ तुम्हारे श्रीचरणों में, पूरी हो हर साधना। शिव क्षमा करो हर भूल स्वयं को प्रकट करो,खींचो हिरदय हर शूल स्वयं को प्रकट करो। तुमरे प्रेम में मन बैरागी,चुनता भक्ति के फूल स्वयं को प्रकट करो। जागो शंभू भोर भई है,श्रद्धा झूले … Read more

मातृत्व से ही अस्तित्व

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अनुपम अपूर्व लेखन स्वतंत्र, मातृत्व सप्ताह सफल हैविविध कीर्ति कवि काव्य कला, माँ ममता लसिता निर्मल है। ममतांचल वात्सल्य समीक्षा, करना गणपति भी दुर्गम हैकैसे हम सम अज्ञान लोभ फँस, मातृ हृदय रचना संभव है। फिर भी फ़नकारों स्नेहिल रचना, स्वतंत्र लेखन पट रंजित हैधन्य पटल सारस्वत कविवर, जननी … Read more

मेरे महादेव की बात ही और…

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** महादेव की बात ही कुछ और है,महादेव हमारे मन मंदिर मेंबस गएवो बात ही कुछ और है,महादेव के पूजन की बात ही कुछ और हैसनातनी की खुशियों की बात कुछ और है,बस, उनपे चढ़ा हो बिल्व-पत्र का कवच। हिंदू धर्म को निभाने की बात कुछ और है,सनातनी पर गर्व करने की … Read more

माँ की दुआएँ उपहार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ख़ज़ाना है बड़ा अनमोल,जीने का सहारा हैदुआएँ माँ की मिल जाएँ,यही उपहार प्यारा है। उदर में नौ महीने रख,हमें संसार देती हैबड़ी प्यारी-सी ममता की,वो हमको छाँव देती है। गुरु जीवन की पहली माँ,सिखाती क्या बुरा अच्छावही तो एक ऐसी है,जो करती प्यार है सच्चा। दुआएँ माँ की जीवन में,अनोखी शक्ति देती … Read more

जय-जय महाकाल तुम हो

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* सृष्टि में दृष्टि में,चिरकाल तुम हो। अम्बर से सागर तक,हर हर महादेव तुम हो। धरती के संचालक,महाप्राण तुम हो। सुख में भी दु:ख में भी,निर्वाण तुम हो। ‘सत्यम शिवम सुंदरम’,का उत्कृष्ट संगम तुम हो। सूर्य से तेज और सागर से शांत,चाँद-सितारे और ब्रह्माण्ड तुम हो। ज्योतिर्लिंगों में स्थापित,जय-जय महाकाल तुम हो॥ … Read more

क्या बाप का नाम जरूरी… ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** ऊपर की कोठरी से सिसकने के साथ-साथ बतियाने की आवाजें आ रही थी। “तुम ठीक कहती थी दादी। सच में औरत का सबसे बड़ा दुश्मन उसका शरीर होता है। अगर तो वह कुछ सुंदर हुआ, तो तब तो और भी आफत समझो।”“मैं तो तुझे कब से समझा रही थी बेटी, पर … Read more

नीर रत्न अनमोल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नीर रत्न अनमोल है, गिरि पयोद नद सिन्धु।तरसे जल नित दीनता, बहे नदी धनबन्धु॥ नदियों की शीतल सलिल, है जीवन वरदान।पूज्य सदा होतीं जगत, सिंचन खेत ज़हान॥ आकूल व्यथित जल बिना, नदी तडाग व कूप।प्राणी जग निष्प्राण अब, भूख प्यास अरु धूप॥ नीर विषैला न बहे, सरिता निर्झर ताल।स्वच्छ … Read more

मनोबल बढ़ाना चाहिए

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ कभी भी मन का संयमनहीं डोलना चहिए,विश्वास के पंथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिएमुश्किलों में कोई साथ नहीं देता,मनुष्य को अपने अंदर के मनोबल को बढ़ाना चाहिए। लाख जीवन की नईया मझधार में हिंडोले खाएं,पर भँवर में फंसे व्यक्ति कोसंघर्ष करते रहना चाहिए,हमें अपने मनोबल को बढ़ाना चाहिए। दुखों का … Read more

निहारूं जुगल छवि नित न्यारी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** डम-डम डमरू बज रहे हैं,ढोल-नगाड़े खूब बजे हैंधूम-धड़ाके खूब बजे हैं,गौरा संग लगन रचाने कोदूल्हे शंकर खूब जचे हैं।डम-डम डमरू… देह मृग-छाला भस्म रमाई,सकल बारात भांग पिलाईभुजंग विषधर कंठ लटकाएभूत-पिशाच टोली बनाए।डम-डम डमरू… बैल सवार हो, भोले आए,विकराल-अकराल दर्श दिखाए।देख चराचर देख भरमाए,बंधु, मातृ-पितृ शोक समाए।डम-डम डमरू… देख रूप निराला … Read more

शिव शक्ति का दिव्य मिलन

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है,आओ सब मिल महाशिवरात्रि मनाएंदेवाधिदेव महादेव रुद्र शिवशंकर की,विवाह तिथि की आज शिवरात्रि मनाएं। शिव-शक्ति के दिव्य मिलन की यह योग रात्रि है,महारुद्र के अर्धनारी-नटेश्वर बनने की शिवरात्रि हैशिव से आज अभिन्न होने वाली पार्वती चारुगात्री है,शिव-पार्वती के विवाह की मंगल बेला महाशिवरात्रि है। उत्तराखंड के … Read more