हरियाली भी तिरंगी

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************* जैसे स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा लहराता है,उसी प्रकार धरती पर भी हरियाली छा जाती हैहरियाली भी अपना तिरंगा-सा रूप ओढ़ लेती है,और अपना देश हरा-भरा नज़र आता है। हरियाली भी अपना रंग बदलती है,कभी लाल चुनरी पहनती हैकभी हरी चुनरी पहनती है,कभी पीली चुनरी ओढ़ लेती है। हिमालय भी सफेद बर्फ … Read more

सच्चा वादा-मानवता-पथ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)**************************************** झूठे वादे कभी न करते, उनका खिलता जीवन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन॥ सच्चा वादा मानवता-पथ, रीति-नीति सिखलाए,साँच-झूठ में भेद बताता, जीवन-सुमन खिलाए।सच्चाई को जो अपनाते, उनका महके आँगन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं,भरे हर्ष से तन-मन…॥ सच वादों की महिमा न्यारी, चमत्कार होता है,अनुपालन है जहाँ न्याय का, वहाँ सुयश … Read more

हाथ में चाँद-सूरज उगा साथियों

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)***************************************** राह मेरी न रोको मेरे साथियोंआज छूने चली आसमाँ साथियों,मेरी मुट्ठी में सारा जहाँ साथियोंहाथ में चाँद-सूरज उगा साथियों। कर तपस्या प्रगति की मैं सीढ़ी चढ़ूँमन में संकल्प लेकर मैं आगे बढ़ूँ,रखती हूँ अपने अंदर मैं दम साथियों,हाथ में चाँद-सूरज उगा साथियों। आगे-पीछे बड़ी मुश्किलें आयेंगीथोड़ा मन को न मेरे ये सब … Read more

जीवन का उजास

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)************************************* ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)…. रिश्तों की भीड़ मेंकुछ संबंध जन्म नहीं लेते,वे विश्वास की मिट्टी मेंधीरे-धीरे अंकुरित होते हैं। मित्र वही है-जो शब्दों से पहलेआँखों की भाषा पढ़ ले,मौन की धड़कनों को सुन लेऔर टूटते हुए मन को,बिना किसी शोर के थाम ले। जब समय की धूपबहुत तीखी हो … Read more

किसी का अनादर ना हो 

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)************************************* सफाई का कीड़ा, इस कदर न किसी को काटे,कि सामने वाला इंसान, बेमौत ही मर जाए। माना कि सफाई करना बहुत जरूरी है भाई,पर हर बात में रोक-टोक अच्छी नहीं है भाई। घड़ी की सुइयों पर, जब ज़िंदगी टिक जाए,तो ज़िंदगी का मजा, धरा का धरा रह जाए। धरती पर खेलना औेर … Read more

शांति-पथ अपनाएँ सब

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* श्रमिक के श्रम से ही धरती, स्वर्णिम फसल उगाती है,प्रशंसा की मधुर सुगंध, हर थकन स्वयं मिटाती है।हिरोशिमा की राख कहे-युद्ध कभी उत्सव न होगा-सावन नव आश बन, मानवता की प्यास बुझाती है॥ पसीने की हर बूँद जग का, अनुपम मान बढ़ाए है,सच्ची सराहना जीवन में, नव उत्साह जगाए है।हिरोशिमा की वेदना पुकारे-शांति  ही सच्ची शक्ति-सावन की रिमझिम हर … Read more

मेरी ही वह परछाई

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)…. कठिन राह में साथ निभाये,गीत खुशी के मिलकर गायेंदुनिया की इस भीड़-भाड़ में,तन्हाई में वह आ जाये। तप्त हृदय को वह सहलायें,मन को मेरे वह बहलायेसराबोर में तो हो जाऊँ,नेह से मुझको वह नहलाये। मैं रोऊँ तो मुझे हँसाये,कभी रूठूँ तो मुझे … Read more

राष्ट्रों से मिलें राष्ट्र

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)****************************************** भारत की जय बोल, चलो सब हिलमिल जाएँचिर प्रणम्य यह धरा, चलो जय भारत गाएँ,पावन गंगाजल भर मंगल कलश सजाएँ-नव अशोक पल्लव से बंदनवार बनाएँ। राष्ट्रनायकों का श्रद्धा से कर अभिनंदनस्वर्ण शस्य श्यामल धरती के भाग्य जगाएँ,तरुण अरुण से उदित हुए अब जन भारत के-प्रमुदित हों सब शान्ति प्रीति सुख को अपनाएँ। … Read more

माँ… अब नहीं दिख पाती

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ माँ…घर की चौखट के मुहाने पर,बैठी…दूर से ही दिख जाती,रहबरों को निहारती-बुलाती…आतुर मन से करती संवाद,कुछ सुनती, कुछ अपनी सुनातीयुगों-युगों की बात बताती,घर की दहलीज की बन मालकिनबड़े ही रौब से इठलाती-मुस्कुराती।माँ…घर की चौखट के मुहाने पर,बैठी…दूर से ही, दिख जाती…॥ बचपन के दिनों में माँ…मुझे भी बार-बार सुनाती…लिखाती,कजरी, सोहर, … Read more

मेरे मन मीत

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)********************************************* ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)… चलो मन, आसमान में,आसमान से कुछ मिट्टी लाऊँमिट्टी लाकर एक अपना मित्र बनाऊँ,मित्र जो प्यारा हो, दिल से मेरा अपना हो। रास न आए झूठा जग,कहाँ कम होता गम बात करकेगम को कहाँ कोई कम कर पाता,थक चुकी झूठे संसार से। कौन दिल से सुनता … Read more