माँ की लोरी में देशभक्ति

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************* एक छोटा-सा बच्चा माँ की गोदी में किलकारियाँ मार रहा,पर सोने का नाम नहीं ले रहारात बहुत हो गई, न सो रहा, न सोने दे रहा,चाँद की रोशनी को खिड़की से देख रहा। माँ ने कहा,-चलो तुमको एक लोरी सुनाती हूँ देशभक्ति की,सुनते-सुनते सोना, अब सुनो एक लोरीजिस देश में मेरा … Read more

विषपान किया था मीरा ने 

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)************************************ कृष्ण प्रेम में तल्लीन मीरा,दीन-दुनिया भुला बैठी मीराघर-बार उसने छोड़ दिया था,मीरा ने विषपान किया था। तुलसीदास ने भी गृह त्यागा,पत्नी रत्नावली के प्रेम मेंखिड़की से अजगर लटक रहा थारस्सी समझ ऊपर आ गए कमरे में,तब जाकर पत्नी ने फटकार लगाई। घनानंद की आँखों में बस गई सुजान,उसकी पूरी दुनिया बन गई … Read more

पृथ्वी और भ्रम

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)***************************************** पृथ्वी पर,सूर्यास्त होता ये भ्रमवर्षों से पाले हैं हम,पृथ्वी के झूले मेंहम सभी झूल रहे,घूम रहेऋतु चक्र का आनन्द लिए,घूमते जाने सेसूर्योदय-सूर्यास्त की राह,देश-विदेश मेंहोती अलग-अलग। पृथ्वी तो आज भी पृथ्वी,जो घूम रही ब्रह्मण्ड में पृथ्वी पर ही जग जीवित,पंचतत्व अधूरा। हे पृथ्वी माता,हमने वृक्षों के आभूषण से।तुम्हें सजाया,तुम्हें पूजा है॥ परिचय-संजय … Read more

मुझे मनाना जरा-जरा सा

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)************************************ तेरा मिलता प्यार जरा-सा,खट्टा-मीठा कड़वा जरा-साभोर सुहानी जरा-जरा-सी,इन्द्रधनुषी रंग जरा जरा-सातेरा मिलता भाव जरा-सा। सुखद सुहाना सपना जरा-सा,खिल जाती कलियाँ प्यारा-सीहोंठों पर है मुस्कान जरा-सी,दिल भी नाचे जरा जरा-सातेरा मिलता प्यार जरा-सा। तेरा मिलता उपहार जरा-सा,चाहे मंहगा चाहे सस्ता-सातुमसे रूठना, तुमसे मानना,मुझे मनाना जरा जरा-सामैं तुझे मनाऊँ जरा जरा-सा। तुम ना बोलो … Read more

सलाखों से आज़ादी तक

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************* देश के वीरों को हम नमन कर, अपनी बात शुरू करते हैंभगत सिंह को कौन नहीं जानता ?  उनके दिल में ज़िंदगी से ज्यादा,हर पल देश के लिए जीने की चाहत थीउनके सीने में देश बसा हुआ था, भगत सिंह को जेल में बंद किया गयालेकिन उन्होंने अंग्रेज़ सरकार की परवाह नहीं … Read more

वो मनहूस शाम नहीं, स्वतंत्रता का वरदान थी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)******************************************* ११ अगस्त १९४२ की वह शाम,वह शाम थी या स्वतंत्रता का वरदानहर शाम की तरह वह शाम भी आई,पर सात सपूतों ने हँसते-हँसते भारत माँ के चरणों में दे दी कुर्बानी,लिख गए शहादत की अमर कहानी। उनकी याद में सचिवालय के पूर्वी गेट पर अमर शहीद स्मारक का निर्माण हुआ,आज भी हम … Read more

बूँदों की पायल

राधा गोयलनई दिल्ली************************************* रुनझुन-रुनझुन बूँदों की पायल की मृदु झंकार,कानों में जब पड़ी, हृदय तब करने लगा पुकारबरसो सावन झूम के, इस धरती को चूम के,बड़े दिनों के बाद धरा की, तुमने सुनी गुहार। बूँदों की पायल बजती, नभ गाए मेघ मल्हार,अंग-अंग हो गया प्रफुल्लित, है चहुँ ओर बहारइस मौसम का लुत्फ उठाने, इन्द्रधनुष सतरंगी,अम्बर … Read more

जनसंख्या-संतुलन से ही सुखमय  भारत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जनसंख्या बढ़े विवेक से, तब  सुखी परिवार बने,शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार का सबको अधिकार मिलेसीमित संसाधन कह रहे, सोचो अब हर बार सुमति,संतुलित जनसंख्या बने, सुख-समृद्धि का द्वार खुले। धरती माँ की गोदी सीमाओं से है  बँधी हुई,जल, जंगल, उपवन सभी मानवता से है जुड़ी हुएसंयम, जागरूकता अपनाएँ, यही  समय का ज्ञान,संतुलित जनसंख्या से, उज्ज्वलित हिन्दुस्तान बने। छोटा परिवार सदा सुख, शिक्षा    … Read more

आती है चिड़िया रानी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)**************************************** चिड़िया रानी बड़े सबेरेरोज़ मेरे घर आती हैं,आँगन में वे फुदक-फुदक करबिखरे दाने खाती हैं। चहक-चहक कर खुशी दिखातीइधर-उधर मँडराती है,छत पर रखा पानी पीनेरोज़ वो ऊपर जाती है। चहक-चहक कर सखी सहेलीको भी नित वो बुलाती है,फिर सब मिल कर चिरी-चिरैयामीठे राग सुनाती हैं। कोषों दूर वे चलती रहती,नहीं कभी घबराती … Read more

मैं चंदन हूँ..

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मैं चंदन हूँ, शिव के तृपुण्ड सजालकड़ी का चंदन हूँ, मस्तक का मुकुट लिए, सुगंधित सज्य चंदन हूँ। मैं चंदन हूँ, माथे का तिलक लिएस्वयं में रघुनंदन हूँ, पूजा का वंदन लिएजन का अभिनंदन हूँ।  मैं चंदन हूँ, सर्प स्नेह स्पंदन हूँशीतलता चंद्र लिए,तुलसी के हाथ घिसामाधव तिलक चंदन हूँ। मैं चंदन हूँ,यज्ञ हवन पूजन … Read more