बाबा की लाड़ली

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)**************************************** बाबा की मैं लाड़ो थी,छोड़ दिए सब बाग-बगीचेसुन लो मेरे साजन प्रीत,बचपन की सखियाँ छोड़ी। छोड़ दिया मन-मीत,सुन लो मेरे साजन प्रीतबन गई तेरी,छोड़ दिए बचपन के मीत। चंचल तितली थी मैं हरदम,कहाँ पग रहता स्थिरबाबा का आँगन छोड़ चली,सजा लिया घर साजन का। दु:ख के आँसू पीकर,सुख की मुस्कान दिखाईविदा होकर … Read more

काश! ये पापी पेट न रुलाता

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** ये पापी पेट न होता,जीवन में कभी न रोना होताये ऐसा कुआँ है, जितना भी भरो दिन में,सुबह फिर खाली हो जाता। इसे भरने के लिए,दिन-भर मेहनत करना होतीफिर भी यह खाली ही रहता,सारा समय पेट भरने में ही जाता। कैसे करूँ जीवन में उत्थान अपना,जब सारा समय पेट भरने में … Read more

अनंत चतुर्दशी-अनंत स्वरूप की पूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** अनंत चतुर्दशी पर्व भगवान विष्णु की पूजा,अनंत स्वरूप की पूजा, ऐसा तप न दूजा। पापों से मुक्ति पाने का एक अचूक जतन,चौदह गांठों वाला अनंत सूत्र होता पावन। चौदह गांठों वाला सूत, चौदह लोकों का रूप,मान्यता कि कष्टों से मुक्ति पाने हेतु श्रेष्ठ धूप। पांडवों के तप ने तो पाया था … Read more

खिलखिलाती हुई ‘कलियाँ’ हैं बेटियाँ 

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )********************************************* घर का उजाला… बेटियाँ (राष्ट्रीय पुत्री दिवस विशेष)…. नन्हे-नन्हे शुभ ‘कदमों’ से वह आती है,संसार के इस ‘आकाश’ तलेहर घर में ‘उजाला’ भर देती बेटियाँ,खिलखिलाती हुई ‘कलियाँ’ हैं बेटियाँ। दुःख या दर्द, हर समय हमेशा साथ देती है,क्योंकि हमेशा से साथ देती हैं हमारी बेटियाँसिर्फ एक को नहीं, दो घरों … Read more

ऐसी करनी कीजिए

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ऐसी करनी कीजिये, ख़ुद पर होगा नाज़। गौरवमय पौरुष बने, मिले सफलता ताज़॥ ऐसी करनी कीजिये, दे सम्मान समाज। शोभादायक चहुँ दिशा, नव जीवन आगाज़॥ मातृभूमि सेवा प्रथम, नव भारत निर्माण। ऐसी करनी कीजिये, हो मानव कल्याण॥ भक्ति प्रेम हो राष्ट्र में, करुणा क्षमा चरित्र। ऐसी करनी कीजिये, जीवन मनुज पवित्र॥ मान दान सम्मान यश, रक्षित जन परिवेश। ऐसी करनी कीजिये, हो भविष्य  संदेश॥ दौर आज … Read more

है उजाला बेटियाँ

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)************************************ घर का उजाला… बेटियाँ (राष्ट्रीय पुत्री दिवस (२५ सितम्बर) विशेष)… आँगन में जो हँसी बिखरती, बेटी नाम है उसका,घर की दीवारें भी तब लगतीं, जैसे धाम है उसका। बेटी नहीं है बोझ कभी, वो तो सौगात है रब की,उसके कदमों से ही तो, किस्मत बदलती सबकी। एक बेटी पढ़ती है तो, … Read more

ओस-सी बेटियाँ

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)**************************************** घर का उजाला… बेटियाँ (राष्ट्रीय पुत्री दिवस विशेष)… घर का उजाला है बेटियाँ,ओस-सी कोमल बेटियाँतितलियों-सी है बेटियाँ,घर की रौनक है बेटियाँ। रिश्तों की डोर है बेटियाँ,संजा सजाती है बेटियाँमीठे गीत सुनाती बेटियाँ,जग का आधार है बेटियाँ। त्यौहार पर पूजी जाती बेटियाँ,बेटों से बढ़कर होती बेटियाँ।घर हरदम संभालती बेटियाँ,अंगना हो जाता उदास … Read more

सत्य की चाल

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) *************************************** जब चारों ओर अंधकार छाए,रास्ते कहीं भी नज़र न आएमत घबराना तुम इस हाल में,रास्ते बनेंगे सत्य की चाल में। मत घबराना, बस चलते जाना,झूठ की चमक में बहकना नहींदीपक जलेगा तेरे ही ख्याल से,सवेरा होगा सत्य की देखभाल से। अनेक लोग मिलेंगे, अनेक बातें होंगी,सच के ऊपर झूठ की … Read more

रह जाती है कल्पना

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)**************************************** मौन समर्पण होता है,वह पुरुष ही होता हैबचपन से देखी गई कल्पना,कल्पनाओं में एक कल्पनाबन कर रह जाती है कल्पना। बहनों की इच्छाओं के आगे,फीकी पर कोई उसकी इच्छाएंपिताजी का कहना था- लड़का हो,बड़े होकर कमा करपूरी कर सकते हो इच्छाएं। पुरुषों का हर अरमान दबे का दबा ही रह गया,चाहत थी सलमान … Read more

हर कण में हिन्दी

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************** हर कण में बसती है, जिसका प्रकाश निराला,देवभाषा बनकर जग को देती उजियाला। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा, देती नई आशा,सरल, सुकोमल, मधुर है इसकी भाषा। यह हमारी संस्कृति का दर्पण, गौरव और सम्मान,हिंदी से ही जुड़ी हुई है भारत की पहचान। मन में हिंदी के प्रति प्रेम जगाएँ, अपनी भाषा का मान … Read more