पूरा है विश्वास

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** मन में है विश्वास कभी दिन बहुरेंगे अपने,शायद वह दिन आए, जब सच्चे होंगे सपने। सबके सपने पूरे करते-करते, जीवन बीत गया है,मेरे भी कुछ सपने होंगे, हर कोई इसको भूल गया है। जब बच्चे छोटे थे, उनके नखरे खूब उठाती थी,उनकी खुशियाँ मेरी खुशी थी, खुशी-खुशी सब करती थी। अब सब … Read more

आगे बढ़ो नारी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अब छोड़ दो समाज की पुरानी नीतियाँ,भुला दो सारी पुरानी कहानियाँअब खत्म करो पुरानी रीतियाँ,अब है चुनौतियाँ, पुरानी कुरीतियाँअब तुम बस अपने राष्ट्र के लिए श्रृंगार करो,आगे बढ़ो नारी, आगे बढ़ोतुम सदैव आगे बढ़ो। छोड़ दो अश्रु धारा को,टूटो नहीं तुम दिल सेअपने मन के सारे दुःख दर्द को दूर करो,हिम्मत से … Read more

प्रेम से भरा हमसफ़र हो

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* ज़िंदगी की हर शाम सकून से भरी झील-सी हो,निश्छल प्रेम से भरा सागर सा, हमसफ़र हो। छल कपट रहित,त्याग,समर्पण से पूर्ण, सच्चा हमसफ़र हो,मस्ती भरी आनंदित और प्रसन्नता देने वाली हर शाम उसी के नाम हो। परिवार का साथ हो, सबमें विश्वास हो,बस यही ज़िंदगी का आधार हो। जो साथ … Read more

हवा चली, मगर

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ये हवा चली,मगर उसे देखा किसी ने नहींपत्तियों ने किए इशारे,फूलों ने बिखेरी सुगंध। हवा के भी तेवर होते हैं,आँधी और बवंडर की सेना लेकरजग को हरा जाती,उजाड़ देती घरों और पेड़ों कोकिंतु कभी प्रेम को निखार देती। जब चलती ठंडी हवा,गोरी का घूँघट हटा देती चेहरे सेसुखा देती श्रम के … Read more

एक-दूजे के लिए ही जीना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मुस्कानों के फूल खिला करनगरी एक बसाई तुमने,घर-आँगन में बजी बधाईलिख ली एक कहानी तुमने। बनी नायिका महि पग रखतीनेह-सुधा रस गान किया,बजती पायल की रुनझुन नेजीवन को सुर-ताल दिया। प्रेम का बिरवा हृदय लगायाअतुल प्रेम-धन खूब लुटाया,सच मानों तो साझा जीवनप्रेम विहीन न किसी को भाया। सदा समर्पण प्रेम में करना,एक-दूजे … Read more

खो गया सितारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* खो गया सितारा, अभिनय का खो गई महक बस यादों में,खो गया तरन्नुम मजलिस का खोया चरित्र अफ़सानों में। जो गाँव की माटी में लिपटा जो अरमान बीच बहती धारा,था कालजयी अभिनेता वह ‘ही- मैन’ धरम मस्तानों में। खो गया सहज अति सौम्य प्रकृति,व्यक्तित्व अनोखा दुनिया में,दमदार सफलता अदा … Read more

‘गजब’ थे ‘धर्मवीर’

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* धर्मेन्द्र देओल को श्रद्धासुमन… धरमेन्दर ‘शोले’ धरे, ‘गजब’ थे ‘धर्मवीर’,‘जीवन-मृत्यु’ से परे, बसे दिल के कुटीर। ‘राकी रानी की प्रेमकहानी’,मैं तुम्हें सुनाऊँ ‘राजा जानी’। सच नाम ‘दोस्त’ का ‘सत्यकाम’ था,‘चाचा भतीजा’ दो का दाम था। ‘बंटवारा’, ‘शालीमार’ का लिया,‘दिल्लगी’ इक बार उसने भी किया। ‘लोहे’-सी देह ‘जागीर’ रखता,‘गुड्डी’ नहीं ‘अनुपमा’ को तकता। … Read more

बांध सब्र का

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** जब भी सब्र का बाँध टूट जाएगा,हर मुसाफिर राह में छूट जाएगा आशा व विश्वाश की डोर टूट जायेगी,मुसीबतों की सिसकियाँ भी उभर जाएगी। सब्र का बांध कब तक रह पाएगा,अवसाद में जीवन कब तक जीया जाएगा। जब-जब अपने पराए बन जाएंगे,तब-तब सब्र के बांध टूट जाएंगे। मन के क्रंदन समक्ष सबके … Read more

शब्दों से रची है ज़िंदगी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* शब्दों से रची है ज़िंदगी, सोच समझ कर खुद पर ढालो।सुखद शान्ति सद्भाव परस्पर, मुख मीठी मुस्कान सम्भालो॥ फँसों नहीँ तुम शब्द जाल में, शब्द बाण दुख स्वयं बचा लो।शब्दों से यह रची ज़िंदगी, विनय शील सद्कर्म निभा लो॥ पौरुष यश महके सदा यतन, वतन प्रगति मुस्कान सजा लो।खिले … Read more

प्रकृति की चेतावनियों को गंभीरता से लें

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** जलवायु परिवर्तन से उपजी पर्यावरणीय चुनौतियाँ आज मानव सभ्यता के अस्तित्व तक को प्रभावित कर रही हैं। जलवायु परिवर्तन अब कोई दूर का वैज्ञानिक विचार नहीं, बल्कि तत्काल अनुभव किया जाने वाला यथार्थ है, जिसकी भयावहता का प्रमाण सीएसई और डाउन टू अर्थ की क्लाइमेट इंडिया २०२५ की रिपोर्ट में स्पष्ट दिखाई … Read more