दान कर, नहीं अभिमान
डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* जीवन में दान कर,नहीं अभिमान कर,रहे जो सदा विनम्र,सच्चा दानी है वही। आसक्ति को त्यागकर,सदा परमार्थ कर,दानशील मनुज का,ध्येय सदा है यही। जीवन है नाशवान,कोई शाश्वत न जान,दानी दान करके भी,रखे कामना नहीं। गीता देती यही ज्ञान,त्यागें नर अभिमान,दानी मनुज ही सदा,पाते सम्मान सही॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में … Read more