आत्मा को ज्योतिर्मय करने का पर्व

ललित गर्गदिल्ली************************************** उपवास और आराधना (पर्यूषण पर्व विशेष) पर्यूषण पर्व जैन समाज का ८ दिन का एक ऐसा महापर्व है, जिसे खुली आँखों से देखते ही नहीं, जागते मन से जीते हैं। यह ऐसा मौसम है जो माहौल ही नहीं, मन को पवित्रता में भी बदल देता है। आधि, व्याधि, उपाधि की चिकित्सा कर समाधि … Read more

कोरी गीदड़ भभकियाँ देने का उस्ताद चीन

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* अमेरिकी कांग्रेस (निम्न सदन) की अध्यक्षा नैन्सी पेलोसी की ताइवान-यात्रा पर सारी दुनिया का ध्यान केंद्रित हो गया था। न तो ताइवान कोई महाशक्ति है, न ही पेलोसी राष्ट्रपति है। फिर भी उनकी यात्रा को लेकर इतना शोर-शराबा क्यों मच गया ? इसीलिए कि, दुनिया को यह डर लग रहा था कि … Read more

राष्ट्रीयता की नब्ज के सच्चे पारखी ‘काका कालेलकर’

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल )**************************** हिन्दी योद्धा:पुण्यतिथि विशेष…… गाँधी जी की प्रेरणा से अपने जीवन को हिन्दी की सेवा और उसके प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर देने वालों में काका कालेलकर का नाम पहली पंक्ति में रखा जा सकता है। उनका पूरा नाम दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर (१-१२-१८८५ से २१ अगस्त १९८१) है। वे हिन्दी के … Read more

भीष्म प्रतिज्ञा

माया मालवेंद्र बदेकाउज्जैन (मध्यप्रदेश)********************************* सुंदर सलोनी सरल सुशीला धीरे-धीरे बड़ी हो रही थी। बचपन से उसके मन में देशभक्ति, देशप्रेम कूट- कूट कर भरा था। उसने हमेशा अपने बुजुर्गों से वीरों और वीरांगनाओं की गाथाएं सुनी थी, जो उसके मन में रच बस गई थी। उम्र के साथ उसने अपने सपने में जोड़ लिया था, … Read more

त्याग-प्रेम के प्रतीक श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में राष्ट्रनायक

ललित गर्गदिल्ली************************************** जन्माष्टमी विशेष…. भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है। वह द्वारिका के शासक भी है किंतु कभी उन्हें राजा श्रीकृष्ण के रूप में संबोधित नहीं किया जाता। वह तो ब्रज नंदन है। समाज एवं राष्ट्र व्यवस्था उनके लिए कर्त्तव्य थी, इसलिए … Read more

हार मानने के बजाए सामना करना चाहिए

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष… “जीवन में हार-जीत लगी रहती है, लेकिन सफलता सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलती है जो अपनी गलतियों और हार से सीख लेकर आगे बढ़े। हारकर निराश होना किसी भी समस्या का हल नहीं है।” वर्तमान में श्रीकृष्ण की ऐसी शिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। कारण कि जो समस्याएं वर्तमान में … Read more

आजादी के नए जन्म का सुखद संकेत

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारतीय स्वतंत्रता का एक नया दौर प्रारंभ हो रहा है या यूँ कहूं कि हमारी आजादी अब अमृत महोत्सव मनाने के बाद शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह लाल किले की प्राचीर से अपना गैर-राजनीतिक वक्तव्य देकर देश की जनता को जगाया, वहीं राजनीतिक दलों … Read more

सिर्फ तिरंगा फहराना काफी नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* आजादी के ७५ वें साल को मनाने के लिए हर घर में तिरंगा फहर रहा है, यह तो बहुत अच्छी बात है। भारत सरकार का यह अभियान इसलिए भी सफल हो गया है कि, इसे सभी दलों का समर्थन मिल गया है। यहां तक की कांग्रेस का भी! हालांकि, कांग्रेस दल के … Read more

भारत की है शान तिरंगा

प्रो. बीना शर्मा********************* आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा के उद्घोष ने पूरे देश के साथ-साथ आभासी जगत को भी तिरंगा कर दिया है। लोगों ने बड़े चाव से तिरंगे के साथ अपनी तस्वीर चस्पा कर ली है। घर, इमारत, कार्यालय, विद्यालय, सरकारी, गैर सरकारी संस्थाएं तिरंगे से ओत-प्रोत हैं। जगह-जगह जुलूस, नुक्कड़ … Read more

महान देश बनाने में योगदान दें

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** अपना सम्मान तिरंगा….. तिरंगा कोई कपड़े का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारा राष्ट्रीय ध्वज है। इसकी आन-बान-शान की रक्षा हर भारतीय का कर्तव्य है। यही कारण है कि, हर सिपाही के मन, वचन व कर्म में यही समाया रहता है कि जान भले ही चली जाए, पर तिरंगे को कुछ … Read more