जन गण मन की जीत हो

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. जन गण मन की जीत हो,जय हो भारत देश।चलो मनाये साथियों,ये गणतंत्र विशेष॥ ये गणतंत्र विशेष हो,भारत की जयकार।जनमानस में चेतना,मिले सभी अधिकार॥ मिले सभी अधिकार वो,सबका होवे न्याय।साथ-साथ मिलकर चलें,कोई छूट न पाय॥ शान तिरंगे की बढ़े,कभी न झुकने पाय।नील गगन की छाँव में,लहर-लहर लहराय॥ अमर … Read more

मेरा देश है सर्वत्र महान

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. हमें है अपने देश पर,अपूर्व अभिमानमेरा देश है,सर्वत्र महान। यह सांस्कृतिक धरोहर की,है उन्नत शानजीवन मंत्र में यहां,हर्षमय रहता अभिमान। प्रगति पथ पर आगे,बढ़ने पर दिखता हैसर्वत्र व्याप्त,उच्च विचार-सा ध्यान। यह नवरंग मधुरिमा है,पर्वतों पर मणि रत्नम जैसी खूबियांआदर्श आनंद मंगल और,सुख-समृद्धि का राग है यहां। जनमानस में एक सम्मान और,सम्पूर्ण … Read more

रचनाशिल्पी मंगल जैन व पाखी जैन सम्मानित

उदयपुर (राजस्थान)। पूर्णोदय साहित्यिक संस्थान (लहरपुर,उत्तर प्रदेश) द्वारा गणतंत्र दिवस पर सजीव आभासी कार्यक्रम करते हुए रचनाकारों के लिए काव्य पाठ रखा गया। इसमें देश के विभिन्न क्षेत्र से उपस्थित रचनाकारों के साथ उदयपुर (राजस्थान) से मंगल कुमार जैन व छात्रा पाखी जैन ने भी देशभक्ति आधारित रचना का शानदार काव्य पाठ किया। कार्यक्रम संयोजक … Read more

धरती को अभिमान है

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ गणतंत्र दिवस विशेष…. देख-देख जिसकी सम्प्रभुता,धरती को अभिमान है।कण-कण वाणीमय हो कहता,भारत देश महान है,मेरा देश महान है॥ यहां प्रकृति की है दिनचर्या,संयम में रहते दिन-रात।धरती की आग्या पर चलते,जाड़े,गर्मी औ बरसात।स्वयं इसे संचालित करती,एक परोक्ष शक्ति अग्यात।यहां चरित्र दिव्य जन-जन के,पावन धर्म-कर्म विख्यात।उज्ज्वल तन निर्मल मन प्रति जन,देवों का वरदान है।कण-कण…॥ सदा … Read more

कल होगा कहाँ

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** खोज है कल की हमें तो वह पल कहाँ होगा,कल सुबह फिर आज होगा,कल कहाँ होगा। वह समय है यत्न से थमता नहीं क्षण भर,काल चलता ही रहा आगे कि पीछे करअंक भर कर रख सको न बांध रस्सी से,क्यों बड़ा बनने खड़ा सत्तर ये अस्सी सेभाव की तब भवन बनती थीर … Read more

राष्ट्र प्रेम का संकल्प

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. भावों की नरमी को हम,दुनिया को समझाएंगेराष्ट्र प्रेम का संकल्प,देशवासियों को दिलवाएंगेकरनी और कहनी का,फर्क विश्व को बतलाएंगेऔर अपने भारत को,विश्व में स्थान दिलवाएंगे। कितनी जाति-कितने धर्म,कितनी भाषाएँ और लोगभिन्न-भिन्न प्रांत के होकर भी,एकसाथ हिल-मिलकर रहतेजबकि अलग-अलग मान्यताएँ,और उनके देवी देवता होकर भीसभी लोग अखंड भारत की,स्वयं कहानी कहते … Read more

जब भी मैं आऊँ इस जहाँ में

अलका ‘सोनी’पश्चिम वर्धमान(पश्चिम बंगाल)*************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. जब भी मैं आऊँ इस जहां मेंतेरी ही सुखकर गोद पाऊँ,हे माँ भारतीइतना वचन दे। अगले जनम जो बिटिया बनूँ तोभयहीन हो तेरी गलियों में घूमूँ,हे माँ भारतीइतना वचन दे। अगले जन्म गर मैं चिड़िया बनूँ तोसोने का तन पा बागों में तेरी चहचहाऊँ,हे माँ भारतीइतना वचन दे। … Read more

मेरा देश महान है

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* गणतंत्र दिवस विशेष…. मेरे देश में स्वतंत्रता की…,पहले एक भाषा थी,एक चिन्ह था। प्रत्येक शहर व गाँव के,गली-कूचों सेधूल उड़ाते हुए निकल जाती थी।मेरे देश में स्वतंत्रता की… तन पर फटे मैले कुचैले कपड़ों में,भूख से बेहाल कंधों परइधर से उधर तक,उफ़! किए बिना दौड़ लगाती थी।मेरे देश में स्वतंत्रता की… … Read more

गणतंत्र गान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* गणतंत्र दिवस विशेष… हिम्मत,ताक़त,शौर्य विहँसते,तीन रंग हर्षाये हैं।सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं॥ क़ुर्बानी ने नग़मे गाये,आज़ादी का वंदन हैज़ज़्बातों की बगिया महकी,राष्ट्रधर्म-अभिनंदन है।सत्य,प्रेम और सद्भावों के,बादल तो नित छाये हैं,सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं…॥ ज्ञान और विज्ञान की गाथा,हमने अंतरिक्ष जीतासप्त दशक का सफ़र सुहाना,हर दिन है सुख … Read more

महापर्व गणतंत्र दिवस

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* गणतंत्र दिवस विशेष….. महापर्व गणतंत्र,चलो शुभ दिवस मनाएँ।जनगण सुंदर गान, सभी मिलजुल कर गाएँ॥भारत का अभिमान, मान अरु शान तिरंगा।श्रेष्ठ यहाँ का नीर,जहाँ बहती माँ गंगा॥ तीन रंग का श्रेष्ठ,चलो झण्डा फहराएँ।आजादी के नाम,सभी नित माथ झुकाएँ॥जो है अमर शहीद,सभी को शीश नवाएँ।यह धरती की शान,गीत वंदे सब गाएँ॥ जय जय … Read more