स्वर्ग यही है देश हमारा

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. हे माँ भारती बड़ा अद्भुत,तेरा यह श्रृंगार।शीश हिमालय व सागर चरण,नदियाँ जंगल थार। स्वर्ग यही है देश हमारा,जग में यह है श्रेष्ठ,राम कृष्ण भी लेते आये,यहीं मनुज अवतार। रामायण महाभारत रची,गीता वेद पुराण,ऋषि मुनियों ने ही बतलाया,जीवन का यह सार। जात-पात ऊँच-नीच छोडी,है नहीं भेद-भाव,शांति दूत क्रांति दूत … Read more

महका यह चमन रखना

गुरुदीन वर्मा ‘आज़ाद’बारां (राजस्थान)******************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. हर दिल को लगे प्यारी,भड़के नहीं चिंगारी,आवाज यही देना,तू काम यही करना।बदनाम नहीं होना,बदकाम नहीं करना,हर दिल को लगे प्यारी…॥ नसीहत देने वाले,कई चेहरे मिलते हैं,पलभर के लिए रुककर,कोई दर्द वो सुनते हैंदुःख दूर करें ऐसे,यहाँ कम ही दिखते हैं,जिसको तू निभा सके,बस वादा वही करना।यह दुनिया हँसे … Read more

जन सेवाओं में प्रौद्योगिकी प्रयोग से भारतीय भाषाओं का उत्थान संभव

हैदराबाद(तेलंगाना)। नवीनतम प्रौद्योगिकी के अधिकतम प्रयोक्ता वर्ग में बैंकों का बहुत महत्वपूर्ण अंश है। एक आम आदमी जिसे प्रौद्यगिकी का कुछ ज्ञान न भी हो किंतु वह बैंक का ग्राहक अवश्य होता है। प्रतिस्पर्धा के युग में बैंकों को आधुनिकतम प्रौद्योगिकी एवं बाजार की मांग के अनुरूप अपनी कार्य प्रणालियों में निरंतर परिवर्तन करने होते … Read more

मेरा भारत महान…

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. वीर चले हैं देखो लड़ने,दुश्मन से सरहद पर भिड़ने। ‘तिरंगा’ शान से लहराता,शुभाशीष दे भारतमाता। जोश से सीने लगे हैं फूलने,कदम लगे हैं आगे चलने। अपनों से ले रहे बिदाई,माँ की छाती है भर आई। शहीद हो पर ना पीठ दिखाना,भारत माँ की लाज बचाना। हुक्म यहाँ की … Read more

यही तो देश महान

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** गणतंत्र दिवस विशेष….. मेरा देश महान,ये भगवान नहीं,पर भगवान समान।मेरा जन्म हुआ,इसी की गोद में,यही माता समान।मेरा देश… कोयल,मोर,पपीहरा,स्वागत भोर का करें संगीत से,कोलाहल पंछी करें मधुर तानों की,जैसे मीत ये।हर इक दिशा सजे यहां,सम्मान से,सभी के मान से,तब ही तो कहता हर कोई है कि यही तो देश … Read more

जिएंगे-मरेंगे हिंदुस्तान के लिए…

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** गणतंत्र दिवस विशेष….. मातृ भू के मान,स्वाभिमान के लिए,गाँव,गली,खेत,खलिहान के लिए।तिरंगे की आन,बान,शान के लिए,जिएंगे-मरेंगे,हिन्दुस्तान के लिए॥ जात-पात,रंग-भेद को मिटाएंगे,दीन,दुखियों को गले से लगाएंगे।भटकों को सही रास्ता दिखाएंगे,देश भक्ति-भाव फिर से जगाएंगे॥ त्याग के लिए भी,बलिदान के लिए,जिएंगे-मरेंगे हिन्दुस्तान के लिए…॥ जन-गण-मन की बजेगी सरगम,हर स्वांस गाएगी वंदे मातरम।दुश्मनों की आँख को … Read more

भारत की शान

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ गणतंत्र दिवस विशेष…. मुक्त आज ‘हिन्द’ है,सर्व बन्ध टूटतेसुनो! इस ‘प्रभात’ में,मुक्त ‘किरण’ फूटते।मुक्त आज ‘हिन्द’… ‘भगतसिंह’ का बलिदान है,‘बिस्मिल’ का गान है‘अभिनदंन’ के शौर्य पर,इस देश को गुमान है।मुक्त आज ‘हिन्द’… चारों तरफ यह शोर है,तकनीकी का दौर हैदुनिया में आज मेरे‘भारत’ की शान है।मुक्त आज ‘हिन्द’ … ‘मीरा’,’सिंधु’-सी वीरांगना … Read more

जन्मदिन से पुण्यतिथि तक…

प्रीति शर्मा `असीम`नालागढ़(हिमाचल प्रदेश)******************************************** जिंदगी जब…जन्मदिन से पुण्यतिथि मनाती है,वो कितना टूटी है पल-पलअपने टूटे टुकड़ों को,जोड़कर पूरा होने कानाटक बखूबी निभाती है।जिंदगी जब… कुछ नहीं…बदलतालेकिन बहुत कुछ बदल जाता है,चेहरों पर से चेहरे उतर जाते हैंआसपास की भीड़ के,रास्ते बदल जाते हैं।जिंदगी जब… बहुत कुछ कहने को होता हैबहुत कुछ कहने को होता है,लेकिन … Read more

मेरा भारत महान

डॉ.हेमलता तिवारीभोपाल(मध्य प्रदेश)*********************************** गणतंत्र दिवस विशेष…. इस धरती पर क्या नहीं,जिस पर भारत की मोहर नहींहै कौन-सा देश जिसने,भारत से ली कभी मदद नहीं। हर युग में युग निर्माता,हर युग में युग परिवर्तकफिर भी अपने भोलेपन से,कभी मांगा अपना हक़ नहीं। सबको तो सब-कुछ दे डाला,अभिमान को इसने छुआ नहींअपनी प्रतिभाओं को देकर भी,हुआ कभी … Read more

अलौकिक भारत देश

रीता अरोड़ा ‘जय हिन्द हाथरसी’दिल्ली(भारत)************************************************ गणतंत्र‌ दिवस विशेष…. हाँ,सचमुच हम महान हैं,हमसे सारा जहान है।भारतमाता की संतान हैं-तिरंगे का करते मान हैं॥ ‘अलौकिक भारत देश’ है,सर्वधर्म एकता परिवेश है।अनुज न कोई ज्येष्ठ है-हिन्दी भाषी हम विशेष हैं॥ हमने दुनिया को संस्कार दिए,मीठी बोली व्यवहार दिए।नये-नये आविष्कार किए-सबके सपन साकार किए॥ मानवधर्म की मिसाल हैं,भारत देश … Read more