आशाओं की डोर…

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** जीवन के रंग (मकर संक्रांति विशेष) कटती डोर दुखता मन,पतंग किससे कहेजीवन के रंग उलझे हुए,जिंदगी के धागे सुलझाने मेंउम्र बीत जाती। निगाहें कमजोर हो जाती,कटी पतंगलेती फिर से इम्तहान,जो कट केआ जाती पास हौंसला देने। हवा और तुम से ही,मैं रहती जीवितउड़ाओ मकर संक्रांति पर मुझे,मैं पतंग हूँउड़ना जानती,तुम्हारे काँपते हाथों … Read more

नष्ट हो जाएँगी हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाएँ..!

वैश्विक ई-संगोष्ठी… मुम्बई (महाराष्ट्र)। पिछले १०-१५ वर्ष से यह साफ दिख रहा है कि यदि हमने कुछ बड़े बदलाव नहीं किए और चीजें इसी तरह चलती रही तो आज से तीस-चालीस साल बाद एक भी भारतीय भाषा जीवंत मजबूत और शक्तिशाली भाषा के रूप में जीवित नहीं बचेगी।यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव का,जो … Read more

हिन्दी है उत्कृष्ट

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* ‘विश्व हिंदी दिवस’ विशेष….. हिन्दी हितकर है सदा,हिन्दी इक अभियान।हिन्दी में तो आन है,हिन्दी में है शान॥ हिन्दी सदा विशिष्ट है,हिन्दी है उत्कृष्ट।हिन्दी अपनायें सभी,होकर के आकृष्ट॥ कला और साहित्य है,पूर्ण करे अरमान।हिन्दी में है उच्चता, ‘शरद’ सभी लें मान॥ हिन्दी का उत्थान हो,हिन्दी का सम्मान।हिन्दी पर अभिमान हो,हिन्दी का … Read more

हिंदी में जब बोलते हैं हम

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ‘विश्व हिंदी दिवस’ विशेष…. लगता है मधु घोलते हैं हम,हिंदी में जब बोलते हैं हमवृहद अतुलनीय शब्द भंडार,अन्यय भाषा तौलते हैं हम। हिंदी भारती संस्कृति जोड़े,न कोई हिंदी से मुँह मोड़ेराजभाषा बनकर भी हिंदी,राज-काज लेख में दम तोड़े। हिंदीप्रेमियों आगे आओ,विकल्प न ढूंढ और अपनाएंदिवस मना कर बांधो ना दिन,हिंदी का हर … Read more

महान व्यक्तित्व की नींव में थी गुरुभक्ति

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़रदेवास (मध्यप्रदेश)****************************************** स्वामी विवेकानंद जयंती विशेष….. स्वामी विवेकानंद जी के बारे में लिखना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। जिस विचारक के नाम की किताबों से देश के अनेकों पुस्तकालय भरे पड़े हों,अनेक किताबों की दुकानें उनकी पुस्तकों से चलती हों,जिनको पढ़ने के बाद किसी और को पढ़ने की आवश्यकता ही नहीं … Read more

दूरियाँ

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** दो दिलों के बीच क्यूँ ये दूरियाँ बढ़ती गयीं,आसमां में जिंदगी के धूप-सी चढ़ती गयीं। जानती हूँ एक दिन प्यार कम होना ही था,जब अलग हों मंजिलें तो जुदा होना ही थामैं बुझे से एक चिराग की तरह जलती गयी,आसमां में जिंदगी के धूप-सी चढ़ती गयीं। हो गया है बाग … Read more

माँ का आँचल

स्मृति श्रीवास्तवइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************************* कल्पना की सुबह-सुबह ही नींद लगी थी। सुबह ४ बजे तक तो वह घड़ी ही देख रही थी। क्या करती,पति के व्यापार में हुए घाटे के कारण उनका स्वास्थ्य गड़बड़ा गया था और रातभर से चिंता में कल्पना जाग रही थी।बस अभी अभी नींद ने कल्पना को आगोश में लिया ही था … Read more

है पावन पर्व

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* जीवन के रंग (मकर संक्रांति विशेष)….. हम भारतीयों का है पावन पर्व,१४ जनवरी मकर सक्रांति पर्व। सबका पावन स्नान है कुम्भ स्नान,सबका अन्न,वस्त्र दान है महादान। गौ माता को,पहला निवाला अर्पण,तब गुरु को चूड़ा तिलकुट समर्पण। आज का भोजन चूड़ा तिलकुट दही,खा के बनाइए साल की यात्रा सही। गुड चूड़ा तिलकुट … Read more

चिंतक ज्ञानी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ****************************************** स्वामी विवेकानंद जयन्ती विशेष….. Sab ओल्ड/डॉ.राम कुमार झा “निकुंज”, नई दिल्ली/ शीर्षक- / चिन्तक ज्ञानी वेदान्तक सच,शक्ति उपासक महा प्रखर था। नवतरंग नवयौवन सरिता,अन्वेषक नित अनुशोधक था। विवेकानंद पूत राष्ट्र यश,नरेन्द्र कालिका साधक था। युवाशक्ति का अति सत्प्रेरक,शिकागो विश्व विजेता था। उपहासित वह पाया दो पल,दिनसप्तक विजयी वक्ता था। … Read more

पुण्य काज करते चलें

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कर्म ऐसा आप करते नित चलें।पुण्य पथ का भाव अंतर नित ढलें॥ बोलिए शुभ बोल भाषा नेक हो,हम मनुज के भाव निर्मल एक हो।द्वेष छल को त्यागकर समता पले,कर्म ऐसा आप करते नित चलें…॥ सत्य पथ की राह पर चल सर्वदा,काम आता सत्य का पथ ही सदा।बैर टूटे,दूर होवे फासलें,कर्म ऐसा … Read more