पिछड़े की कोई जाति नहीं होती

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* सर्वोच्च न्यायालय के एक प्रश्न के जवाब में भारत सरकार का यह कहना पूर्णतया तर्कसंगत है कि जनगणना करते समय अन्य पिछड़ी जातियों की जनगणना नहीं की जाएगी। महाराष्ट्र सरकार ने अदालत से कहा है कि वह केन्द्र सरकार को यह निर्देश दे कि वह इस साल हो रही जनगणना में पिछड़ी … Read more

देवतुल्य पूर्वज हमारे

सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************* पितृ पक्ष विशेष… प्यार कभी कम नहीं करते,सदा बरसाते हैं नेह,वरदहस्त सदा रखते हैं,रखते हैं वो स्नेह।देव तुल्य पूर्वज हमारे,शत-शत तुम्हें नमन-कृपा दृष्टि सदा रखना,स्वस्थ रखना देह॥ भाव पूर्ण स्तुति करूँ,जोडूँ मैं दोनों हाथ,सर्वप्रथम तुम्हें मनाऊँ,चरण झुकाऊँ माथ।भूल न जाना बच्चों को,रहना सदा तुम पास-दु:ख-संकट दूर करना,देना हमारा साथ॥ परिचय-सुखमिला अग्रवाल का … Read more

बंटवारा अभिशाप

वाणी वर्मा कर्णमोरंग(बिराट नगर)****************************** वृहत है परिभाषा,देश समय वस्तु ग्रह नक्षत्रअणु परमाणु तत्व प्रकृति,कण-कण में बंटवारा।यहां तक कि भावनाएं भी,अछूती नहीं इस दंश सेमानव-मानव में भेद,रंग अनुसार बंटवारा।कहीं अमीर-गरीब का बंटवारा,धर्म-जाति के नाम पर बंटवाराहृदय का भी बंटवारा,प्रेम का बंटवारा।कहीं बंटवारे से परिलक्षित हो तथ्य,कहीं बंटवारा अभिशापएक विश्व पर देश अनेक,संस्कृति अनेक परम्पराएं अनेक।गर हो … Read more

मैं ना होता तो क्या होता!

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** राम नाम का ध्यान करोकरो ना अपना मान,मैं न होता तो क्या होता सोच,करो न तुम अभिमान। दास है हम सब राम केकहे वीर हनुमान,नियती कराती काज यहांकाहे का स्वाभिमान। त्रिकुटा बोली हनुमान सेआया स्वप्न मुझे ध्यान,है आग लगाने आयालंका,वानर तू ये जान। रचि राम ने लीला अपनीपहचान गए हनुमान,आग लगी जब … Read more

बेटी है उजियार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* बेटी तो कोमल कली,बेटी तो तलवार।बेटी सचमुच धैर्य है,बेटी तो अंगार॥ बेटी है संवेदना,बेटी है आवेश।बेटी तो है लौह सम,बेटी भावावेश॥ बेटी कर्मठता लिये,रचे नवल अध्यायबेटी चोखे सार का,है हरदम अभिप्राय॥ बेटी में करुणा बसी,बेटी में है धर्म।बेटी नित माँ-बाप प्रति,करती पूरा कर्म॥ बेटी तो ममतामयी,पर वीरों की वीर।हर लेती … Read more

वीणा

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** माता वीणा वादिनी,देना मुझको ज्ञान।शीश झुकाऊँ द्वार पे,हूँ बालक नादान॥हूँ बालक नादान,कृपा मुझ पर बरसाना।वीणा की झंकार,सात सुर आप बजाना॥कहे विनायक राज,नहीं मुझको कुछ आता।करो हृदय में वास,शारदा आओ माता॥

पुरखों को दो मान

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** पितृ पक्ष विशेष….. करते पूजा पाठ,पितर की करते सेवा।मन में श्रद्धा भाव,और खाते सब मेवा॥करते अर्पण नीर,देव को सभी मनाते।चावल जौ को साथ,हाथ लेकर सब जाते॥ करते पितृ को याद,साल में सब है आते।होते भगवन रूप,सभी अपने घर जाते॥छत के ऊपर बैठ,काग को भोग खिलाते।है पितरों का रूप,यहाँ हम … Read more

शब्द:अर्थ का अनर्थ

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** ‘तुम जहां से गुजरे,बहार आ गई।’ हमने तो इतना ही कहा था और वो लड़ने-मरने पर उतारू हो गए।“अरे! यह तुमने क्या लिख दिया कि ‘हम जहां से गए और बहार आ गई।’ यानी कि तुम हमारे मरने का इंतजार कर रहे थे कि हम इस जहान से गुजर जाएँ और तुम … Read more

अहंकार का वृक्ष

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* अहंकार का वृक्ष लगाकर,सींचा उसको शान से।विपत काल में छोड़ गए सब,तेरे निज अभिमान से॥ व्यर्थ दिखावें पर जीवन को,रखकर दिन को काटता,उच्च वस्तुओं का दम भरकर,रिश्तों को भी छाँटता।आज वक्त ने छीन लिया सब,अल्प समझ अरु ज्ञान से,अहंकार का वृक्ष लगाकर,सींचा उसको शान से…॥ टहनियों में द्वेष भर गया,पनप गई … Read more

श्राद्ध में श्रद्धा जीवन का मेरूदंड

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* पितृ पक्ष विशेष…. भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म में श्राद्ध का अपना विशेष स्थान है। श्रद्धा से श्राद्ध शब्द बना है। श्रद्धा पूर्वक किए हुए कार्य को श्राद्ध कहते हैं। सत्कार्यों के लिए आदर-कृतज्ञता की भावना रखना श्रद्धा कहलाता है। श्राद्ध द्वारा हमारी संस्कृति ने श्रद्धा तत्व को जीवित रखने … Read more