अरे रामा तड़पन लागे ना…

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** फूल तोड़न गयी फुलवारी,सावन बरसन लागे नाकि सावन बरसन लागे ना,सावन हमरी बैरी लागेदेख अकेली,डराये गरजन लागे नाअरे रामा…। बूंदन में भंगिया असर है,बैरन लागे कैसे खबर हैसँग नहीं मोरे संगवारी,अरे राम दरसन लागे ना…। तोड़ रखी चमेली मोगरा,भर कर मोर लाली आँचराभीगी चोली अंगिया सारी,अरे रामा बहकन लागे ना…। तीज करूं और … Read more

जागो यशोदा मैया

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* जागो जागो अब ओ यशोदा मैया,तेरे घर आ गए हैं श्रीकृष्ण कन्हैयासिर में शोभता अजब मोर मुकुट,तेरा पुत्र मुरली भी संग ले लाया है। देखो नन्द जी के आँगन में आज,अनगिनत नाचते गाते पाँवरियादेखो आज गोकुल की सखियाॅ॑,मन ही मन हो गई है बावरिया। मैया यशोदा नन्द जी के लाल,सुन्दर मुखड़ा … Read more

१९६५ की देशभक्ति और प्रदर्शनी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** यादों के झरोखे से… १९६५ में भारत और पाकिस्तान में युद्ध छिड़ा हुआ था। मैं उन दिनों उषा सिलाई स्कूल में सिलाई- कढ़ाई का प्रशिक्षण ले रही थी। उस समय लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री थे। उन्होंने देश के लोगों में देशभक्ति का ऐसा जज्बा पैदा कर दिया था कि महिलाओं ने अपने … Read more

‘जातिवार जनगणना’ अब नया ‘खेल’ होगी ?

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश में जातिवार जनगणना का मानस बनाने के लिए जिस सुविचारित ढंग से चालें चली जा रही हैं,उससे साफ है कि आगामी चुनावों का यह मुख्य मुद्दा होगा। इसकी डुगडुगी घोर जातिवाद में पगे बिहार से बजना स्वाभाविक ही था। एनडीए का हिस्सा रही जद यू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार … Read more

प्यार दीवाना होता है

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* प्यार दीवाना होता है जीवन,निश्छल निर्मल पावन मृदु सुहावननिर्विकार प्रेम नव कोमल किसलय,आनंद मुदित मनुज मन छाता है। सहज प्यार सतत प्रकटित अन्तर्मन,विश्वास युगल प्रीति सुरभित चिलमनबहे सम मन्द पवन गति प्रीति लगन,पुष्पित प्रीति प्रसून खिल जाता है। बैचेन प्रेम युगल नवमीत मिलन,रुख़सार नूर देख गुलज़ार सजनप्यार हेतु समर्पित … Read more

उपवन

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)**************************************** वन-उपवन खिलता रहे,छाये सदा बहार।पर्यावरणी सोच हो,वृक्ष करे उपकार॥वृक्ष करे उपकार,लगाओ घर-आँगन में।शुद्ध हवा भंडार,बहे फिर तो बागन में॥कहे विनायक राज,काटना मत ये कानन।रक्षा करना आप,सजाना है वन-उपवन॥

तू ज्ञान की अविरल धारा

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** तू ज्ञान की अविरल धारा हैमैं मारा अभिमान का हूँ,तू योगी,ध्यानी,वैरागी-मैं प्यासा तेरे नाम का हूँ। मैं काज करुं यहां अपनों केमैं अपना किस काम का हूँ ?तुम खुद से खुद में रहते हो-मैं अपना सिर्फ नाम का हूँ। झांक झरोखे देख रहा मैंदूजों के किस्से,हिस्सों में,हिस्सों में बांटा खुद को-अपने को,अपनों … Read more

हिम्मत वाला

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ अपने शब्दों को कविता में ढाला है,सच कहूँ तू बड़ा ही हिम्मत वाला है। अब वो अपने दोस्त अपने रहे कहां,बन गया वो रक़ीबों का रखवाला है। कोई रोक सका न निकलते सूरज को,तम को चीर कर फैलाता ‘उजाला’ है। अपने वतन पर मिटने वाला सिपाही,कहलाता सदा ही बड़े दिलवाला है। ‘अनिल’ … Read more

कृष्ण-लीला

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************** धर्म,नीति का सार थे,राधा के गोपाल।उनके कारण धन्य है,द्वापर का वह काल॥ बचपन से करते रहे,लीलाएँ घनश्याम।नहीं हुई तब ही कभी,सत्य,न्याय की शाम नटनागर का रूप है,सचमुच में कुछ ख़ास।बचपन से देते रहे,सबको वे आभास॥ माखन खाकर बन गए,गिरिधर तो ख़ुद चोर।यह लीला रोचक रही,नाचा मन का मोर॥ पराभूत कर … Read more

हमारी हिन्दी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** हिन्द देश के वासी हैं हिन्दी हमको अपनाना है।गाँव-गाँव,कूचे-कूचे में हिन्दी को पहुँचाना है॥ हिन्दी हो भाषा अपनी हिन्दुस्तानी परिवेश हो,संस्कार संस्कृति हो अपनी उन्नत भारत देश हो।जो पश्चिम की होड़ कर रहे,उन्हें यही समझाना है,गाँव-गाँव,कूचे-कूचे…॥ गर्व हमें संस्कृत भाषा पर हम पर ये उपकार किया,हिन्दी भाषा दी हमको कितना सुन्दर … Read more