अरे रामा तड़पन लागे ना…
ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** फूल तोड़न गयी फुलवारी,सावन बरसन लागे नाकि सावन बरसन लागे ना,सावन हमरी बैरी लागेदेख अकेली,डराये गरजन लागे नाअरे रामा…। बूंदन में भंगिया असर है,बैरन लागे कैसे खबर हैसँग नहीं मोरे संगवारी,अरे राम दरसन लागे ना…। तोड़ रखी चमेली मोगरा,भर कर मोर लाली आँचराभीगी चोली अंगिया सारी,अरे रामा बहकन लागे ना…। तीज करूं और … Read more