शिक्षा और चिकित्सा पर ध्यान जरुरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* भारत में शिक्षा और चिकित्सा की जितनी दुर्दशा है, उतनी तो कुछ पड़ौसी देशों में भी नहीं है। ये २ क्षेत्र ऐसे हैं,जिनमें यदि भारत सरकार जमकर पैसा लगाए और ध्यान दे तो भारत दुनिया के विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में अगले १० साल में ही पहुंच सकता है। भारत में शिक्षा … Read more

मत सोचो कल क्या हो

मनोरमा जोशी ‘मनु’ इंदौर(मध्यप्रदेश)  ***************************************** यह मत सोचो,कल क्या होकौन कहे इस,पल क्या हो। रोओ मत-न रोने दो,ऐसी भी जल-थलक्या हो,बहती नदी का बांधे बांधचुल्लू में हलचल,क्या हो। हर क्षण हो जब आस बना,हर छिन फिर निर्बल क्या होरात ही गर चुपचाप मिले,सुबह फिर चंचल क्या हो। आज ही आज की,कहें-सुनें।क्यों सोचें,कल क्या हो॥ परिचय–श्रीमती मनोरमा … Read more

कर्म और संघर्ष ही जीवन

एस.के.कपूर ‘श्री हंस’बरेली(उत्तरप्रदेश)********************************* वाणी से ही खुशी और वाणी से ही तूफान होता है,वाणी से होती पीड़ा और वाणी से ही आराम होता है।वाणी काम करती मरहम,दवा और दुआ की तरह-वाणी से ही सिद्ध,आदमी का हर काम होता है॥ कठिनाई से ही हमें,अंदर ताकत की पहचान होती है,भीतर सोई हुई क्षमता को,जगाने का काम होती … Read more

लगा तनिक तू नेह

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** बनवारी की चाहना,मिली मनुज की देह।मनुवा उसके नाम से,लगा तनिक तू नेह॥ मन उसका तू नाम ले,जिसने दिया शरीर।भवसागर से पार तो,करते हैं रघुवीर॥ मनुवा तेरा थाम ले,मुरली वाला हाथ।जग की चिंता क्यूँ करें,चाहे छोड़े साथ॥ वो रज है बड़भागिनी,जिस पर पद की छाप।बनवारी के नेह से,मिट जाते संताप॥ मोहन तेरी बाँसुरी,कैसी … Read more

अब हिंद के जवान जाग रे

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ******************************************* तुझे पुकारती मातु भारती,अब हिंद के जवान जाग रे।ध्वजा तिरंगा बनो सारथी,गाओ राष्ट्र गीत शुभ राग रे॥ अरिमर्दन कर पाक चीन की,करो भारत माँ अनुराग रे।करो नमन उन हर बलिदानी,जो सीमान्त खड़े सहभाग रे। शीताकुल ग्रीष्मातप भीगी,निशिदिन काया बरसात रे।तजा मोह परिवार कुटुम्बी,खातिर राष्ट्र सकल जज़्बात रे। आन बान … Read more

राष्ट्र यज्ञ में निभाएँ अपनी भूमिका

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. १५ अगस्त २०२२ को देश की आजादी के ७५ साल पूरे होने जा रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आजादी का अमृत महोत्सव देश में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव के ५ सूत्र हैं-आजादी का अमृत महोत्सव … Read more

स्त्री स्वर की बात हो…

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** नारी की गौरव गाथा से,हम नहीं अनजान हैंजीवन के अनछुए पहलुओं,पर भी हम रखते खूब ध्यान हैं।१९ वीं सदी थी,जिससे हम अनजान नहीं हैं२१ वीं सदी में नारी स्वर की,एक पहचान बन गई है।उत्कर्ष और उपकर्ष,दोनों भाव देखी हैं नारियांअपने आँसुओं से लिखीं हैं,अपनी ढेर सारी कहानियां।प्राचीन काल में,संयम बलिदान रखतीं थीं वहांवर्तमान में … Read more

कवि की कामना

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)*************************************** संबंधी या मित्र मंडली यह दायित्व निभाना होगा।प्राण पखेरू उड़ जायें जब अच्छी तरह विदा कर देना॥ सेवा खूब करी अपनों की जब तक साँसें रही देह में,जीवनभर ही करी चाकरी खूब लुटाया माल नेह में।तोते का संदेसा मिलकर मैना को समझाना होगा,जीवन शेष चैन से जीना उसको नहीं जुदा कर … Read more

संजीदगी कुछ-कुछ

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रचनाशिल्प:२२१२ २२१२ २२१२ २२१२ आज फ़ित्ना में लगे पाकीज़गी कुछ-कुछ।मुस्कराहट लाएगी संजीदगी कुछ-कुछ। साँस बन बहते यहीं वादे सबा में तुम,हो रही महसूस अब मौजूदगी कुछ-कुछ। चाक है दिल क्यों चला सीने कहीं खंजर,बेलगाम कही सुनी शर्मिंदगी कुछ-कुछ। बेख़ुदी में गुम हयात फँसी घुटी चीखें,क्या नशे में भागती ये तिश्नगी कुछ-कुछ। एक … Read more

राधे के मन श्याम

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************** रचनाशिल्प:मात्रा १६/११….. श्याम बसे राधा के मन में,यदु नंदन घन श्याम।हुई बावरी दर्शन खातिर,ढूँढे सुबह व शाम॥ वन-वन फिरती प्रेम दिवानी,कालिंदी के पास।लगन लगे लीलाधारी से,एक आस विश्वास॥साँस-साँस में श्याम रमा है,रटती है अविराम।हुई बावरी दर्शन खातिर,… यमुना के पावन जल भीतर,परछाई चितचोर।कहाँ छुपे हो कान्हा मेरे,गलियन करती शोर॥मन आँगन … Read more