मैं विपक्ष हूँ

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** मैं विपक्ष हूँ,प्रतिकार मेरा अधिकार हैयह विरोध का प्रकार है,कुछ भी श्रेष्ठ कार्य होविपक्ष अपनी उपस्थिति,दर्ज कराता रहता है। प्रजातंत्र का रक्षक बनकर,उन्नत भाव रखने का दर्शन व प्रदर्शनखूब जोर से दर्शाता है,मजबूती से सदन मेंउपस्थिति दर्ज कराता है। विरोध का स्वर सदैव,विरोध बतलाता हैयहां विपक्ष यहां बस,अपनी ताक़त आजमाता हैअपनी उपस्थिति दर्ज कराने,खूब … Read more

कौन कहेगा श्रृंगार कर!

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* उजड़ गई बगिया टूट गया माली,सेवा कर के थक गई विरहिणीआई वापस ले के हाथ खाली,मन मार बैठ गई यामिनी। रूंधे गले से कह रही विरहिणी,जब से छोड गए हो साजनमैं बन गई अब विरहिणी,सुना हुआ घर-आँगन। हाय! पिया बिन कटती नहीं रातें,किससे कहूँगी दिल की बातेंरोती रहती,है गमों में डूबी,इस … Read more

गली के कुत्ते…

डॉ. सोमनाथ मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)******************************************* कुत्ता एक वफादार प्राणी होता है, यह इंसानों का अच्छा दोस्त होता है तथा इसे घर में पाला जाता है…यह बात हम सभी विद्यालय के समय निबंध में लिखते रहे हैं, पर जब वही कुत्ता आपके प्राणों के लिए संकट का कारण बन जाए तो बहुत बड़ी आफत हो जाती है। … Read more

कांग्रेस पर सत्ता और प्रतिपक्ष की ‘गिद्ध दृष्टि’…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** भारतीय राजनीति का यह दिलचस्प मोड़ है,क्योंकि, जहां एकतरफ भाजपा (एनडीए) कांग्रेस के खत्म होते जाने में अपने लिए सत्ता का स्थायी स्थान देख रही है,वहीं ममता बनर्जी और उनके राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर कांग्रेस की सिकुड़न में विपक्ष का स्थान बूझ रही है। दोनों में एक समानता है और वो है … Read more

ईश्वर की शरण में…

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************** आजा ईश्वर की शरण में,शीश रख उनके चरण मेंसुख की अनुभूति मिलेगी,क्या जीवन क्या मरण में। प्रभु तो हैं दया का सागर,स्नेह का छलकता गागररचियता हैं सम्पूर्ण सृष्टि के,उनसे ही ये जग उजागर। तेरे सब कष्टों को हरेंगे,तेरे मन के घावों को भरेंगेपा लो आशीर्वाद उनका,सुख के दिन फिर फिरेंगे। … Read more

कतरा-कतरा

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* कई टुकड़ों में तब्दील हुआ,कतरा-कतरा बिखर गया।दिल था या बर्फ का टुकड़ा,जलबिन्दु बनकर बह गया॥ परिचय–उत्तराखण्ड के जिले ऊधम सिंह नगर में डॉ. पूनम अरोरा स्थाई रुप से बसी हुई हैं। इनका जन्म २२ अगस्त १९६७ को रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) में हुआ है। शिक्षा- एम.ए.,एम.एड. एवं पीएच-डी.है। आप कार्यक्षेत्र … Read more

विरह श्रृंगार…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** सूने श्रृंगार को संवरती हैव्यथित मन में तड़पती हैं,झंकृत तारों को छेड़ती हैविरह वेदना को सहती है। मन की आतुरता से दूरअधरों पर चपलता है,विरहिन आँखों में सूनेभावों की कोमलता है। तन शिथिल मन बोझिल,विरह श्रृंगार से लदा है।उदासीन हृदय तल पर,कैसी नैराश्य की अदा है॥

उजड़ जाते जिंदगी के ख्वाब

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** शराब क्या होती ख़राब,कोई कहता गम मिटाने की दवातमाशों की दुनिया में,देख कर हर कोई हँसता,दुबकता।रातों को शहंशाह बना,सुबह हो जाता भिखारीबच्चे स्कूल जाते समय पापा से,मांगते पॉकेट मनीताकि छुट्टी के वक्त दोस्तों को,खिला सके चॉकलेट।फटी जेब औरखिसियाती हँसी,दे न पाती और कुछ कर न पातीबच्चों के चेहरे की हँसी छीन लेती,इसलिए … Read more

समता का नित पाठ पढ़ाया

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* भीमराव है शान हमारी,संविधान शुभ प्राण है।दिवस आज है सभी मनाते,सुंदर परिनिर्वाण है॥ समता का नित पाठ पढ़ाया,हते बढ़कर ज्ञान है,शिक्षा के पथ कदम बढ़ाओ,मिलता जग में मान है।आडंबर का त्याग करें जो,होता शुभ कल्याण है,भीमराव है शान हमारी,संविधान शुभ प्राण है॥ दीन-हीन शोषित लोगों की,दु:ख-पीड़ा सब दूर हो,भेदभाव के व्यर्थ … Read more

आग और पानी

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** आग से हमने दोस्ती कर ली,पानी अब मुझसे डरने लगादोनों विपरीत होकर भी,रहते साथ-साथ ही हैंकिस तरह दोनों का,प्रेम जग जाहिर हैइसलिए तो लोग दोनों को,अपने साथ रखते हैं। रहती है दुश्मनी,आग और पानी मेंडरते है देखने और,रहने वाले सदादोनों का अजीब-सा,एक गठबंधन हैपर दोनों का वजूद,एक-दूसरे के बिना अधूरी है। पानी … Read more