चन्द्रप्रभा की श्वेत सुषमा
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** दिव्य भव्य सजनी यह रजनी,छवि पूर्णमासी निखार,बन कंचन कुम्भ रिक्त अवनी राका झरे मधु तुषार।कण रेणु मणि मुक्ता बन चमके,मुग्धा वेणु सप्त सूर-नृत्य मगन कर यमुना लहरी,मनभावन छाय बहार॥ दीप्त दमकत राधिका रानी,चम्पई गोपियाँ मुखार,महारास करे सौदामिनी,लपक-लपक रूप सँवार।चन्द्रप्रभा की श्वेत सुषमा,स्मृति विस्मित मेधा मुग्ध-नाच रहे मध्य जीव जुगनी,तन जीवन लीलनहार॥ परिचय–ममता … Read more