बाढ़ और सूखा:पहल आवश्यक

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** कहीं पर इतनी बारिश है कि बाढ़ आ गई है। पहले मुंबई में महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और कई ट्रेनों का रास्ता बदलना पड़ा। ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से अलग-अलग जगह हजारों यात्री फँस गए। मुम्बई के अलावा कई जिलों में बाढ़ … Read more

अपने ही सिपहसालारों से घायल कांग्रेस…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** पहले ही अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस इन दिनों अपने ही सिपहसालारों के ‘बुक बमों’ से घायल हुई जा रही है। इसी महीने यह दूसरा मौका है,जब दल असहज मुद्रा में है। समर्थन करें या खारिज करें। कांग्रेसनीत यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने अपनी ताजा पुस्तक में राष्ट्रीय … Read more

मुस्कान है श्रृंगार

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** यह चेहरे का श्रृंगार है,लोकप्रियता का आधार है।नम्र शब्द,नई दृष्टि संग,नेकदिल मुस्कान,एक सुन्दर उपहार है।यह उपक्रम लोगों को,लगता जैसे मिला यहां,एक उत्तम उपहार है।बनावटी हँसी से हमें,हरपल परहेज़ हों।कभी-कभी भी नहीं,इसका प्रयोग हो।मुस्कान का रूप मुस्कुराहट,खूब खुशियाँ देती है।प्रेम,प्यार,उत्तम व सगुण,सन्देश देती है।मुस्कान से हम सर्वत्र,स्वच्छ वातावरण बनाते हैं।कठोर से कठोर लोग भी,इसके प्यार … Read more

पुण्य पथ का भाव

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कर्म ऐसा आप करते नित चलें।पुण्य पथ का भाव अंतर नित ढलें॥ बोलिए शुभ बोल भाषा नेक हो,हम मनुज के भाव निर्मल एक हो।द्वेष-छल को त्यागकर समता पले,कर्म ऐसा आप करते नित चलें…॥ सत्य पथ की राह पर चल सर्वदा,काम आता सत्य का पथ ही सदा।बैर टूटे दूर होवे फासले,कर्म ऐसा … Read more

खूब लुभाती रेल

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** छुक-छुक करती आती रेल,सबको खूब लुभाती रेलदूर नगर से आती रेलदूर तलक पहुंचाती रेल। आओ आहिल और इमाद,तुम भी आ जाओ दिलशादलग जाओ आगे-पीछे,ऐसे ही बन जाती रेल। देख के करना फाटक पार,आँख खुली रखना हर बारसुनना खूब लगाकर कान,सीटी तेज़ बजाती रेल। चलती रहती है कैसे,साथ चलो रेल के जैसेमौसम से … Read more

बिना पंख परिंदे…

एम.एल. नत्थानीरायपुर(छत्तीसगढ़)*************************************** खुली छोड़ दो जिंदगी,नीले खुले आसमान मेंअक्सर रखी हुई चीज़ें,नहीं मिलती सामान में। हर शख्स की मुश्किलें हैं,फिर भी रोज़ जिंदा हैहौंसलों की उड़ान से ही,बिना पंख का परिंदा है। कौन किसे क्या कहता है,लोग कितने खिलाफ हैंजितने भी मेरे साथ हैं,वो सब तो लाजवाब है। इंसान सभी है यहां पर,फ़र्क सिर्फ़ इतना … Read more

गुणगान होगा जग में घर-घर

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** यह संसार है क्या ?बस है एक रंगमंचइसमें छिपे रंग अनेक,इनके बीच हम भी एक। रंगों का महत्व अपना है,यहां कोई रंग न अच्छा हैयहां कोई रंग न बुरा है,देखने का बस नजरिया है। कोई रंग है शांति का प्रतीक,किसी से दिखती क्रांति हैकिसी रंग में जगता क्रोध,तो किसी में … Read more

वैश्विक हिंदी सम्मेलन के संरक्षक बने सुंदर बोथरा

मुंबई (महाराष्ट्र)। समाजसेवी व जनता की आवाज फाउंडेशन के अध्यक्ष सुंदर बोथरा को वैश्विक हिंदी सम्मेलन का संरक्षक मनोनीत किया गया है। श्री बोथरा ने सम्मेलन के निदेशक डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’ द्वारा प्रेषित पत्र पर प्रसन्नता और गौरव का अहसास जताते हुए सम्मेलन (पंजीकृत) के कार्य करने में सहभागी बनने की सहमति दी है। … Read more

दूजा गाल नहीं देंगे…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** भाल झुकाकर सजी हुई नित,अब हम थाल नहीं देंगे।एक गाल पर थप्पड़ खाकर,दूजा गाल नहीं देंगे॥ सहनशील हो बहुत सहा है,गाली देते आये हो।ऐसे आग लगाते हो तुम,जैसे कोई पराये हो॥भारत माँ को माँ मानो अब,फोकट माल नहीं देंगे।एक गाल पर थप्पड़ खाकर,दूजा गाल नहीं देंगे…॥ बालक-बालक चेत गया है,शिवा बसाया अब … Read more

मोहब्बत का रंग

संजय जैन मुम्बई(महाराष्ट्र) **************************************** दर्द की रात हो या,हो सुख का सबेरासब कुछ है गंवारा,जब साथ हो तेराप्यार होती नहीं चीज,जो खरीदी जा सकेये तो हो जाता है,दिलों के मिलन से। प्यार कोई मुकद्दर नहीं है,जिसे छोड़ दें तक़दीर परप्यार है यकीन और भरोसा,जो हर किसी से होता नहींजिससे होती मोहब्बत तो,मरते दम तक छूटती नहींइसलिए … Read more