आ चल दूर से देखें दुनिया
ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** चलो दिखाएं तुमको दुनिया,कितने रंग कितने बदरंग।बंध धागे उड़ान ऊपर तक,तुम उड़ना मेरे संग-संग। आओ तुम्हें मैं पँख लगा दूँ,मैं भी लगा कर फिरूं मलंग।नीलगगन में मिल मंडराए,देखे धरती हम बन विहंग। यह दुनिया बड़ी निराली है,हर चाह करने पड़ते जंग।है कठोर लोग यहाँ स्वार्थी,सम्हलना नहीं कर मति भंग। मोल नहीं यहाँ भावना … Read more