देश की विशेषता

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. छः ऋतुएँ आएँ जहाँ बारी-बारी,सभ्यता व संस्कृति है सबसे भारीभिन्नता लिए हुए अनेकता में एकता,यही तो है मेरे देश की विशेषता…। भिन्न-भिन्न धर्म और जाति के लोग,खान-पान,बोलियाँ सबसे अनमोलएक सूत्र में बँधे माला-सी सुंदरता,यही तो है मेरे देश की विशेषता…। रेल का जाल यहाँ … Read more

महान भारत जमीं

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. माँ अपनी जन्मभूमि,बढ़ते हम रज चूमी,महान भारत जमीं,इसी भू से याराना है। सागर पर्वत वन,मरू,खेत भरे धन,कण-कण को वंदन,गाएं हम तराना है। देश की हम खाते हैं,मस्तक ये झुकाते हैं,गद्दारी नहीं गाते हैं,विद्रोही समझाना है। माँ जनसंख्या विशाल,नत करो मन भाल,विकास उन्नति माल,माँ आँचल सजाना है। दुश्मन … Read more

भारत भूमि वासी हैं…

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. दर्द पराया जो अपनाए,भारत भूमि वासी हैं।‘परहित सबके काम वो आए’,भारत जन अभिलाषी है॥ मैं और मेरी खुशियां स्वर्णिम,गर्व फूली न समाती है।जन्म लिया भारत में मैंने,जिसकी नभ तक थाती है।मातृभूमि पर सब न्योछावर,जन-जन भारतवासी हैं।दर्द पराया जो अपनाए,भारत भूमि वासी हैं।‘परहित सबके … Read more

तिरंगा

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. है अपना अभिमान तिरंगा,हिंदुस्तान का स्वाभिमान तिरंगा,वीर शहीदों की यादों का,नित फहराये बन बलिदान तिरंगा। ले नित नई प्राण और नई उमंगें,उड़ता बनकर जान तिरंगा,स्वर्ग से सुंदर है माँ भारती मेरी,है इसकी ये पहचान तिरंगा। केसरिया निज बल का सूचक,हरियाली हरा है … Read more

मैं भारत हूँ

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)******************************************* बसे दिल में सभी के वो ज़ियारत हूँ मैं भारत हूँ। (तीर्थ)मैं गीता वेद क़ुर’आँ की बशारत हूँ मैं भारत हूँ। (दिव्य प्रेरणा) रहा है इल्म से परचम ज़माने में मेरा ऊँचा, (ध्वज)मैं गौतम और गाँधी की बसारत हूँ,मैं भारत हूँ। (दृष्टिकोण) हिला सकता नहीं बुनियाद जिसकी कोई भी … Read more

हिन्दुस्तान को दिल से अपनाओ

मोनिका शर्मामुंबई(महाराष्ट्र)********************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. वीर रस से सींची यह कविताजो गाती आज़ादी की वाणी है,सिंधु घाटी सभ्यता है रचनाकार जिसकी-यह इस भारत की कहानी है। हिमालय ऊर्ध्वशीर्ष,अटल खड़ा,भारतवर्ष के सरताज मणि-सा जड़ाविशाल सरिताएँ यहाँ गंगा,गोदा,कृष्णा,ब्रह्मपुत्र, तापी,नर्मदा,है झेलम,चिनाब,रावी,व्यास और सतलुज का पंजाब बना।वेद,सनातन, ग्रंथो का जहाँ प्रचार-प्रसार हुआ,‘सोने की चिड़िया’ से विख्यात … Read more

राष्ट्र प्रथम

निर्मल कुमार शर्मा  ‘निर्मल’ जयपुर (राजस्थान) *************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. नारे बहुत लगाये,अब कुछ जतन करें,कर्त्तव्य,राष्ट्र की प्रगति का,निर्वहन करें। कर्म-ध्वजा संवाहक बन,बढ़ना होगा,निज पद,स्वयं,मार्ग अपना गढ़ना होगाशिथिल शिराएं ना हो,इनमें अगन भरें,नारे बहुत लगाये,अब कुछ जतन करें…। माँ के वसन,रक्त-रंजित करने वाले,विश्वास भाव,छल से खण्डित करने वालेभीतरघाती,उन सब दुष्टों का दमन करें,नारे … Read more

मेरा भारत प्यारा

उमा विश्वकर्माकानपुर (उत्तर प्रदेश)**************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. विश्व पटल पर गूँज रहा है,एक यही जयकारा, मेरा भारत प्यारा।सूरज जैसा दमक रहा है,फैला है उजियारा,मेरा भारत प्यारा॥ अलग-अलग परिवेश यहाँ,भिन्न-भिन्न भाषा बोली।जगमग-जगमग दीवाली,है रंग-बिरंगी होली।साथ मनाते क्रिसमस,ईद,अनुपम देश हमारा,मेरा भारत प्यारा….॥ विश्व गुरु की मिली उपाधि,सिर माथे पर धरनी है।जितनी हमको मिली धरोहर,उसकी … Read more

मैं और मेरा देश

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. मैं और मेरा देश श्रेष्ठ है,भारत माता शान है।जनगण मुख पर सुरभित होता,यह अपनी पहचान है॥ वतन परस्ती लहू-लहू में,श्रद्धा अमिट अपार है,जाति-पाति है भिन्न धरा पर,हिय में बसता प्यार है।आजादी का बिगुल बजाया, वीरों का बलिदान है,मैं और मेरा देश श्रेष्ठ है,भारत माता शान … Read more

देश हमारा जान से प्यारा

उमेशचन्द यादवबलिया (उत्तरप्रदेश) *************************************************** ‘मैं और मेरा देश’ स्पर्धा विशेष…….. हम शान से जीते हैं यारा,जानता यह बात जगत सारा।जीत उसकी पक्की होती,जो ना कभी हिम्मत हारा।भगत सिंह और लौह पुरुष ने,सौंप दिया जीवन सारा।जन-जन के मन भाव यही हैं,देश हमारा जान से प्यारा…॥ जिस धरती की आन-मान को,शहीदों ने खून से सींचा है।अपने पराक्रम की … Read more