डॉ. पुष्करणा के सृजनात्मक सामर्थ्य व समर्पण को नमन करता हूँ-प्रो.खरे
मंडला(मप्र)। सतीशराज पुष्करणा लघुकथा के मसीहा थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर लघुकथा को मान्यता दिलाने व प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। उनकी सृजनात्मक क्षमता को मैं नमन करता हूँ। नए लघुकथाकारों को भी उन्होंने प्रोत्साहित किया।यह बात मुख्य अतिथि लेखक प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे (म.प्र.)ने कही। अवसर था भारतीय युवा साहित्यकार परिषद के … Read more