बच्चों की टोली
प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ************************************ बच्चों की निकली है टोली।सबकी लगती मीठी बोली॥खेल खेलते बच्चे सारे।सुंदर-सुंदर प्यारे प्यारे॥ मैदानों में दौड़ लगाते।आगे-पीछे सभी भगाते॥मस्ती करते मिलकर बच्चे।सदा बोलते हैं वे सच्चे॥ बाग-बग़ीचे घूमने जाते।ताजा-ताजा फल हैं खाते॥सुबह-सुबह सब दौड़ लगाते।सब शरीर को स्वस्थ बनाते॥ खट्टी-मीठी करते बातें।साथ एक-दूजे के खाते॥पढ़ते-लिखते शाला जाते।गीत-कहानी रोज सुनाते॥