चूं चूं का चुनावी भूत

सुनील जैन राही पालम गांव(नई दिल्ली) ******************************************************** जवानी में नींद नहीं खुलती और बुढ़ापे नींद आती नहीं। जवानी में जॉगिंग जी का जंजाल लगती है,तो बढ़ापे में जीवन का सार। जवानी में हर काम कर लेंगे की भावना से छोड़ते चले जाते हैं और बुढ़ापे में अभी कर लो कल रहे या नहीं रहें। खैर,इसका मतलब … Read more

उसके नाम से

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* जब-जब गले मिलेंगे यूँ पंडित इमाम से, गोहर मिलेंगे देश को अब्दुल कलाम से। ऐसी हवा चली है सियासत की आजकल, कोई ख़फ़ा अज़ां से कोई राम-राम से। मेहनत से हुई शीश महल जब ये झोपड़ी, पत्थर उछालता है कोई इंतक़ाम से। कल रात जाग-जाग सुलाई थी … Read more

‘मत’ की राजनीति

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** वायदों की फेहरिस्त बनाकर, जनता को नेता लुभा रहे हैं। झूठे-झूठे दिखा के सपने, सबको मूर्ख बना रहे हैं। अच्छे दिन तो कभी न आये, ना ही अच्छे दिन आयेगें। भरमा अपने वाग्जाल से, वाह! वाह! अपनी करा रहे हैं। बेरोजगारों को वेतन भत्ता, खातों में जमा होगा पैसा। नौकरी … Read more

ईरान पर अमेरिका की दादागिरी

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** परमाणु-समझौते को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प का अमेरिका,ईरान से इतना नाराज है कि उसने अब ईरानी तेल खरीदने पर प्रतिबंध की घोषणा कर दी है। २ मई के बाद जो भी राष्ट्र ईरान से तेल खरीदेगा,अमेरिका उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। दूसरे शब्दों में ईरान का हुक्का-पानी बंद करने पर अमेरिका तुल … Read more

जिंदगी

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** (रचना शिल्प:बह्र/अर्कान-२१२×४-फाउलुन×४) ज़िन्दगी आजमाती है इंसान को। वो परखती है इंसाँ के ईमान को। ज़िन्दगी हादसा खूबसूरत कहें, ज़िल्लतें बस दिखें यार नादान को। आम औ ख़ास दुनिया में सब लुट रहे, लूटने कुछ चले आज भगवान को। आसमाँ से बड़े भी मुख़ातिब हुए, जो ख़ुदा कह रहे आज धनवान … Read more

जंगल के हम हैं फूल

डॉ.जयभारती चन्द्राकर भारती गरियाबंद (छत्तीसगढ़) *************************************************************************** जंगल के हम हैं फूल’ सदा हँसते और लहलहाते हैं ना हमें खाद की जरूरत, ना हमें ही नित पानी चाहिए बिना किसी देखभाल के, दिखते हैं कितने सुन्दर। जंगल के हम हैं फूल… ना किसी का संरक्षण, ना ही किसी का दुलार फिर भी हम जी लेते हैं, अपनी … Read more

मजदूर की आवाज

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* बदलते समय में बदलते रहेंगे, जीवन के दुर्गम मार्गों पर चलते रहेंगे, पूंजी की समरसता से, लड़ते रहेंगे। पिस नहीं पाएंगे, धन के पाटों के बीच, सह नहीं पाएंगे तुम्हारे पैरों की ठोकर, अब अपनी आवाज से तुम्हारी सोई हुई चेतना को, जगाते रहेंगे। होते विकास बदलते समाज में, कम मजदूरी … Read more

माँ…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** माँ पर लिखने में सागर-सी, हो मसि भी कम पड़ जायेगी। एक नहीं सौ-सौ जीवन भी, यह ममता क्या लिख पायेगीll जिस माँ के चरणों में सारे, सुर निशिदिन शीश झुकाते हैं। जिस माँ के आँचल की महिमा, ऋषि-मुनिजन भी नित गाते हैंll माँ के उपकारों का वर्णन, रसना भी … Read more

मतदान-अधिकार

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* भारत के संविधान में,दिए मूल अधिकार। मानवता हक में रहे,लोकतन्त्र सरकार। लोकतंत्र सरकार,लोक से निर्मित होती। भूलो मत कर्तव्य,कर्म ही सच्चे मोती। कहे लाल कविराय,अकर्मी पाते गारत। मिला वोट अधिकार,बनाओ अपना भारत। दाता ने हमको दिया,जीवन का अधिकार। जागरूक मतदान से,लोकतंत्र साकार। लोकतंत्र साकार,समझ अब मत की कीमत। सोच-समझ मतदान दिखाओ … Read more

`मुस्कानों के रंग` को विशिष्ट सम्मान

इन्दौरl संस्था साहित्य कलश म.प्र. इन्दौर के वार्षिक सम्मान समारोह में शहर के शिक्षक-कवि,लेखक कार्तिकेय त्रिपाठी राम के काव्य संग्रह मुस्कानों के रंग को विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री त्रिपाठी को यह सम्मान प्रसिद्द कवि सत्यनारायण सत्तन, डॉ.रामकृष्ण सोमानी व देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव अजय वर्मा के आतिथ्य में प्राप्त हुआ। … Read more