नहीं पूर्वजों की सहेजी निशानी

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** शिला की तरह टूटते जा रहे हैं, कि रिश्ते सभी छूटते जा रहे हैंl न दादा के रिश्ते न दादी के रिश्ते, सभी ढो रहे सिर्फ शादी के रिश्तेl जड़ों में ही विष कूटते जा रहे हैं, कि रिश्ते सभी छूटते जा रहे हैं…ll नहीं पूर्वजों की सहेजी निशानी, … Read more

ढल रहा हूँ…

मोहित जागेटिया भीलवाड़ा(राजस्थान) ***************************************************************************  न मंजिल न रास्ते जाने किस और चल रहा हूँ। ख्वाब अधूरे ही ख्वाब से आज निकल रहा हूँ। आशायें,विश्वास हैं कैसे जीवन जी रहा, उस भगवान की आस्था के बल पर पल रहा हूँ। दिल भी मेरा तड़प रहा सफर अब कहाँ पर है, उस मोम की तरह मैं मन … Read more

काजल की कोठरी में उम्मीद की किरण

डाॅ.देवेन्द्र जोशी  उज्जैन(मध्यप्रदेश) ******************************************************************** १७वीं लोकसभा के आम चुनाव में जहां नेताओं द्वारा एक-दूसरे के प्रति बदजुबानी,कटु व्यवहार और चरित्र हनन की एक से बढ़कर एक खबरें आए दिन मीडिया की सुर्खी बन रही है जिन्हें लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार के बाद चुनाव आयोग का स्वतः संज्ञान जागा और योगी आदित्यनाथ,मायावती,आजम शेख और … Read more

“दुनिया में मेरे देश-सा कोई देश नहीं है…”

कवियित्री ममता पटेल के निवास पर जमी काव्य गोष्ठी इंदौर। गृह प्रवेश पर कवि मित्रों की आगवानी के साथ ही काव्यपाठ की ऐसी मनोहर स्थिति स्वतः निर्मित हुई जिससे कि कवियित्री ममता पटेल के यहां पधारे मेहमान वाह-वाह करते थके नहीं। यहाँ कवियों ने बेहतरीन रचनाएँ सुनाकर खूब आनंद दिया। अवसर था गृह प्रवेश उत्सव … Read more

श्रीलंका में अपूर्व आतंक

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** श्रीलंका के सिंहल और तमिल लोगों के बीच हुए घमासान युद्ध ने पहले सारी दुनिया का ध्यान खींचा था लेकिन इस बार उसके ईसाइयों और मुसलमानों के बीच बही खून की नदियों ने सारी दुनिया को थर्रा दिया है। ईस्टर के पवित्र दिन श्रीलंका के गिरजाघरों और होटलों में हुए … Read more

माँ दरश दिखा जाना…

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* नवरात में आकर के माँ दरश दिखा जाना। नवरात चले जाये,माँ तुम न कभी जानाll पलकों से तेरी मैंया मैं डगर बुहारुँगी, गंगाजल से अंबे मैं चरण पखारूँगी। माँ नव नव रुपों में तुम झलक दिखा जाना, नवरात में आकर के माँ दरश दिखा जाना…ll मैंने द्वार सजाई है माँ … Read more

ये पागल कौन मुआ है

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ********************************************************************* जो भी जी चाहे वो मिल जाये,ऐसा भी कहीं हुआ है हवा भी हवा हो जाती है,जिसने तो सबको छुआ हैl राख हो जाती है हर चीज,गर छू लेती है आग उनको इस दौड़ में सम्हाल खुद को,इधर खाई उधर कुंआ है। चालाक मौसीयों को,घंटी बांधने की ना कर कोशिश, … Read more

बेटियाँ

डाॅ.आशा सिंह सिकरवार अहमदाबाद (गुजरात )  **************************************************************** एक मजदूर की बेटी, जब स्कूल जाने की इच्छा जताती है उस रात पिता को नींद नहीं आती है, पहुंचाते हुए बेटी को स्कूल दिखाई पड़तीं हैं उबड़-खाबड़ रास्तों से, रफ्तार से गुज़रती बैने,मोटरसाइकिलें कि हिल जाता है पिता अपनी जगह से, और एक अमीर की बेटी बगैर … Read more

रे कपूत!अब भी संभल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** गाली दे दे एक को,तुम बना दिये स्टार। जनता अब बुद्धू नहीं,जीते चौकीदारll गाली दे थकते नहीं,बहुसंख्यक को आज। लोकतंत्र है शर्मसार,बन वोट बैंक समाजll जमानती हैं एक मंच,निज कुनबों के साथ। सोच न बदली सल्तनत,मिले चोर के हाथll कहते हो हम हैं वतन,मिले साथ हो पाक। आतंक … Read more

जरूरत है राजनीतिक परिष्कार की

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* इन आम चुनावों में बड़े विरोधाभास दिख रहे हैं। एक बड़ा विरोधाभास है राजनीतिक घोषणाओं एवं आश्वासनों में,जो तमाम अंधेरों के बीच चांद उगाने की कोशिशें कर रहा है। इन सबके बीच आप और हम उन चार अंधों को मिले हाथी की तरह हैं,जो अपने मापदंडों के साथ अपना-अपना सच परखने … Read more