बेटी
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ************************************************** बेटी तुम घर मंदिर की इक मूरत हो,तुम्हीं जगत में धरती माँ की सूरत हो।तुम्हीं धरा पर शक्तिसृजन की उत्सृजक-तुम्हीं सृष्टि में सृजन प्रेम की मूरत होll बेटी ही जग की पावन उपहार है,बेटी ही माँ बन देती सब प्यार है।बेटी घर की दीप उसी से ज्योति है-उसी ज्योति में बड़ा … Read more