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विकास ही नज़र आएगा

प्रीति शर्मा `असीम`
नालागढ़(हिमाचल प्रदेश)
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फिर भी देशवासियों,
किसे क्या…नजर आएगा
विकास ही नज़र आएगा।

आज़ादी के मूल्यों का,
देश क्या-क्या मूल्य चुकाएगा।
अब तक देश ही जानता है,
राजनीतिक दलों द्वारा
कितना घसीटा जाएगा।
फिर भी देशवासियों,
विकास ही नज़र आएगा॥

सभ्यता की आड़ में,
विदेशी रंग चमचमाएगा।
अपना देश गंदा,
विदेश साफ ही नज़र आएगा।
मेरा भारत झाड़ू पकड़ के,
‘स्वच्छता अभियान’ चलाएगा।
फिर भी देशवासियों,
विकास ही कहलाएगा॥

शिक्षा जो आधार है,
एक देश के विकास का
मानवता के बौद्धिक उत्थान का।
आरक्षण से कौशल का,
नाश कर जाएगा।
योग्य रह जाएगा पीछे,
सरकारी पदों पे,
आरक्षण का कोढ़ चढ़ आएगा।
फिर भी देशवासियों,
अपने फायदों के लिए
विकास ही नज़र आएगा॥

कानूनों को अनुच्छेदों में रखकर,
रिश्वत का कानून बन जाएगा।
जुर्म,अत्याचार,बलात्कार का,
आँकड़ा चाहे,कितना भी बढ़ता ही जाएगा।
फिर भी देशवासियों ,
विकास ही नज़र आएगा॥

नैतिकता के मानों पर,
सकींर्णता का पैमाना लग जाएगा।
वेदों की जगह,
मैजिक बाबा आ जाएगा।
मन की शांति का तो पता नहीं,
पर शांति संग पकड़ा जाएगा।
फिर भी देशवासियों,
विकास ही नज़र आएगा॥

झूठ के पीछे भीड़ होगी,
सच अकेला रह जाएगा।
जीवन की इस दौड़ में,
आदमी मशीन बनकर रह जाएगा।
कोई समझेगा उसे,
यह सोच सपना बनकर रह जाएगा।
फिर भी देशवासियों,
भाषणों में विकास ही नज़र आएगा॥

सरकार की नीतियों के फेर-बदल में,
आम आदमी पिस कर रह जाएगा।
मेरे जैसा कोई भुलक्कड़,
जमा किया,एक हज़ार,
रख कर भूल जाएगा।
दूसरी तरफ,
रुपया बदल जाएगा।
फिर मिलने पर उन,
कागज़ के टुकड़ों से क्या पाएगा।
काला धन मिला या नहीं,
किसी गरीब का एक सिक्का भी जाएगा।
फिर भी देशवासियों,
विकास ही नज़र आएगा॥

जो समाज में चाहते हैं,
बदलाव आए।
वो विमर्श,विवादों तक ही रह जाएगा।
जिनकी कोई नहीं सुनता,
वो विचारवान फेसबुक पर नज़र आएगा।
गूगल जिस विकास को ढूँढ रहा है,
वही विकास,
विकास को खोजता नज़र आएगा।
कुछ इस तरह से विकास,
विकास कर पाएगा।
एक दिन विकास,
जरूर जीत जाएगा॥

परिचय-प्रीति शर्मा का साहित्यिक उपनाम `असीम` हैl ३० सितम्बर १९७६ को हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में अवतरित हुई प्रीति शर्मा का वर्तमान तथा स्थाई निवास नालागढ़(जिला सोलन,हिमाचल प्रदेश) हैl आपको हिन्दी,पंजाबी सहित अंग्रेजी भाषा का ज्ञान हैl पूर्ण शिक्षा-बी.ए.(कला),एम.ए.(अर्थशास्त्र,हिन्दी) एवं बी.एड. भी किया है। कार्यक्षेत्र में गृहिणी `असीम` सामाजिक कार्यों में भी सहयोग करती हैंl इनकी लेखन विधा-कविता,कहानी,निबंध तथा लेख है।सयुंक्त संग्रह-`आखर कुंज` सहित कई पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएं प्रकाशित हैंl आपको लेखनी के लिए प्रंशसा-पत्र मिले हैंl सोशल मीडिया में भी सक्रिय प्रीति शर्मा की लेखनी का उद्देश्य-प्रेरणार्थ हैl आपकी नजर में पसंदीदा हिन्दी लेखक-मैथिलीशरण गुप्त,जयशंकर प्रसाद,निराला,महादेवी वर्मा और पंत जी हैंl समस्त विश्व को प्रेरणापुंज माननेवाली `असीम` के देश और हिंदी भाषा के प्रति विचार-“यह हमारी आत्मा की आवाज़ है। यह प्रेम है,श्रद्धा का भाव है कि हम हिंदी हैं। अपनी भाषा का सम्मान ही स्वयं का सम्मान है।”