माँग रही वरदान

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)*********************************************** पावन कार्तिक मास के,कृष्ण पक्ष की चौथ।सुहागिनें रखती सभी,शुभ व्रत करवाचौथll करती करवाचौथ व्रत,माँग रही सौगात।माँ गौरा कर दो कृपा,अमर रहे अहिवातll सजी सुहागन जोहती,नभ में शशि की बाट।अर्घ्य चंद्र को दे करें,दर्शन पिया ललाटll पति के प्रति निष्ठा दिखे,तब शुभ करवा पर्व।धन्य सुहागन ‘शिव’ वही,जिनको पति पर गर्वll व्रत रख … Read more

मेरा प्यारा बांके बिहारी

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)********************************************* लगा लियो है मोर मुकुट,पहनी तारों की पैजनिया..!है कांधे सजी पिताम्बरी,कमर में है करधनिया..! शरद रैन है..श्री वृंदावन,रास रच्यो है भारी…!मुरली की धुन नाच रहे,श्री राधे संग बिहारी…! राधे-राधे गूँज रही है,बंसी की धुन प्यारी…!ठुमक रहे हैं कान्हा मेरे,श्री यमुना जी बलिहारी…! बीत गयो है सारी रैना,थके ना रास बिहारी…!कभी राधे संग में … Read more

अक्सर खोजती हूँ

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)********************************************* देखती हूँ कभी-कभी जब इस दुनिया को,ना जाने क्या-क्या सोचती हूँहो जब नीला-नीला अम्बर,तब मैं अक्सर चाँद को खोजती हूँ। जब-जब छाए काली घटाएं,तब मैं अक़्सर सावन को खोजती हूँजब-जब भी देखती हूँ गुलशन को,तब मैं अक्सर माली को खोजती हूँ। जब-जब देखती हूँ बहती नदी को,तब मैं अक्सर साहिल को … Read more

धार्मिक मान्यता हमारी धरोहर

मधु मिश्रानुआपाड़ा(ओडिशा)********************************************* शरद पूर्णिमा स्पर्धा विशेष….. शरद पूर्णिमा की रात से मौसम में परिवर्तन होने लगता है,पूनम का चाँद गुलाबी ठंड की अँगुली थामे चला आता है मौसम को ख़ुशग़वार करने…l जी हाँ,यहीं से ठंड अपनी दस्तक देने लगती हैl आयुर्वेद के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात यदि हम दूध में सोंठ,मिश्री और सौंफ मिश्रित … Read more

शरद पूर्णिमा:अमृत वर्षा की रात्रि

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** शरद पूर्णिमा स्पर्धा विशेष….. पूर्णिमा तो हर माह में आती है,पर आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि का मान अनमोल होता है। इस दिन लक्ष्मी की पूजा होती है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी जी का जन्म हुआ था। इसे ‘शरद पूर्णिमा’ के नाम से जाना जाता … Read more

शरद ऋतु है आई

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)********************************************* शरद पूर्णिमा स्पर्धा विशेष….. शरद ऋतु है आई,तुम जीवन को है जी लोआज करेगा चन्द्रमा,अपनी सुंदर पूर्ण कलाओंका प्रदर्शन।उत्सव है आज नील गगन में,ऊंघ रहे हैं तारेसिहरन पैदा करतेहृदय में उनके उजियारे।प्रिय धवल,कनेर है फूलती आगमनका गलीचा बिछाती,करती आयी हैं प्रतीक्षाइस अनझिप क्षण में,तुम भी जी लोयह अमृत रस पी लो।महक … Read more

हे! कलियुग के राम

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ************************************************* हे! कलियुग के राम आज,जग में अवतारो।मन के भीतर छिपे घोर,रावण को मारोllगाँव-नगर में बजे नहीं,रावण का डंका।करो लक्ष्य संधान हनू,अब लंका बारोllहे! कलियुग के राम… सोने के मृग घर-बाहर,सब घूम रहे हैं,सीताओं की देह गंध,को सूंघ रहे हैं।लक्षित रेखाएं खींचों,तुम अपनी सीता,क़दम न रावण रख पाये,उसको संहारोllहे! कलियुग … Read more

दुर्गा पूजा:आत्मबल जागरण का माध्यम

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)************************************************** दुर्गा पूजा की धूम मची है। घर-घर में दुर्गा-सप्तशती का पाठ हो रहा है। जो लोग घर में हैं तो वो इस अनुष्ठान को सफल करने में लगे हुए हैं और जो घर से बाहर हैं,वे भी कष्ट सह कर, ‘कोरोना’ महामारी के भय को भी त्याग कर दूर … Read more

नयन नशीले

शिवेन्द्र मिश्र ‘शिव’लखीमपुर खीरी(उप्र)*********************************************** नयन नयन की जब हुई,आपस में टकरार।उठा ज्वार उर उदधि में,फूट पडे़ उद्गार॥ नयन नशीले मद भरे,लब ज्यों सुर्ख पलाश।कंचन काया पर चढ़ा,यौवन का मधुमास॥ नयन नयन में हो गई,पिय की पिय से बात।तन मन पुलकित हो उठा,मचल गये जज्बात॥ नयनों में उलझे नयन,उर खो बैठा होश।मचल उठे जज्बात फिर,यह यौवन … Read more

बूझ-अबूझ पहेली जीवन

योगेन्द्र प्रसाद मिश्र (जे.पी. मिश्र)पटना (बिहार)******************************************************** सृष्टि करना जीवधारियों की परम आवश्यकता और कर्त्तव्य है। यह सभी जीवों में और मनुष्य मात्र में लागू है। जीवन और मरण प्रकृति के शाश्वत नियम हैं। मरण के कारण जीवन की हुई क्षति की पूर्ति जग में करते रहने के लिए सृष्टि की प्रक्रिया चालू रहती है। प्राचीन … Read more