क्या देखूं अदा हँसने की

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** कोशिश की इश्क में,हर हद पार करने की आदत-सी फिर हो गयी,उफ नहीं करने की, लेते रहे हैं वो हमारे इम्तिहान-दर-इम्तिहान हिमाकत हमारी जब देखी जुल्म सहने की। ना कभी बदला था,ना ही कभी मैं बदलूंगा फिर क्यों कोशिशें हैं उनकी मुझे बदलने की, कैसे सीख लूं मैं सबक,उनसे चंद … Read more

प्यार दिल से करो

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** दिल से प्यार करोगे, तो ही दिल खिलेंगे। दिल में अगर प्यार हो, तो ही सब अपने बनेंगे। भले ही दूर क्यों न हो, पर दिल से दिल तो मिलेंगेl और प्यार-मोहब्बत से, ये दुनिया निरन्तर चलती रहेगीll कहने को तो बहुत कुछ है, पर कहने से हम डरते हैं। क्योंकि,प्यार … Read more

भारतीय संस्कृति न्यारी

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** इंसान का इंसान से है, क्या अब भाई चारा। बता दो लोगों यहां पर, पूछ रहे हैं हर जन। इंसान का इंसान… कितनी सादगी और स्नेह प्यार से, हिल-मिल कर रहते आए। नहीं रखा कोई भी बैर-भाव हमने अपने दिलों में, क्योंकि,खाया है अन्न हम सबने भारत माँ का, फिर क्यों … Read more

फल मिलता है

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** यदि हो ईमानदार और मेहनती तो, हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हो। और किया जिसके साथ तुमने कार्य, तो वो तुम्हें यादों के साथ बहुत सराहेगा। और वक्त आने पर साथ, तुम्हारे खड़ा हो जाएगा। यही तो कर्मठ निष्ठावान, लोगों की पहचान होती है। जिसे मिल जाये, बिना मेहनत के … Read more

एक वजीर मात हो गया

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** मेरा जिंदगी को जीना कुछ खास हो गया, मेरा उठना-बैठना शायरों के साथ हो गया उन्होंने जाने क्या फिर मुझे वो तालीम दी, इश्क में मेरा रोना,बहर के साथ हो गया। दुनिया की चालों से कुछ हुआ मैं वाकिफ, मुझ पैदल से भी एक,वजीर मात हो गया मेरे दर्द की … Read more

सुधारना होगा हमें अपनी व्यवस्था को

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** दिया जिन्होंने छोड़, अपने लोगों को तभी लड़खड़ाई हमारे देश की व्यवस्थाl मुझे लग रहा है कि, कहीं लुप्त न हो जाये हमारे देश की वो प्यारी संस्कृति, तभी पढ़े-लिखे लोग जा रहे विदेशों को। पढ़े-लिखे लोग बेच रहे हैं, देश में लाटरी के टिकेट। अनपढ़ लोग पढ़ा रहे हैं, बच्चों … Read more

यादें

संजय वर्मा ‘दृष्टि’  मनावर(मध्यप्रदेश) ********************************************************************************** गुजर गए अपनों की, स्मृतियों को याद करके सोचता हूँ,कितना सूनापन है उनके बिनाl घर की उनकी संजोई हर चीज को जब छूता हूँ, तब उनकी जीवंतता का अहसास होने लगता, डबडबाई आँखों,भरे मन से एलबम के पन्ने उलटता, तब जीवन में उनके संग होने का आभास होता हैl उनकी … Read more

कैसे आता मुझे हुनर

संजय गुप्ता  ‘देवेश’  उदयपुर(राजस्थान) ******************************************************************** कैसे आता मुझे हुनर वो सिखाने का मुझे इल्म है तो केवल गुनगुनाने का, मेरे दिल की बात दिल में ही रही सदा क्या फायदा होता किसी को बताने का। मेरे जिगर पर हुए कई जख्म तो देखो यह सिला है इस कदर तेरे सताने का, मेरी रुह तक को … Read more

कल और आज

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** कल ने कल से कहा- कल मिलोगे क्या तुम ? आज सुन कर कल पर हँस वो पड़ा। कल ने पूछा आज से- तुम क्यों हँसे ? तो आज ने कल से कहा- यही सुनते आ रहे हैं वर्षों से, पर जिंदगी में कल कभी आता ही नहीं। और तुम कल … Read more

दिल की धड़कन

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ******************************************** कितना मैं समझाता हूँ, अपने इस दिल को। फिर भी ये दिल, धड़के बिना रुकता नहीं। अब तुम ही बताओ, करूँ तो क्या करूँ। जिससे दिल की धड़कन, देखकर किसी को न धड़केll कहते हैं जब नजरों का, नजरों से होता है मिलन। तो दिल जोर से धड़कता है, और एक … Read more