माँ…

मिलन मलरिहा
मल्हार (बिलासपुर छत्तीसगढ़)

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हे माँ! मैंने तेरे लिए किया ही क्या,
आज तक मैंने,तुझको दिया ही क्या ?
जो किया,मैंने खुद के लिए किया,
बस दिया,मुझसे तूने लिया ही क्या ?
आपने मुझमें पल-पल सभ्यता गढ़ी,
पर मैंने एक बार भी निभाया ही क्या…
हे माँ! मैंने तेरे लिए किया ही क्या ?
आपने पत्थर में कमल खिला ही दिया,
पर कमल पत्थरों में घर बसाया ही क्या…
हे माँ! मैंने तेरे लिए किया ही क्या ?
मेरे लिए आपने कितनी यातनाएं सही,
पर तूने कभी मुझे दुख जताया ही क्या….
हे माँ! मैंने तेरे  लिए  किया ही क्या ?
परिचय-मिलन मलरिहा की जन्मतिथि ११ जुलाई १९८८ और जन्म स्थान नगर पंचायत मल्हार(बिलासपुर,छग) हैl वर्तमान में आप कांसाबेल,जिला जशपुर(छत्तीसगढ़)में रह रहे हैं,जबकि स्थाई पता नगर पंचायत मल्हार हैl शिक्षा अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर हैl कार्यक्षेत्र में नौकरी में कार्यरत श्री मलरिहा की लेखन विधा-गीत, छन्दबद्ध रचना,कविता हैl `छत्तीसगढ़ ल बंदव`(छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह) किताब में आपकी रचनाएं हैंl रचनाओं का प्रकाशन कई पत्र-पत्रिकाओं में हुआ हैl सिद्धेश्वर सम्मान (क्षेत्रिय)-२०१७` युवा कवि सम्मान से आप सम्मानित हैं तो ब्लॉग पर भी लिखते हैंl आपकी 
लेखनी का उद्देश्य सामाजिक जागृति फैलाना हैl

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