चटाई धूल वीरों ने तुझे
डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’ बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़)******************************************************************** अरे चीनी अरे पाकी,हमें तुम क्यों उकसाते हो,सिंह सोए हुए हैं जो,उन्हें क्योंकर जगाते हो।श्वान की मौत मरते हो,हिन्द की सीमा में आकर-समझ आती नहीं तुमको,सदा ही हार जाते हो॥ तेरी बंदूक में है जितना,जोर अपनी भी लाठी में,बनाता शेर बेटों को,उर्वर हिन्द माटी में।अगर चाहें तुझे रे चाइना,पल में मसल … Read more