तकनीकी हो, पर प्रेम न हो कम

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* चिट्ठी-पाती हुई बात पुरानी,मोबाइल जब से हाथ में आयाव्हाट्सएप-मेल से भेजो संदेश,डिजिटल का दौर अब आया…। मिलने-जुलने की रीत नहीं अब,वीडियो कॉल से काम चलातेसलाह-मशविरे ग्रुप चैटिंग पर,डिजिटल का दौर अब आया…। बाजार जाकर क्यों समय गंवाए,ऑनलाइन समान मंगवाएंगूगल बाबा से पूछें हर बात,डिजिटल का दौर अब आया…। मन के भाव अब … Read more

इस नवरात्रि कुछ नया करें

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* इस नवरात्रि,कुछ नया करेंमाँ दुर्गा की उपासना,कुछ अनोखा करें। व्रत का नवीन संकल्प लें,वंदना का रूप कुछ हट के होमन की शुद्धि प्रतिदिन,भक्ति और श्रद्धा से करें। प्रथमा में अपने,आक्रोश को त्याग दूँद्वितीया में लोगों,को आंकना छोड़ दूँ। तृतीया में अपने,गिले-शिकवे त्याग दूँचतुर्थी में खुद को और,दूसरों को क्षमा कर सकूं। … Read more

नारी, तुम अब उड़ना सीखो

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ नारी तुम अब उड़ना सीखो,छोड़ो, सौंदर्य और साज-श्रृंगारदेह के हैं सब माया-जाल,है नश्वर, ऐ सुनो मानवीधूल फांकते नंगे पैरों से,कंकड़-कंकड़, पत्थर-पत्थरपाँवों को घिसना सीखो,नारी तुम अब चलना सीखो। नभ से नहीं नभचर से तुम,दाने- दाने को चुगना सीखोचलो वहाँ पर धूप जहां पर,काले होंगे तेरे, रूप तो क्या ?मैले होंगे … Read more

माँ शैलपुत्री स्वीकारो प्रणाम

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* नवरात्री के प्रथम चरण में माँ शैलपुत्री स्वीकारो प्रणाम,आज मेरे घर पधारकर माता रानी तुम नित करो विश्रामसमस्त सृष्टि सजी धजी है करती तुम्हारा स्वागत है,हरी चुनरिया ओढ़कर प्रकृति कर रही आवभगत हैलता वनिताएं फूल खिलाकर करती तुम्हारा स्वागत है,माता रानी आओ करते हम पलक-पावडे बिछाकर स्वागत है। मैया तुम्हारे स्वागत … Read more

महान राष्ट्रभक्त संत

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )****************************************************** पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती विशेष (२५ सितंबर)…. सत्य सनातन धर्म विचारक,हिंदू हित चिंतक प्रचारकएकात्म मानववाद दर्शन संचारक,राजनीति साहित्य उत्प्रेरक। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के अद्भुत प्रेरक,कलमकार, प्रबुद्ध चिंतक व लेखकदरिद्रनारायण के उत्कृष्ट उपासक,राष्ट्रभक्त, पत्रकार, साहित्य के सेवक। सनातन विचारों में दूरदृष्टि,योग साधना क्रिया समष्टिमानववाद एकात्म की दृष्टि,सृष्टि, जीवन मूल्य की पुष्टि। … Read more

साथ मिल अलख जगाएं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तजें हम आरोप-प्रत्यारोपण, बढ़ें साथ मिल अलख जगाएं,साहित्यलोक निकुंजित प्रांगण, चल उड़ान नभ गूँज कराएं। आशंकाओं लसित सभी जग, हम आपस में विश्वास जगाएं,साहित्यांगन दीपक अपनापन, समरसता आलोक जलाएं। हम एक संघ एकत्व भाव मन, सहयोग परस्पर शक्ति बढ़ाएं,एक धर्म हिन्दीमय हो भारत, काव्य गूंज नव क्रान्ति जगाएं। साहित्य … Read more

प्रसिद्ध साहित्यकारों की कविता गायन और नृत्य से की प्रस्तुत

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हैदराबाद (तेलंगाना)। स्टेनली जूनियर डिग्री और पीजी महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘हिन्दी दिवस’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि श्रुति कान्त भारती (सलाहकार केन्द्रीय राजभाषा समिति और विशेष अधिकारी हिन्दी प्रचार सभा) ने हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डाला।इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती दिव्या किरणमयी ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने सभी का … Read more

श्रद्धा और विश्वास है पितृ पक्ष

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)…. अश्विन माह के कृष्ण पक्ष में,पितृ पक्ष हैं मनातेश्रद्धा और विश्वास से,सादर शीश को झुकाते। ब्राम्हण भोज करा के,देते हैं पूर्वजों को तर्पणसेवा भाव में मन लगाकर,करते हैं हम समर्पण। शास्त्रों में पिंडदान का,मिलता है वर्णनधर्म-कर्म के पथ पर चलकर,पिंड दान करते हैं अर्पण। काग को … Read more

‘वन्दे मातरम’ से गूंजती रही कल्पकथा काव्य संध्या

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था की २१५वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी में लगातार ‘वन्दे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ व नारे गूंजते रहे। ५ घंटे से अधिक समय तक हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयागराज से विद्वान साहित्यकार डॉ. अर्जुन गुप्ता गुंजन ने की। कोंच जालौन के आशुकवि भास्कर सिंह ‘माणिक’ ने मुख्य अतिथि … Read more

मैया का आगमन

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* कल गाँव से नाशिक की ओर आते हुए एक दिलचस्प और भक्तिभरा नजारा सामने आया। २१ सितम्बर से नवरात्री उत्सव शुरू हुआ है, तो सम्पूर्ण भारतवर्ष में माँ भगवती की प्रतिमा स्थापित करके ९ दिन भगवती के विविध रूपों का जागरण होगा और रास गरबा, डांडिया नाच के आयोजन से सारा … Read more