साहित्यकार डॉ. जैन होंगे २० को सम्मानित

भोपाल(मध्यप्रदेश)। ‘सत्य की मशाल सम्मान २०१९’ के लिए भोपाल से डॉ.अरविन्द जैन को उनके साहित्य में योगदान हेतु चुना गया है। वरिष्ठ लेखक डॉ.जैन का गत २८ वर्ष से निःशुल्क चिकित्सा परामर्श देने के फलस्वरूप अन्य साहित्यकारों के साथ़ २० जुलाई २०१९ को मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क मंत्री द्वारा मानस भवन भोपाल में आयोजित कार्यक्रम … Read more

बदरी…

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** देखो बादल आ गया, भरकर तन में नीर। भर-भर गागर ढोलता, होकर तनिक अधीर॥ नदिया सागर से कहे, लगा रही थी टोह। हरियाली होकर धरा, मन को लेती मोह॥ बादल दौड़ें गगन में , धरकर नव-नव रूप। भांति-भांति के रंग ले, लगते नवल अनूप॥ ओ काले बादल सुनो, जाओ पिय … Read more

तुम मेरे कासिद हो,फ़रिश्ते हो

सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* मैं तुम्हें इस तरह से प्रेम नहीं करती, जैसे मैं करती किसी हाड़-माँस के पुतले को। मैं तुम्हें इस तरह भी प्रेम नहीं करती, जिस तरह करती किसी देव को दिव्य गुणों से भरपूर। मैं तुम्हें प्रेम करती हूँ ऐसे- जैसे किसी बादल को,पेड़ को,नदी को झरने को,पहाड़ को या फिर … Read more

भारतीय भाषाओं के बिना अंग्रेजी के बल पर भारत जीवित नहीं रह सकता-राहुल देव

जयपुर(राजस्थान)। वामपंथ ने हमारे भारतीय आत्मबोध को बहुत नुकसान पहुंचाया है,किंतु अब वह भारत के लिए चुनौती नहीं रहा है बल्कि अंग्रेजी तथा अंग्रेजीयत भारतीयता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। आने वाले समय में भारत आर्थिक रूप से निश्चित तौर पर प्रगति करेगा,किंतु भारतीय भाषाओं के बिना अंग्रेजी भाषा के बल पर भारत जीवित … Read more

दुश्मन हम ख़ुद प्रकृति के

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** जल प्लावन आधी धरा,शेष शुष्क बदरंग। महाकाल धन जन जमीं,जलज बिखेरे जंग॥ जान माल बेघर प्रजा,बाढ़ त्रस्त निर्दोष। रोग शोक प्रसरित धरा,त्राहि-त्राहि उदघोष॥ दुश्मन हम ख़ुद प्रकृति के,कर्तन तरु पाषान। निजहित में हम भर सरित,आपद खुद हम जान॥ धन कुबेर तो महल में,आपद में बस आम। फेंक रोटियाँ … Read more

सफलता के लिए श्रम-संघर्ष के साथ भाग्य भी जरुरी

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** श्रम आपको उस तरफ ले जाता है,जिधर आपका लक्ष्य है,लेकिन भाग्य साथ हो तो लक्ष्य या उससे ज्यादा मिल पाता है। यदि भाग्य में नहीं है,तो लक्ष्य पास होने के बावजूद सामने से निकल जाता है। सफलता दिखती है, मिलती नहीं। बिलकुल यही स्थिति भारत की इस बार के क्रिकेट … Read more

बचपन

कैलाश मंडलोई ‘कदंब’ रायबिड़पुरा(मध्यप्रदेश) *********************************************************** मैं नन्हा-मुन्ना बच्चा था, बचपन कितना अच्छा था। लड़ूं झगड़ू मैं तो सबसे, था दिल में कोई बैर नहीं। नई-नई फरमाइश मेरी, घरवालों की खैर नहीं। समझ में थोड़ा कच्चा था, बचपन कितना अच्छा था॥ तेरे-मेरे ऊंच-नीच का, भेदभाव न था मन में। काम क्रोध मद लोभ का, विष भरा … Read more

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी जीवनदान चारण ‘अबोध’  जी का १३ जुलाई  को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

शुभ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दीभाषा.कॉम मंच के रचनाकार साथी नेहा लिम्बोदिया जी का १३ जुलाई  को शुभ जन्मदिन है..इस पटल के माध्यम से आप उनको शुभकामनाएं दे सकते हैं…..

तुम भी यह कर सकते हो

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’  बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** पहाड़ तोड़ रास्ता बना सकते हो, मरुस्थल में पेड़ उगा सकते हो… नामुकिन को मुमकिन बनाना, तुम भी यह कर सकते हो। धरती हिला सकते हो, आसमान झुका सकते हो… हौंसला अडिग रखना, तुम भी यह कर सकते हो। पढ़ाई कर सकते हो, लिखाई कर सकते हो… मन में … Read more