धरा

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरा करती श्रृंगार, देखो वर्षा की फुहार हरियाली हर ओर, धरती हरियाई। छाई है देखो बहार, नाचता है मन मोर हो गई सुहानी भोर, धरा खिलखिलाई। कोयल की मीठी तान, पपीहे की देखो शान कामदेव छोड़े बान, रति भी मुस्कुराई। घनघोर घटा छाई, मोरनी नृत्य … Read more

उल्टा दांव

डॉ.शैल चन्द्रा धमतरी(छत्तीसगढ़) ******************************************************************** “हमारे घर ऐसा होता है,हमारे घर वैसा होता है।” यही जुमला सुन-सुन कर रेखा के कान पक चुके थे। अभी लग्न लेकर लड़के वाले रेखा के घर आये हुए थे। सगाई की तारीख तय हो गई थी। लड़के की माता जी रेखा के घर इस बीच दो-चार बार आ चुकीं थीं … Read more

आत्मजा

विजयलक्ष्मी विभा  इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश) ********************************************************* ‘आत्मजा’  खंडकाव्य से,अध्याय-८ … बोली माँ पति से समझा कर, अब है समय नहीं सोने का खोजो वर सुयोग्य बेटी को, नहीं एक भी क्षण खोने का। हुई सयानी बेटी अपनी, लगी समझने वह सब बातें भावी के प्रति ही आकर्षण, बढ़ता ज्यों बढ़ती दिन-रातें। रहती वह खोयी-खोयी-सी, जैसे अपने को … Read more

श्रृंगार धरा का

डॉ.आभा माथुर उन्नाव(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… आओ करें श्रृंगार धरा का, नूतन वस्त्राभूषणों से हरीतिमा की चुनर लाओ, शर्माई धरती को सजाओl पुष्पगुच्छ के कर्णफूल हों, पकी फ़सल हो स्वर्णमेखला कर सोलह श्रृंगार वधू का, प्रियतम के समीप ले जाओl कलकल ध्वनि से वह हास करे, खग कलरव से नित नृत्य … Read more

हमारी पृथ्वी

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… पृथ्वी है हमारी सब ग्रहों से न्यारी, इसमें ही ईश्वर जड़े हैं जीवों की क्यारी सब ग्रहों में इसका बड़ा मान है, इस पर हम सबका अभिमान है। है यह ममतामयी माता-सी महान, चोट खाकर भी हमें देती खाद्यान्न सीने को चीर देती … Read more

हुंकार

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* अपने श्रम को बेचने वाले श्रमिकों, एक हो जाओ जैसे- एक हो जाती हैं आग की लपटें, अब नहीं है तुम्हारे पास, खोने के लिए कुछ भी। तुम्हारा जीवन, जकड़ा है आर्थिक विकास के चरित्र से, तार-तार होकर जीवन चला रहे हो, फिर भी मरते हैं क्यों तुम्हारे बच्चे भूख से … Read more

गैर राजनीतिक पकौड़ा

अशोक कुमार सेन ‘कुमार’ पाली(राजस्थान) ******************************************************************************** आज पकौड़े बनाना सीखा है,पर अब आप लोग यह मत बोल देना कि किसी दल विशेष का प्रचार कर रहा है। यह विशुद्ध गैर राजनीतिक पकौड़े हैं,जिनका एक मात्र उद्देश्य पेट की भूख शांत करना है। आजकल सरकार स्वरोजगार के नाम पर राजनीतिक सियासी आँच पर पकौड़े तलना,पंक्चर निकलना,मवेशी … Read more

चुनाव चक्रवात

छगन लाल गर्ग “विज्ञ” आबू रोड (राजस्थान) **************************************************************************** देख चुनाव उछाल है,सभी करे उत्पातl जोश भरे हर चाल में,सता भूख संतापl भूल चुके जो कर्म है,करे अनोखी बात- वोट चोट की मार से,सभी सहे अनुतापll नेता अब कहने लगे,सदा रहेगा साथl भूल-चूक सब माफ हो,मित्र तुम्ही रघुनाथl लो वादा तैयार हूँ,देने को मैं आज- वोट … Read more

न आँचल मैला होगा,रखेंगे स्वच्छ

डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… चिंटू ने भी मनाया मिंटू ने भी मनाया, सबने पटाखे छोड़े खूब धुआं उड़ाया। मोमबत्ती भी जलाई और फिर बुझाई, और सबने खुशी से खाई खूब मिठाई। कब किसको बूढ़ी माँ का ध्यान आया, कब किसी ने उसका जन्मदिन मनाया। युगों से पालन में … Read more

पृथ्वी

मानकदास मानिकपुरी ‘ मानक छत्तीसगढ़िया’  महासमुंद(छत्तीसगढ़)  *********************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… हे प्राणी सावधान!दुखित-द्रवित ब्रह्मांड, जीवनदायिनी का जीवन है खतरे में। विश्वास कर पृथ्वी में ही है,संभव जीवन, तू भी पला यहां,झांक जरा अपने में। जहां पला बढ़ा,उसका तो कर सम्मान, ना उजाड़ पृथ्वी,विकास-विकास के सपने में। परोपकारी,धैर्य वाली सुंदर पृथ्वी है महान, सबका … Read more