इकरार कर लिया

शिखा सिंह ‘प्रज्ञा’लखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************************* एकतरफा मोहब्बत का इजहार कर लिया,हमने भी आज उनसे फिर प्यार कर लिया। वो कहते रहे तेरे पास ना आयेंगे,बिना कहे उनके हमने इकरार कर लिया। छुपी खामोशी जो उनके चेहरे पर थी,मत पूछो कैसे उनपे ऎतबार कर लिया। एक शिकन माथे पे ना हमने आने दिया,खुदी को चुपचाप मैंने तैयार … Read more

ज़माने को हमने वही तो दिया

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)**************************************************** जो हमको ज़माने से अब तक मिला है।ज़माने को हमने वही तो दिया है। कहीं कुछ बुरा तो यक़ीनन घटा हैे।मेरा दिल सवेरे से कुछ अनमना है। बयां उसका पूरा सियासत भरा है।वो क़ातिल को क़ातिल कहाँ बोलता है। जो क़ातिल था वो तो बरी हो गया पर,नहीं दूसरा … Read more

वे मुझे रात भर याद आते रहे

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरीकुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** वे मुझे रात भर याद आते रहे,और लम्हें सभी मुस्कुराते रहे। भूलकर वे कभी याद करते नहीं,इश्क़ में क्यों उन्हें गुनगुनाते रहे। इक सनम के लिए पागलों की तरह,क्यूँ भला आँसुओं में नहाते रहे। एक कोने में कोई सिसकता रहा,संगदिल थे सभी आते-जाते रहे। आस में आगमन के तुम्हारे सनम,रोज़ … Read more

इम्तिहान बाकी है

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’मुंबई(महाराष्ट्र)*********************************************** बहुत निकले मगर फिर भी,कई अरमान बाकी हैं।बची साँसें ये कहती हैं,अभी इम्तिहान बाकी हैं। भले अब चल तो लेता हूँ,नहीं दिक्कत जरा सी भी,लगी जो ठोकरें उनके,अब भी निशान बाकी हैं। बही दरिया-सी आँखें जो,जरा अब सूखती-सी हैं,मगर मौसम ये कहता है,अभी तूफान बाकी हैं। यूँ तो दर्द बहुत से थे,जरा … Read more

उसूल

डॉ.अनुराधा शर्मा,इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** उसूल ये है,के जो हक है बस वही कहिए,मेरी खता को भी तकसीरे आग ही कहिए। खुदा गवाह बहुत दिन जिये हैं दुनिया में,मगर वो बात न थी जिसको जिंदगी कहिए। तबाह हो गए लेकिन जुबाँ नहीं खोली,अब इसको सब्र समझिए कि बेबसी कहिए। चिराग जलते रहें और ना सूझे हाथ को हाथ,अंधेरे … Read more

दिशा दशा को हुआ क्या ?

कृष्ण कुमार कश्यपगरियाबंद (छत्तीसगढ़) ************************************************** हमें थी उम्र लगी नाम जो कमाने में।लगा है आज जमाना उसे मिटाने में। छला है ख़ूब जिन्हें हम ख़ुदा समझते थे,भला यकीन करें किस पे इस जमाने में। निकाल फेंक दिए दर्द दिल के मैंने भी,दिया था दर्द बहुत दिल को जो छिपाने में। दिशा दशा को हुआ क्या … Read more

है लचर आदमी

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)**************************************************** बा ख़बर आदमी।बा असर आदमी। बे असर ही रहे,बे ख़बर आदमी। लड़ रहा रात-दिन,इक समर आदमी। कुछ नहीं कर सके,है लचर आदमी। चाहता हर कोई,खुशनज़र आदमी। आदमी का बने,हम सफर आदमी॥ परिचय : अब्दुल हमीद इदरीसी का साहित्यिक उपनाम-हमीद कानपुरी है। आपकी जन्मतिथि-१० मई १९५७ और जन्म स्थान-कानपुर हैL वर्तमान में भी कानपुर … Read more

यूँ मत आग लगाया कर

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरीकुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ************************************************************* बस मुझको नहीं बुलाया कर,मेरे घर भी तू आया कर। पिज़्ज़ा बर्गर के दीवाने,तू रोटी-सब्जी खाया कर। तू भी ऊपर उठ जायेगा,लोगों को जरा उठाया कर। है कौन अमर इस दुनिया में,मत मरने से घबराया कर। वो रहता चार-दिवारी में,बागों में उसे घुमाया कर। मिल-जुल कर हम सब रहते हैं,तू … Read more

पत्थर न होता आदमी

प्रिया सिंहलखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* हार कर गर्दिश से चश्मे-तर न होता आदमी,तब समंदर में खरा जौहर न होता आदमी। इल्म होता ग़र उसे इखलास और ईमान का,मज़हबों के नाम पर कट्टर न होता आदमी। आइना रखता अगर अपनी नज़र के रूबरू,फिर किसी के सामने पत्थर न होता आदमी। ख़्वाहिशें सस्ती जो होती हर तरफ बाजार में,फिर … Read more

रोना-धोना छोड़ो भी

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)*********************************************************** यारों अब ये रोना धोना छोड़ो भी।भरभर आँखें आँसू बोना छोड़ो भी। मनचाहा इंसाफ किसी को मिलता कब,इस पर बेमतलब का रोना छोड़ो भी। इक सीमा में बँधकर जीना ठीक नहीं,बातों बातों आपा खोना छोड़ो भी। दौरे बेचैनी का मतलब समझो कुछ,गाफिल होकर के अब सोना छोड़ो भी। तालीम … Read more