शिफ़ा दे मौला
सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ******************************************************************** बख़्श दे ज़ीस्त जहां को न क़ज़ा दे मौला। जानलेवा ये मरज़ है तू शिफ़ा दे मौला। कर करिश्मा के हकीमों के ज़हन हों रोशन, कुछ तो ईजाद करा कोई दवा दे मौला। लोग ख़िदमत में लगे हैं जो फ़रिश्तों की तरह, उनकी सेहत को मेरे दिल … Read more