शिफ़ा दे मौला

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  बख़्श दे ज़ीस्त जहां को न क़ज़ा दे मौला। जानलेवा ये मरज़ है तू शिफ़ा दे मौला। कर करिश्मा के हकीमों के ज़हन हों रोशन, कुछ तो ईजाद करा कोई दवा दे मौला। लोग ख़िदमत में लगे हैं जो फ़रिश्तों की तरह, उनकी सेहत को मेरे दिल … Read more

अंधेरों का दर्द

अरशद रसूल, बदायूं (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************* रूबरू जब कोई हुआ ही नहीं, ताक़े दिल पर दिया जला ही नहीं। ज़ुल्मतें यूं न मिट सकीं अब तक, कोई बस्ती में घर जला ही नहीं। बेजमीरों के अज़्म पुख़्ता हैं, ज़र्फ़दारों में हौंसला ही नहीं। नक़्श चेहरे के पढ़ लिये उसने, दिल की तहरीर को पढ़ा ही नहीं। … Read more

समझ तू खेल सत्ता का

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* समझ तू खेल सत्ता का मुक़द्दर बन के आया है, सियासी चाल है ये सब कलंदर बन के आया है। तुम्हें मालूम तो कुछ हो ज़माने भर के आँसू ही, जमा होकर तड़पता सा समंदर बन के आया है। हमेशा तुम रहे लड़ते शहादत भी है दी तुमने, मगर अब जीतकर … Read more

यार मेरा कमाल करता है

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** यार मेरा कमाल करता है, दुश्मनी बेमिसाल करता हैl बोलो कैसा मिज़ाज है तेरा, चोट देकर सवाल करता हैl आजकल मतलबी-सी दुनिया में, कौन किसका ख़याल करता हैl कोई जिंदा रहे या मर जाये, अब नहीं वो मलाल करता हैl दिल का उसने किया है यूँ सौदा, जैसे कोई … Read more

सुलझती ही नहीं रिश्तों की उलझन

डॉ.अमर ‘पंकज’ दिल्ली ******************************************************************************* हवाओं में जो उड़ते हैं कहाँ क़िस्मत बदलते हैं, बड़े नादान हैं जो चाँद छूने को मचलते हैंl फ़ज़ा में रंग है लेकिन नहीं रंगीन है होली, उदासी छा रही हर सू तो क्यों हम रंग मलते हैंl तुम्हारी चीख़ सुनकर भी रहा मैं चुप मगर अक्सर, विवश बेचैन रातों में … Read more

प्रेम का रोग छाया

डी.पी. लहरे कबीरधाम (छत्तीसगढ़) **************************************************************************** (रचना शिल्प:बहर-२१२ २१२ २१२ २) आग सी क्यूँ लगी है जहन पर। प्रेम का रोग छाया बदन पर। चाहता हूँ तुझे इस तरह मैं, चाँद तारे हैं जितने गगन पर। बंद पलकें करूं तो दिखे तुम, तुम बसी हो सदा इस नयन पर। जिंदगी की हसीं मीत हो तुम, फूल … Read more

मैं औरत हूँ

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  नज़ाकत हूँ तमाज़त हूँ इबादत हूँ मैं औरत हूँ, मुसन्निफ़ रब है जिसका वो इबारत हूँ मैं औरत हूँ। हक़ीक़त हूँ अक़ीदत हूँ मसर्रत हूँ मैं औरत हूँ, मुझे है नाज़ ख़ुद पर मैं वजाहत हूँ मैं औरत हूँ। मिले सौगात में नफ़रत का सहरा चाहे रिश्तों … Read more

ऐसी दीवार है दरमियाँ आजकल

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** ऐसी दीवार है दरमियाँ आजकल, वह सुनेगा नहीं सिसकियाँ आजकल। खेलता था कभी साथ मेरे वही, खोलता भी नहीं खिड़कियाँ आजकल। जिसने मुझको सिखाया सबक प्यार का, ढूँढता हूँ वही चिट्ठियाँ आजकल। अब तो आसान है चाँद का भी सफर, बढ़ गईं हैं मगर दूरियाँ आजकल। इश्क तो आग … Read more

भूलना राह मत भलाई की

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************************** खूबसीरत से तुम बना रखना। आदमी साथ में भला रखना। याद वादे ज़रा ज़रा रखना। हाथ खाली न झुनझना रखना। भूलना राह मत भलाई की, ज़ह्न में सबका तुम भला रखना। जब खुदा कुछ तुम्हें नवाज़े तो, फिर बड़ा खूब दायरा रखना। दूसरों को बुरा न कहना … Read more

अम्न की आरज़ू

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  हर इक हाथ तेग़-ओ-सिपर देखते हैं, हुईं साजिशें कारगर देखते हैं। चमन की फ़ज़ा पुर ख़तर देखते हैं, परिंदे ये कटता शजर देखते हैं। जले फूल गुलशन के नार-ए-हसद में, हैं नफ़रत के शोले जिधर देखते हैं। हुआ लाल अख़बार किसके लहू से, ये हैरत से सब … Read more