फूल गुलशन से बिछड़ के भी किधर जाएगा

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  बागवाँ,गर न तवज्जोह की,मर जाएगा, फूल गुलशन से बिछड़ के भी किधर जाएगा। इस तरह रोज़ बहेगी जो हवा नफ़रत की, ये मुहब्बत का चमन सारा बिखर जाएगा। एक ही किस्म के फूलों से बहार आई कब, यूँ तो बस रंग ख़िज़ाँ का ही उभर जाएगा। जब … Read more

तुझे ग़म को छुपाना चाहिए था

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** तुझे ग़म को छुपाना चाहिए था। नहीं आँसू बहाना चाहिए था। वो फोटो ले रहा था जब तुम्हारा, जरा सा मुस्कुराना चाहिए था। रुलाते हैं जो लम्हें जिंदगी के, उन्हें तो भूल जाना चाहिए था। मुझे तुम फोन तो करते रहे हो, कभी घर पे भी आना चाहिए था। … Read more

झुका नहीं हूँ मैं

विनोद सोनगीर ‘कवि विनोद’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) *************************************************************** मुसलसल सफर में हूँ,कभी रुका नहीं हूँ, बहुत कोशिश की जमाने ने पर कभी झुका नहीं हूँ मैं। ग़म के साए मुझसे दूर रहे तो ही अच्छा है, दर्द के पहरे से गुजरा कोई शख़्स नहीं हूँ मैं। मयखाने के सामने से होकर बस गुजरा हूँ, मय के नशे … Read more

ऐरों-गैरों को अपनाना पड़ता है

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** (रचनाशिल्प:वज़्न-२२२२ २२२२ २२२२ २२२) ग़र्ज़ पड़े तो किसको क्या कुछ यार बनाना पड़ता है। खुदग़र्ज़ी में ऐरों-गैरों को अपनाना पड़ता है। नाकारों को साहब कहना और सियासत में जाना, जोर जमाना उनका है तो संग निभाना पड़ता है। पेंचोख़म में आज जमाना माहिर है अब संभलो भी, ज़र्रे-ज़र्रे में रहजन … Read more

तुम्हारे बिना जी सकूँगा नहीं

अनिल कसेर ‘उजाला’  राजनांदगांव(छत्तीसगढ़) ************************************************************************* (रचनाशिल्प:बहर १२२ १२२ १२२ २१, रदीफ-नहीं,काफिया-ऊँगा का स्वर) किसी और का मैं बनूँगा नहीं, तुम्हारे बिना जी सकूँगा नहीं। पिया प्यार से प्यार को साथ दे, कभी भी शिकायत करूँगा नहीं। बन गया हूँ मैं जो तुम्हारा सनम, जुदाई दर्दे दिल सहूँगा नहीं। अगर दिल हमारा टूट गया कभी, जमाना … Read more

शहादत को रखेंगे याद

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** (रचना शिल्प:बह्र/अर्कान-१२२२×४-मफाईलुन-मफाईलुन-मफाईलुन-मफाईलुन) शहीदों की चिताओं में लगें मेले मुनासिब है। शहादत को रखेंगे याद मुमकिन यार वाज़िब है। रखें महफूज़ सरहद को यकीनन जान से खेले, जमाना ये कहे सैनिक बड़ा अय्यार साहिब है। शहादत भी वतन के वास्ते ज़न्नत हुआ करती, तलब हो जब हिफाज़त की वही तो यार … Read more

सरस्वती वंदना

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’ छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************  (रचनाशिल्प:मापनी २१२२ २१२२ २१२) शारदे यश बुद्धि विद्या ज्ञान दे। पर तनिक भी मत हमें अभिमान दे॥ श्री कलाधारा सुनासा वरप्रदा। शारदा ब्राह्मी सुभद्रा श्रीप्रदाll भारती त्रिगुणा शिवा वागीश्वरी। गोमती कांता परा भुवनेश्वरी॥ पुण्य इस भारत धरा पर ध्यान दे। माँ तनिक भी मत हमें अभिमान दे॥ … Read more

धैर्य मेरा खो रहा है

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** धैर्य मेरा खो रहा है। हाय यह क्या हो रहा है। लोग कहते कवि मुझे पर, ज्ञान मेरा सो रहा है। है हँसी में जिंदगानी, किंतु मन यह रो रहा है। सैकड़ों अवसाद कैसे, यह कलेजा ढो रहा है। मन सदा बेचैन होकर, दर्द केवल बो रहा है। कर … Read more

हम बड़े ना तुम,बड़ा रब

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली भोपाल(मध्यप्रदेश) **************************************************************************** (रचनाशिल्प:वज़्न-२१२२,२१२२,२१२२,२ अर्कान-फाइलातुन×3-फा.) हम बड़े ना तुम,बड़ा रब,ख़ानदानी है। डींग मारें हम भले वो आसमानी है। मौत आती सामने जब,बच न पायें तब, ज़िन्दगी अपनी कहें,दो बूंद पानी है। ठोकरों के बाद भी जो,यार संभले ना, खामखां वो गिर रहे ये ज़िन्दगानी है। यार कोई आसमां सा,है नहीं सच ये, देखने … Read more

कर न सके दीदार…

हरीश बिष्ट अल्मोड़ा (उत्तराखण्ड) ******************************************************************************** दिल से दिल के प्यार का,कर न सके दीदार। जी भर अपने यार का,कर न सके दीदार॥ मन में थी सूरत बसी,होंठों पर था नाम। प्यार भरे मनुहार का,कर न सके दीदार॥ जब तक थे हम साथ में,कर न सके तब बात। खुशियों के संसार का,कर न सके दीदार॥ मन … Read more