अनझेले संघर्ष

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ आते हैं क्षण-क्षण जीवन में,अनझेले संघर्ष। हर आने वाले को मैंने,समझा अंतिम द्वन्दकिन्तु सदा नूतन ही आये,ज्यों कविता के छन्द।आदि अन्त कुछ मिला न इनका,बीते अनगिन वर्ष…। कहां ठहर कर कह दूं,आया,अब मंज़िल का छोरजीत लिये सब द्वन्द जगत के,कर दूं ऐसा शोर।जब है द्वन्द सामने,बनता,उद्भव भी अपकर्ष…। भावी के भय वर्तमान में,हँस … Read more

पुण्य काज करते चलें

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कर्म ऐसा आप करते नित चलें।पुण्य पथ का भाव अंतर नित ढलें॥ बोलिए शुभ बोल भाषा नेक हो,हम मनुज के भाव निर्मल एक हो।द्वेष छल को त्यागकर समता पले,कर्म ऐसा आप करते नित चलें…॥ सत्य पथ की राह पर चल सर्वदा,काम आता सत्य का पथ ही सदा।बैर टूटे,दूर होवे फासलें,कर्म ऐसा … Read more

राष्ट्रभाषा हिन्दी

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** ‘विश्व हिन्दी दिवस’ विशेष….. सब भाषाओं की जननी,ये हिन्दी बहुत महान है,ये हिन्दी अपनी शान है,ये हिन्दी हिन्दुस्तान है।जय जय हिन्दी हे…॥ मात भारती के माथे की शोभा जैसे बिन्दी,दमक रही सूरज के जैसी है भारत में हिन्दी।गूँज रहा अब विश्व पटल पर हिन्दी गौरव गान है,ये हिन्दी अपनी शान है,ये … Read more

उठो देश के युवाओं…

दुर्गेश कुमार मेघवाल ‘डी.कुमार ‘अजस्र’बूंदी (राजस्थान)************************************************** स्वामी विवेकानंद जी जन्म दिवस विशेष… उठो देश के भावी युवाओं,हिन्द ने तुम्हें बुलाया है।लक्ष्य से पहले रुको नहीं तुम,मार्ग ये हमको दिखाया है।देश को जिसने विश्व पटल पर,गौरव मान दिलाया है।विश्व-युवा उस विवेकानन्द का,आज जन्मदिन आया है।उठो देश के भावी युवाओं,हिन्द ने तुम्हें बुलाया है…॥ संस्कृति अपनी समग्र … Read more

आँसू बह कर क्या कर लेंगे

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ आँखों में जो रहे न सुख से,आँसू बह कर क्या कर लेंगे। आवारा से निकल दृगों से,मुख पर आकर मुरझायेंगे।जब न मिलेगा कहीं ठिकाना,किये कृत्य पर पछतायेंगे।मन की करें शिकायत मन से,तन से कह कर क्या कर लेंगे…॥ किसके दृग इतने विशाल हैं,जो अनचाहे आँसू भर लें।या भरने को मेरे आँसू,अपने को कुछ … Read more

क्या नूतन है ?

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** नववर्ष विशेष….. उर में उत्स नव जगा नहीं है,शीत दंश भी भगा नहीं है।तरुवर की नव कोपल सोई,अभी कुहू भी खोई-खोई। अभी मुदित से कहाँ सुमन हैं,कह रे तुझमें क्या नूतन है ?॥ भू पर कब परिहास जगा है ?होली का कब रास जगा है ?बौर कहाँ है आम्रवटों में ?गीत उठे … Read more

जय माँ भारती

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** हे भारती प्रणाम,माँ भारती प्रणाम।इस विश्व धरातल पर गूँजा है माँ तेरा ही तेरा नाम॥माँ भारती प्रणाम… हम भारत के बेटे हैं भारत के गीत सुनायेंगे,भारत माँ का जयकारा सारे जग में गुँजाएँगे।विश्व पटल पर भारत का ऊँचा कर देंगे नाम,हे भारती प्रणाम,माँ भारती प्रणाम…॥ हम शेरों की दहाड़ सुनकर दुश्मन … Read more

वो महानायिका

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* प्रथम शिक्षिका कहलाती है,ज्ञान दिया सौगात।मान शान सावित्रीबाई,मातु विश्व विख्यात॥ पति ज्योतिबा फुले जिनको,कहते गुण की खान,नेक ज्ञान को नित्य बहा के,किया देश उत्थान।बहुजन के उत्थान ध्यान में,दिन देखा नहिं रात,मान शान सावित्रीबाई,मातु विश्व विख्यात…॥ दलित जाति को शिक्षित करना,यही एक था कर्म,महिलाओं को ज्ञान बाँटना,यही निभाया धर्म।कष्ट बहुत झेला माता … Read more

पीड़ा का लें संज्ञान

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* मेरे देश का किसान स्पर्धा विशेष….. उपजाते हैं अन्न को,सबके ये भगवान।इस धरती पर देव है,अपने सभी किसान॥ आज दुर्दशा देख लें, नित्य बहाते नीर,आय नही है क्या करें,कितना सहते पीर।कठिन तपस्या ये करे,होता बचत न धान,इस धरती पर देव है,अपने सभी किसान…॥ फसल लाभ से है विमुख,मिलता उचित न मोल,पीड़ा … Read more

बोल पपीहे और वेग से

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ बोल पपीहे और वेग से,बोल किसी निर्जन वन मेंसुन-सुन तेरे बोल बँधाऊँ,मैं धीरज अपने मन में। बदला बरसे हियरा तरसे,मेरे श्याम न आये रेकाँपूं डर से मैं इस घर से,रह-रह मुझे रुलाये रे।बोल पपीहे तेरी बोली,मीत बने सूनेपन में। बोल-बोल तू पिया-पिया रट,उनको बोल सुना दे रेमेरे श्याम कहां जा छाये,तू ही उन्हें … Read more