मसूद अज़हर के प्रतिबन्ध पर बड़ी बात करना निरर्थक

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** जब किसी मोटी लकड़ी को कुल्हाड़ी से काटा जाता है,तब उसको काटने में मान लो २० घाव लगे और २१वे घाव में कटी तो यह नहीं मानना चाहिए कि २० घाव अकारथ गएl इसी प्रकार मसूद अजहर के सम्बन्ध में जो आज सफलता मिली,उसमें प्रधान सेवक अपनी स्वयं की पीठ थपथपा … Read more

तू मूर्ख,मैं महामूर्ख !!

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ फिर से राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गई है। सितंबर २०१६ में जब सरकार ने प्रचार किया था कि उसने पाकिस्तान पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है,तभी मैंने लिखा था कि यह ‘फर्जीकल स्ट्राइक’ है। हमारे प्रचार मंत्री को यह पता ही नहीं है कि ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ क्या होती … Read more

साझेदार बनिए,मतदान अवश्य कीजिए

डॉ. स्वयंभू शलभ रक्सौल (बिहार) ****************************************************** लोकसभा चुनाव का अगला चरण आ रहा है…इसलिए मतदान अवश्य कीजिये…बेहतर और मजबूत लोकतंत्र के निर्माण के लिए..अपने क्षेत्र और देश के सर्वांगीण विकास के लिए…उस सपने को साकार करने के लिए,जिसे आपने वर्षों से संजोया है। चुनिए…मजबूत संकल्प शक्ति रखनेवाले उम्मीदवार को, , जो संसद में आपकी आवाज … Read more

लोकतंत्र में भी बेबसी

इंदु भूषण बाली ‘परवाज़ मनावरी’ ज्यौड़ियां(जम्मू कश्मीर) ******************************************************** विषय कुछ भी हो मगर कहना वही है जो शक्तिशाली ने कहना है और होना भी वही है जो सत्ता पक्ष चाहता है। जैसे भ्रष्टाचार रोको,अर्थात राहुल गांधी या केजरीवाल इत्यादि को रोको। भले ही सैनिक तेज बहादुर यादव इसी झांसे में अपनी नौकरी एवं इकलौता बच्चा … Read more

श्राप की चर्चा और पाप पर चुप्पी

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** कल्पना करें कि द्वापर युग में आज का मीडिया होता तो किस तरह की महाभारत लिखी जाती। उसमेें द्रोपदी द्वारा दुशासन के रक्त से केश धोने की वीभत्स प्रतिज्ञा की निंदा,आलोचना और पांचाली को लेकर गाली- गलौच तो होती,परंतु चीरहरण का जिक्र सुनने को नहीं मिलता। यह तो धन्यवाद हो ईश्वर … Read more

सेवा रूपी प्रकाश से ही मिटेगा आतंकवाद का अंधकार

सुशीला रोहिला सोनीपत(हरियाणा) *************************************************************************************** आज विश्व में आतंकवाद का तिमिर फैला हुआ है। इस तिमिर को नष्ट करने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय ही आंतकवादी सोच को समाप्त कर सकता है। ईश्वर ने मानव को प्रकृति का सुख एक समान दिया है। सूर्य का प्रकाश, चाँद की शीतलता,हवा … Read more

चार चुभते हुए मामले

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** आज अदालत के चार मामलों ने देश में बड़ी खबरें बनाईं। एक तो प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगाई का मामला,दूसरा राहुल गांधी की माफी,तीसरा किरन बेदी पर लगाम और चौथा नारायण सांई की उम्र-कैद का मामला। रंजन गोगोई पर लगे यौन-उत्पीड़न के आरोप की सुनवाई का पीड़ित महिला ने बहिष्कार कर … Read more

नियमों में फँसी वाहनों की हिंदी अंक पट्टी

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** हिंदी को राष्ट्रभाषा स्थापित होने के लिए सौ वर्ष हो गए और वह राष्ट्रभाषा नहीं बन पाई या सकी,तथा शायद भविष्य भी कोई उज्जवल नहीं दिखाई दे रहा हैl किसी भी भाषा,धरम,संस्कृति के विकास के लिए राज्य आश्रय का होना आवश्यक है,पर हमारे देश में भाषा के कारण बंटवारा हो जाता … Read more

दबाव एवं हिंसा की त्रासदी का शिकार बचपन

ललित गर्ग दिल्ली ******************************************************************* आज का बचपन केवल अपने घर में ही नहीं,बल्कि स्कूली परिवेश में बुलीइंग यानी दबाव एवं हिंसा का शिकार है। यह सच है कि इसकी टूटन का परिणाम सिर्फ आज ही नहीं होता,बल्कि युवावस्था तक पहुंचते-पहुंचते यह एक महाबीमारी एवं त्रासदी का रूप ले लेता है। यह केवल भारत की नहीं,बल्कि … Read more

न्यायपालिका की अग्नि-परीक्षा

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** हमारे सर्वोच्च न्यायालय की इज्जत दांव पर लग गई है। पहले तो प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन-उत्पीड़न का आरोप लगा और अब एक वकील ने अपने हलफनामे में दावा किया है कि जस्टिस गोगोई को फंसाने के लिए कुछ ताकतवर लोगों ने यह षड़यंत्र रचा है। उस वकील ने … Read more