स्वार्थ त्यागो, वन्य जीवों की रक्षा जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘विश्व वन्य जीव दिवस’ (३ मार्च) विशेष… अपने स्वार्थ के लिए प्रकृति का अंधाधुंध दोहन करने में डूबे इंसान को अब यह अंदाजा ही नहीं रह गया है कि, उसने अपने साथ-साथ लाखों वन्य जीवों के लिए इस धरती पर रहना कितना दूभर कर दिया है। तथाकथित विकास एवं स्वार्थ के नाम … Read more

‘इंडिया गठबंधन’ भाजपा के लिए चुनौती बनना मुश्किल

ललित गर्ग दिल्ली************************************** अंधेरों एवं निराशा के गर्त में जा चुके एवं लगभग बिखर चुके ‘इंडिया गठबंधन’ के लिए कुछ अच्छी खबरों ने जहां उसमें नए उत्साह का संचार किया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए चिन्ता के कारण हैं। पहले उत्तर प्रदेश और फिर दिल्ली में समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी से … Read more

जैसे को तैसा

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** एक शहर में राजवीर नाम का व्यक्ति था, जो बहुत ही घमंडी था। उसे अपने पिता रघुवीर जी के ज़िला अधिकारी होने का बहुत ज़्यादा घमंड था। उसे लगता कि, उसके जैसा और कोई नहीं है इस संसार में। राजवीर एक छोटे से दफ़्तर में काम करता था, वहाँ भी अपने … Read more

भारत:समृद्धि के शिखर एवं गरीबी के गड्ढे…विडम्बना

ललित गर्ग दिल्ली************************************** वैश्विक संस्था ‘ऑक्सफैम’ ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नए नजरिए, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी-गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति समय-समय पर देते हुए इसे संतुलित एवं समानतामय संसार-संरचना के लिए घातक बताया है। संभवतः, यह एक बड़ी क्रांति एवं विद्रोह का … Read more

‘युवा नशेड़ी…’ ऐसा ऊल-जलूल कब तक बोलोगे युवराज ?

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** अखिल भारतीय कांग्रेस के भविष्य युवराज यानि राहुल गांधी ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता का देशव्यापी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वाराणसी में जनसभा में युवाओं को ‘नशेड़ी’ कहकर (भले ही जोश व दूसरे संदर्भ में) प्रधानमंत्री बनने की हसरत रखने वाले राहुल गांधी युवाओं और कार्यकर्ताओं की भी नजर में … Read more

उद्यमिता विकास की अपार संभावनाएँ हैं फार्मा-संबंधित क्षेत्रों में

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** फार्मास्यूटिकल मैनेजमेंट (प्रबंधन) का महत्व आज के समय में बढ़ रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र देश की जनता के स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार है। फार्मा उद्योग और संबंधित क्षेत्रों में उद्यमिता विकास की संभावनाएँ बड़ी हैं और इस क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले युवाओं के लिए यह एक बहुत ही … Read more

गौरव की प्रतीक मातृभाषाओं को विकसित करना प्राथमिकता हो

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘विश्व मातृभाषा दिवस’ (२१ फरवरी) विशेष… ‘यूनेस्को’ द्वारा हर वर्ष २१ फरवरी को ‘विश्व मातृभाषा दिवस’ मनाया जाता है। इसको मनाने का उद्देश्य है विश्व में भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता और बहुभाषिता को बढ़ावा देना। मातृभाषा के माध्यम से इंसानों को आपस में जोड़ना एवं सौहार्द स्थापित करना। आज २५० मिलियन बच्चे … Read more

चुनावी शतरंज:नीति ही राजा, मोहरे और चाले हों

ललित गर्ग दिल्ली************************************** २०२४ के लोकसभा चुनाव को लेकर शतरंज की बिसात बिछ रही है। कुछ ही हफ्ते बचे हैं और भारतीय जनता पार्टी एवं सभी विपक्षी दल शतरंज की चालों की तरह अपनी-अपनी चालें चल रहे है। भाजपा एवं इंडिया गठबंधन दोनों ही खेमों में अब हर दिन चुनावी रणनीति को लेकर शतरंज की … Read more

अपनी परम्परा-संस्कृति को नहीं भूलें

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** आया मनभावन वसंत… प्रति वर्ष वसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा- आराधना की जाती है। वसंत ऋतु बड़ी ही मनभावन ऋतु है। इसका सबको बेसब्री से इंतज़ार रहता है। वसंत माह में शीतल हवाएँ, हरे-भरे पेड़- पौधे, चारों तरफ हरियाली ही हरियाली, खेत में सरसों के पीले फूल इस … Read more

यही क्षण व्यक्तिवादी मनोवृत्तियों को बदलने का

ललित गर्ग दिल्ली************************************** आया मनभावन बसंत…. मन की, जीवन की, संस्कृति की, साहित्य की, प्रकृति की असीम कामनाओं का अनूठा त्योहार है बसंत पंचमी, जो हर वर्ष माघ मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन मनाया जाता है। दूसरे शब्दों में बसंत पंचमी का दूसरा नाम सरस्वती पूजा भी है। बसंत पंचमी को श्रीपंचमी, … Read more