युद्ध से मानवता पर बढ़ता खतरा

ललित गर्गदिल्ली************************************** रूस और यूक्रेन के बाद अब इजरायल और हमास के बीच घमासान युद्ध के काले बादल विश्व युद्ध की संभावनाओं को बल देते हुए लाखों लोगों के रोने-सिसकने एवं बर्बाद होने का सबब बन रहे हैं। युद्ध की बढ़ती मानसिकता विकसित मानव समाज पर कलंक का टीका है। हमास ने नासमझी दिखाते हुए … Read more

पटना उच्च न्याया. का फैसला हिंदी में आना शुरू

जनभाषा में न्याय की ओर एक और कदम.. उत्तर प्रदेश इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तरह बिहार, राजस्थान और मध्यप्रदेश के उच्च न्यायालयों में भी अंग्रेजी के अतिरिक्त हिंदी के प्रयोग का प्रावधान है, लेकिन जहाँ इलाहाबाद उच्च न्याया. में लंबे समय से हिंदी में निर्णय दिए जाते रहे हैं, वहीं बिहार में कदम-कदम पर इसके … Read more

‘भोग की वस्तु’ समझना बेहद चिंताजनक

ललित गर्गदिल्ली************************************** दुनियाभर में बालिकाओं की बेचारगी को दूर करने, सुरक्षित एवं सम्मानपूर्ण जीवन प्रदत्त करने, उनके सेहतमंद जीवन से लेकर शिक्षा और करियर के लिए मार्ग बनाने के उद्देश्य से हर साल अक्तूबर में ‘अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस: मनाया जाता है। इस दिन अधिकारों, सुरक्षित जीवन और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाता है। भारत … Read more

बचना चाहिए ‘बोन चाइना’ के उपयोग से

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* शुरूआती दौर में जानकारियों के अभाव में सामान्य रूप से चाय, कॉफी व नाश्ते और खाने में चमकदार प्लेट (ललचाने वाली सामग्री ‘क्रॉकरी’) का उपयोग बहुतायत से होता था, और हो रहा है। जैसे-जैसे जानकारी मिलना शुरू हुई कि, इसमें हड्डी (बोन) का चूरा मिलाया जाता है, तो बहुत से शाकाहारियों ने इसे … Read more

बहुत नुकसानदायक परियोजना

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* केन-बेतवा नदी… वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री पर धुआंधार शिलान्यास-उदघाटन बहुत सवार है। यह भी देखना है कि, उनके कार्यकाल में उनके द्वारा कितनी राशि की रेवड़ियाँ बांटी गई और कितनी बाकी है। एक बात समझ लो कि, पूरा लेखा-जोखा करने पर विकास के साथ विनाश भी किया गया है। जब सत्ता परिवर्तन … Read more

चुनावी रथ में ही क्यों सवार जन-हित योजनाएं ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजादी के अमृतकाल के पहले लोकसभा एवं ५ राज्यों के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ-साफ सुनाई देे रही है, राज्यों में चुनावी सरगर्मियाँ उग्र हो चुकी है। भारत के सभी राजनीतिक दल अब पूरी तरह चुनावी मुद्रा में आ गए हैं और प्रत्येक प्रमुख दल इसी के अनुरूप बिछ रही चुनावी बिसात … Read more

मुस्कान समृद्धि का अनमोल उपहार

ललित गर्गदिल्ली************************************** विश्व मुस्कान दिवस (६ अक्टूबर) विशेष…. प्रत्येक अक्टूबर के पहले शुक्रवार को यानी इस वर्ष ६ अक्टूबर को ‘विश्व मुस्कान दिवस’ है। मुस्कान दिवस के पीछे वॉर्सेस्टर, मैसाचुसेट्स के एक अमेरिकी वाणिज्यिक कलाकार हार्वे बॉल के दिमाग की उपज थी। प्रतिष्ठित स्माइली फेस १९६३ में उनके द्वारा बनाया गया था। तब से, इसने … Read more

कलयुग:समय नहीं, हमारी सोंच बदली

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* लोग अधिकतर यह कहते मिलते हैं कि, समय बहुत बदल गया, पर समय नहीं बदला। समय जैसा का तैसा है, दिन में २४ घंटे होते हैं, सूर्य पूर्व से निकलता है, मनुष्य हाथ से ही खाना मुँह तक ले जाता है और खाता है एवं स्त्रियाँ ही बच्चों को जन्मती है। समय नहीं … Read more

बेहद स्पष्टवादी रहे

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* लाल बहादुर शास्त्री जयंती विशेष… स्वाधीनता के अमृत-महोत्सव काल में शास्त्री जी की जिन्दगी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी और सादगी की प्रतिमूर्ति लाल बहादुर शास्त्री दोनों का ही २ अक्टूबर को जन्मदिन है। सभी जानते होंगे कि, शास्त्री जी ने एक बार … Read more

नजरिया बदलें, दूसरों से भी प्रेम करें

ललित गर्गदिल्ली************************************** प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवनपथ, कार्यक्षेत्र में सफलता के सपने संजोता है, पर, सबके सब सपने सच में नहीं बदलते। अथक परिश्रम के पश्चात भी यदि सफलता न मिले तो निराश-हताश होना स्वाभाविक है। वह हीन भावना से ग्रस्त हो जाता है। ऐसी स्थिति से उबरने के लिए जेनकाऊल ने कहा-‘स्मरण रखो-आने वाला दिन … Read more