राष्ट्रीय एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हिन्दी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* हिन्दी संग हम… अमरावती में जन्मे गुणाकर मुले ने एक ‘भारतीय लिपियों की कहानी’ लिखी। उन्होंने लिखा कि, जिस लिपि में यह पुस्तक छपी है, उसे ‘नागरी’ या ‘देवनागरी’ लिपि कहते हैं, जो लगभग २५० वर्ष पहले बनी। इसके विकास होने से अक्षरों में स्थिरता आ गई।देवनागरी लिपि में मुख्यतः गुजराती, … Read more

अगली पीढ़ी के प्राणों में भी बसानी होगी हिन्दी

संदीप सृजनउज्जैन (मध्यप्रदेश) *************************************************** हिन्दी दिवस विशेष… हिन्दी भाषा भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। यह हम भारतीयों की पहचान है। भारत में अनेक भाषाएं हैं, फिर भी हिन्दी का प्रभाव सर्वत्र देखा जा सकता है। विश्वभर में करोड़ों लोग हिन्दी भाषा का प्रयोग करते हैं हिन्दी एक ऐसी भाषा है, जिसमें जो … Read more

हमारी हिंदी भाषा और संकल्प

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* हिंदी संग हम… हिंदी का जन्म कब हुआ, यह इंगित नहीं किया जा सकता है। इतिहास का कहना है कि, दशवीं शताब्दी के आसपास ‘अपभ्रंश’ भाषा थी। यह भी मान्य है कि, हिंदी का जन्म सधुकड़ी, खिचड़ी व भोजपुरी से हुआ। कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो सम्पर्क भाषा … Read more

हिन्दी भारत के मस्तिष्क का तिलक

ललित गर्गदिल्ली************************************** हिंदी संग हम… राजभाषा कही जाने वाली हिंदी भाषा अपने ही देश में घोर उपेक्षा की शिकार है, बावजूद आज दुनिया में तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन गई है। विश्व भाषा बनने की ओर हिन्दी के बढ़ते कदम भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यूएई के ‘हम एफ-एम’ सहित … Read more

राष्ट्रभाषा बिना देश नहीं गतिमान

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* हिन्दी संग हम (१४ सितम्बर) विशेष… नवीनतम शोध यह कह रहे हैं कि, जिस भाषा में माँ गर्भकाल में गर्भस्थ शिशु से बात करती है, जिस भाषा में बच्चा सोचता है, जिस भाषा में सपने देखता है, जिस भाषा में में वह जन्म से संवाद करना सीखता है, यदि उसी भाषा में बचपन … Read more

एक शिक्षक ऐसे भी

दिनेश चन्द्र प्रसाद ‘दीनेश’कलकत्ता (पश्चिम बंगाल)******************************************* हमारे देश भारत में दिवसों की कमी नहीं है। उन्हीं में एक दिवस ‘शिक्षक दिवस’ भी है, जिसे बाकी दिवसों की तरह हम मना कर भूल जाते हैं अगले साल तक के लिए। शिक्षक दिवस की महत्ता तब और बढ़ जाती है, जब हम किसी ऐसे शिक्षक के बारे … Read more

रंग लाया संघर्ष, ‘भारत’ नाम के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम

डॉ. मोतीलाल गुप्ता ‘आदित्य’मुम्बई(महाराष्ट्र)********************************************** जी-२० के लिए राष्ट्राध्यक्षों हेतु भारत की राष्ट्रपति की ओर से तैयार निमंत्रण पत्र में अंग्रेजी में भी ‘प्रेज़िडेंट ऑफ़ भारत’ का प्रयोग किया गया है, इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने विदेश दौरे में ‘प्राइम मिनिस्टर ऑफ भारत’ का प्रयोग किया। उसके बाद खेल जगत की कई हस्तियों … Read more

जी-२० सम्मेलन से नए विश्व की संरचना संभव

ललित गर्गदिल्ली************************************** हिंसा, आतंक एवं युद्ध से संत्रस्त दुनियाभर की नजरें दिल्ली में होने (९-१० सितम्बर) वाले जी-२० देशों के शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं। सम्मेलन इसलिए भी खास है कि, भारत ने इस साल जी-२० का अध्यक्ष होते हुए दुनिया को नई दिशाएं एवं आयाम दिए हैं। सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब … Read more

लाश खाना छोड़ो, शाकाहारी बनो

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* प्राकृतिक आपदाओं पर हुई नई खोजों के नतीजें मानें तो, इन दिनों बढ़ती मांसाहार की प्रवृत्ति ही भूकंप और बाढ़ के लिए जिम्मेदार है। आइंस्टीन पेन वेव्ज के मुताबिक ‘मनुष्य की स्वाद की चाहत’, खासतौर पर मांसाहार की आदत के कारण प्रतिदिन मारे जाने वाले पशुओं की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। भारत … Read more

विलुप्त होता शिक्षक धर्म

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* शिक्षक दिवस विशेष…. शिक्षा-ज्ञान एक ऐसा दीपक है, जिसके द्वारा कभी अन्धकार नहीं मिलता या होता है। ज्ञान रुपी प्रकाश से अज्ञानता विलीन होती है। शिक्षा का महत्व हर युग में बहुत रहा है, इसलिए ज्ञान की देवी सरस्वस्ती पूज्यनीय है। पहले गुरुकुल में जाकर ज्ञान प्राप्त किया जाता था। चाहे सामान्य विद्यार्थी … Read more