कर्मानुसार फल भोगना तय
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जैन दर्शन के अनुसार ईश्वर विश्व निर्माता नहीं है। यदि सृष्टि निर्माता होता तो, सब जीवों को समान बनाता, पर ऐसा नहीं हुआ और यह सृष्टि अनादि अनंत है। इसमें हर जीव को अपने अपने कर्मानुसार कर्म का फल भोगना होता है। जिस-जिस जीव ने जो भी पूर्व कर्म किए हैं, उनका फल … Read more