परिवर्तन ही जीवन

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** नया उजाला-नए सपने… हमारा भारत देश अनेकता में एकता का देश कहलाता है। यहां अनेक जाति-धर्म के लोग रहते हैं। सभी अपने धर्म और मान्यताओं के अनुसार त्यौहार मनाते हैं। जैसे-मकर संक्रांति , होली, दीपावली, मुहर्रम, गुड़ी पड़वा आदि। सभी भारतीय होकर इन सभी त्योहारों का आनंद लेते हैं। एक उत्साह … Read more

समय बिताना और परिवार के बीच स्नेह बढ़ाना आवश्यक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** विश्व पारिवारिक दिवस (१ जनवरी) विशेष… १ जनवरी को ‘विश्व पारिवारिक दिवस’ मनाया जाता है। इसे विश्व शांति दिवस भी कहा जाता है। इस दिवस के माध्यम से लोगों में वैश्विक एकता और सद्भाव के विचारों को बढ़ावा दिया जाता है। इस दिवस को नए साल के दिन इस आशा के साथ मनाया … Read more

आखिर जातिवाद ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के ५८ फीसदी आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया। इसके बाद देश कें उच्चतम न्यायालय ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण को १० फीसदी करने पर अपनी सहमति दी।अब छत्तीसगढ़ सरकार ने आदेशित १० प्रतिशत के विरुद्ध आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया है, आखिर क्यों ? इसी तरह प्रयागराज … Read more

नेपालःकुर्सी ही ब्रह्म, सतर्क रहे भारत

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* लगभग हजार साल पहले राजा भर्तृहरि ने राजनीति के बारे में जो श्लोक लिखा था, नेपाल की राजनीति ने उसकी सच्चाई उजागर कर दी है। उस श्लोक में कहा गया था- ‘वारांगनेव नृपनीति्रनेकरूपा:’ अर्थात राजनीति वेश्याओं की तरह अनेक रूपा होती है। याने वह मौके-मौके पर अपना रूप बदल लेती है। नेपाल … Read more

‘कोरोना’:दस्तक, सावधान रहना होगा

ललित गर्गदिल्ली************************************** चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, अमेरिका सहित कई देशों में कोरोना के नई किस्म के मामलों और उससे हुई मौतों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारत में भी चीन में तबाही लाने वाले एवं भयंकर तबाही की आहट देने वाले नए मामले मिले हैं, जो गहरी चिन्ता बढ़ा रहे … Read more

जो सन्देश दिया, समय पर अमल भी किया

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)***************************************************************** ‘अटल’ जिंदगी… राष्ट्र भक्त, दृढ़ निश्चयी, वाक् चातुर्य के धनी जननायक अटल जी का नाम हम सभी बड़े ही सम्मान के साथ लेते हैं। देशवासी उन्हें ऐसे ही यह सम्मान नहीं दे रहे, बल्कि उन्होंने ‘देश के लिए जिएं और देश के लिए ही मरें’ का जो सन्देश दिया और समय … Read more

बंगाल और गुजरात:२ विचारधाराएं और २ परिणाम

राकेश सैनजालंधर(पंजाब)********************************** १९६५ में सिंगापुर के प्रथम प्रधानमन्त्री ली कुवान यू ने कहा ‘मैं सिंगापुर को कलकत्ता बनाना चाहता हूँ।’ इन्हीं साहब ने २००७ में अपने पुत्र से कहा ‘बेटा, थोड़ी लापरवाही हुई तो सिंगापुर को कलकत्ता बनने में देर न लगेगी।’ आखिर क्या हुआ १९६५ और २००७ के बीच ? उत्तर है कि इस … Read more

राजनीति में बढ़ता अपराध का साया

ललित गर्गदिल्ली************************************** दिल्ली नगर निगम चुनाव में जीते पार्षदों के संदर्भ में ‘एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स’ यानी एडीआर और ‘दिल्ली इलेक्शन वॉच’ ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी कर यह बताया गया है कि, २४८ विजेताओं में से ४२ यानी १७ प्रतिशत निर्वाचित पार्षद ऐसे हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा १९ … Read more

मनुष्य जाति के लिए एक ही धर्म प्रतिस्थापित ‘मानव धर्म’

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** हिंदुस्तान में हिन्दू और हिन्दुत्व की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। आज पूरी दुनिया में भारत एक ऐसा देश है, जिसमें हिन्दू और हिन्दुत्व के ऊपर एक जंग-सी छिड़ गई है।सोशल हो या प्रिंट-इलेक्ट्रानिक मीडिया हो या सामान्य जनवार्ता, राजनीतिक दल हो या फिर सामाजिक-धार्मिक संगठन। सभी की … Read more

जीवन प्रबंधन में समय नियोजन का ही महत्व

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय प्रबंधन का बहुत महत्व है। जो इसका पालन नहीं करते या नहीं समझते, वे खुद तो परेशान होते ही हैं, दूसरों को भी करते हैं। उनका कोई काम समय पर नहीं हो पाता। चाहे कोई नौकरीपेशा हो, गृहिणी या कार्यालय व दुकान पर … Read more