लघुकथाकार डॉ. सतीशराज पुष्करणा नहीं रहे
दिल्ली। हिन्दी लघुकथा साहित्याकाश के दैदीप्यमान सूर्य और पितामह डॉ. सतीश राज पुष्करणा (महेन्द्रु पटना) नहीं रहे। लघुकथा जब संघर्ष के दौर में थी तो,डॉ. सतीशराज ने लेखन का बीड़ा अपने कंधों पर उठाया। व्यवसाय से प्रकाशक और अन्तःकरण से महान लघुकथाकार और लघु कथा विधा के पितामह डॉ. पुष्करणा का पंचतत्त्व में विलीन होना … Read more