उड़ान पतंगों-सी…

मानसी श्रीवास्तव ‘शिवन्या’मुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** मैंने सीखा है पतंगों से, ऊँचा उड़ना नभ में। न रखा है अभियान किसी से,स्वाभिमान भरे इस जीवन में। कटने का भय भी है, बचने की आशा के साथ। डोर दे रखी है जीवन की, परमेश्वर के हाथों में। एक उड़ती पतंग सिखाती है, ताल-मेल से रहना।  मर्यादाओं को भंग किए बिना, स्वयं को बहारना व … Read more

शुभ प्रभात

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* शुभ प्रभात में पुष्प खिले हैं, मेरा मन हरषाये।पेड़ों पर पँछी बैठे हैं, गीत अनोखे गाये॥ आसमान पर बादल, लगता जैसे चित्र उकेरे,झूम रही है डाली-डाली, खुशियों के है डेरे।रंग-बिरंगे फूल खिले जो, मेरे मन को भाये,पेड़ों पर पँछी बैठे हैं, गीत अनोखे गाये॥शुभ प्रभात…. अविरल नदिया की धाराएँ, अपनी … Read more

प्यारी हिंदी

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** हिंदी हमारी जान है हिंदी हमारी शान।हिंदी से ही ऊँचा नाम है हिंदी से संवरे काम॥ हिंदी विश्ववास बढ़ाती हिंदी सम्मान दिलाए।हिंदी जगदर्शिका है हिंदी ही मार्ग बताए॥ हिंदी की बिंदी है सुंदर हिंदी है खुशहाल,हिंदी भाषा है हमारी हिंदी ही अभिलाषा॥ हिंदी मेहनत की रानी है हिंदी ही महारानी।शिक्षा … Read more

मेरी माँ हिंदी

ऋचा गिरिदिल्ली******************************** नम चक्षु, तिमिर का जाल,दरवाजे पर दस्तक हुईथरथराते हाथों से कुंडी खोली,सामने वह खड़ी दिव्य रोशनी के साथमनोभावों से मेरे दोनों हाथ जुड़ गए। इस मुलाक़ात के बाद,मैं अधीन होती चली गईउसने ‘कुछ’ नहीं दिया,उसने बहुत कुछ दिया। और सिखा दिया,अर्जित करनामैं इसकी हो गई,और ये उन सबकीजो आए इसकी शरण में। कहीं … Read more

तुम हमारे हो…

सुनीता रावत अजमेर(राजस्थान) ******************************************* नहीं मालूम क्यों यहाँ आया!ठोकरें खाते हु‌ए दिन बीतेउठा तो पर न सँभलने पाया,गिरा व रह गया आँसू पीते। ताब बेताब हु‌ई, हठ भी हटी,नाम अभिमान का भी छोड़ दियादेखा तो थी माया की डोर कटी,सुना वह कहते हैं, हाँ खूब किया। पर अहो पास छोड़ आते ही,वह सब भूत फिर सवार … Read more

निराकार साकार प्रभु

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* निराकार साकार प्रभु, गुण निर्गुण अस्तित्व।भजे मनुज जिस रूप में, दिखे ईश व्यक्तित्व॥ लीलाधर लीला मधुर, सगुण रूप साकार।नर-नारी बहु रूप में, लेते हैं अवतार॥ निराका परमात्मा, अन्तर्मन अनुभूत।गाओ जिस भी रूप में, भक्ति प्रेम सम्पूत॥ ब्रह्म विष्णु शिव एक ही, हैं त्रिदेव अवतार।सर्जन पालन सत्य जग, पापों का … Read more

जादूगरनी है माया

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* सारा जग माया का डेरा,मन को भ्रमित करती हैमाया के वशीभूत है नर,ये जादूगरनी-सी लगती है। मोह-जाल में इसके रमते,सत-असत नहीं समझते जी-जंजाल में सब फँसते,रूप हजारों यह धरती है।जादूगरनी-सी लगती है… जब ये मन में बस जाती,रिश्ते-नाते सभी भुलातीविविध चक्रव्यूह है बनाती,पल-पल नटनी नचती है।जादूगरनी-सी लगती है… मानव! तूने ईश्वर त्यागा,माया-माया … Read more

यादें और जीवन

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* बिन यादों के पल न गुजरता, जीवन बीत गया,यादों ने ही हर पल रोका, जीवन बीत गया। तुमने यादें दी थीं, हमने यादें रख लीं,यादों से ही अपने, दिल की बातें कर लीं।क्या-क्या छूटा इनमें रहकर, जीवन बीत गया,बिन यादों के… जीवन बीत गया। मौसम आते जाते, दुखड़े दिल में … Read more

काश! लग जाती मुहब्बत के नशे की लत

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** तमन्ना के तराजू में, रिश्तों का राशन कभी तोला नहीं करतेगैरों की महफिल में, अपनों के राज कभी खोला नहीं करतेक्योंकि, यहाँ हर दीवार के पीछे छुपा है कोई कान लगाकर,“दीवारों के भी कान होते हैं” कहते हैं, सच बोला नहीं करते। यहाँ होती हैं बहुत-सी बातें, इशारों ही इशारों में … Read more

साहस के दीप जलाते हैं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* तूफानों में हम साहस के दीप जलाते हैं।नहीं अनमनापन हममें है, नित हम गाते हैं॥ चंद्रगुप्त की धरती है यह, वीर शिवा की आन है,राणाओं की शौर्य धरा यह, पोरस का सम्मान है।वतनपरस्ती तो गहना है, हृदय सजाते हैं,तूफानों में हम साहस के दीप जलाते हैं…॥ शीश कटा, सर्वस्व गंवाकर, जिनने … Read more