उड़ान पतंगों-सी…
मानसी श्रीवास्तव ‘शिवन्या’मुम्बई (महाराष्ट्र)****************************************** मैंने सीखा है पतंगों से, ऊँचा उड़ना नभ में। न रखा है अभियान किसी से,स्वाभिमान भरे इस जीवन में। कटने का भय भी है, बचने की आशा के साथ। डोर दे रखी है जीवन की, परमेश्वर के हाथों में। एक उड़ती पतंग सिखाती है, ताल-मेल से रहना। मर्यादाओं को भंग किए बिना, स्वयं को बहारना व … Read more