पहले भूमिका

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* पहले होती भूमिका, फिर बनती है बात।जैसे दिन के बाद ही, आती है हर रात॥ बन जाए जब भूमिका, पूरा होता काम।बिना भूमिका जो बढ़े, उसका काम तमाम॥ शांत चित्त से बैठकर, बने भूमिका सत्य।होता है फिर काम भी, निकले उसमें तथ्य॥ जीवन में हर एक की, नियत भूमिका मीत।जिसका … Read more

अटल जी युग पुरुष

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… प्रखर वक्ता युग पुरुष औरकवि हृदय सुकुमार थे,‘अटल बिहारी’ नाम जिनकादेश की पहचान थे। पच्चीस दिसंबर जन्मदिन औरग्वालियर स्थान था,हिन्दू तन-मन हिन्दू जीवनपर उन्हें अभिमान था। वे निडर थे शत्रु कीउनने न कुछ परवाह की,मिल गई उनको उपाधि‘भारत रत्न’ महान की। तीन बार चुने गए वेजन नायक थे देश … Read more

अटल बिहारी महापुरोधा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अजातशत्रु’ अटल जी…. करूँ अटल सादर नमन, ‘भारत रत्न’ प्रणाम,अर्पित है श्रद्धा सुमन, महापुरोधा नाम। कालजयी योद्धा प्रखर, राजनीति अतिश्रेष्ठ,विश्व महानायक शिखर, कवियों में थे ज्येष्ठ। विख्याता माँ भारती, गायक भारत गान,सहज सरल सात्विक चरित, रक्षक भारत मान। धर्म सनातन सारथी, सर्व-धर्म प्रतिमान,हँसमुख मधुरित अतिसुलभ, भारत माँ सन्तान। शील … Read more

अटल रहे सदा

सौ. निशा बुधे झा ‘निशामन’जयपुर (राजस्थान)*********************************************** ‘अजातशत्रु’ अटल जी… कहते हैं लोग,सूरज का निकलना अटलमोम का पिघलना निश्चित है,फिर, तुम तो नाम से ही नहीं,बातों में भी अटल रहे सदा। हर कविता के शब्दों में अटल हो,न झुके एक पल भी, दुश्मनों का सर झुकाशेर-सी दहाड़ रखने वाले,भारत माँ के सच्चे तुम सपूत होसर्वोच्च सम्मान … Read more

भोर आई अलबेली

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** रोज सुबह अलबेली,भोर होती हैआधी दुनिया,तब तक सोती है। चिड़ियों का चहचहाना,चारों तरफ मस्त हवाएंलगता है ऐसे कि हम,किसी नयी दुनिया में आए। चारों तरफ शांति का,वास होता हैहर व्यक्ति प्रकृति,के पास होता है। गुनगुनी धूप में बहुत,मजा आता हैऔर साथ में कोई हो साथी,तो आनंद छा जाता है। … Read more

तुलसी संजीवनी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** तुलसी जयंती विशेष… ‘तुलसी’,है संजीवनीतुलसी गुण खान,पूजन मिटाएव्यवधान। ‘तुलसी’,विष्णु प्रियसदा करे कल्याण,तुलसी वरदायिनी,वरदान। ‘तुलसी’,पूजो सदाघर ईश्वर वास,रोग मिटे,उल्लास। ‘तुलसी’,महिमा महानहै अचूक बाण,निभाएं कर्तव्यस-सम्मान। ‘तुलसी’,सुख लातीमाँ की वंदना,करे संसारसौभाग्य। ‘तुलसी’,घर शानसबका सुख-सम्मान,घर ईश्वरवरदान। ‘तुलसी’,प्राणदायिनी औषधितुलसी है अनमोल,ये संजीवनीजीवन। ‘तुलसी’,चरणामृत पेयदेता सदा शांति,सुखी रखेघर। ‘तुलसी’,माँ आशीषकरती सब कृपा,हर भक्तकल्याण। ‘तुलसी’,सदा पूजिएमिले सदा पुण्य।होगी सम्पदा,वैभव॥

अप्रतिम नेता

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** जन्मदिन विशेष (२५ दिसम्बर)… रहे अटलये अप्रतिम नेताहुए प्रसिद्ध। अजातशत्रुथे अटल बिहारीथे प्रतिबद्ध। सीख सबकोकरो स्वच्छ सरकारवाजपेयी जी । काव्य कौशलउदार मन तुमबोलते सच। राजनीतिज्ञपाया ‘भारत रत्न’उच्च विचार। सदा अमलईमानदारी पथहो सुशासन। लोभ से दूरकिए काम बहुतबढ़ते रहे। प्रधानमंत्रीरहा योग्य नेतृत्वथे जिम्मेदार। प्रथम देशनहीं कोई दुश्मनधूल चटाई। रहे बेदागसबने माना लोहाहैं स्मरणीय॥

खुद को दीप्तिमान कर

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** शांति से सहन कर, अहं का दमन कर,बेकार तकरार में, वक्त न गवांइए। आलस्य को तज कर, खड़ा रह डट कर,विपरीत धार में भी, आगे बढ़ जाइए। चल तू संभल कर, पग रख थम कर,लोगों से उलझ कर, ऊर्जा न गवांइए। राग-द्वेष त्याग कर, प्रेम का संचार कर,अनर्गल प्रलाप से, खुद … Read more

जीवन का गणित

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जीवन जितना सरल है,उतना ही वह जटिल हैकभी जीवन समानांतर जाता है,तो कभी वक्रता आ जाती‌ है। आयु में यदि एक वर्ष जुड़ता है,तो स्वत: ही शेष में एक कम हो जाता हैगुणा-भाग चलते रहते हैं,साथ ही सुख-दुख के रूप मेंफूल-काँटे के प्रतिरूप में। जीवन का गणित जो समझ गया,वह रहता … Read more

गाओ धुन श्रीराम की

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गाओ धुन श्रीराम की, पाओ सुख हरि धाम।तजो मोह माया जगत, जय जय राघव नाम॥ भजो रामधुन जानकी, रघुपति कृपा निधान।मर्यादा जीवनचरित, विष्णु रूप भगवान॥ दशरथ नन्दन राम धुन, गाओ रे नर लोक।पितृभक्ति श्री राम से, सीख हरे सब शोक॥ सुमिरन धुन अवधेश की, जी लो प्रभु पद राम।गुणागार … Read more