मीठी वाणी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)**************************************** जुबान मिलीमीठी वाणी के लिए,निकले शब्द देते सुकूनयदि मन हो निर्मल,क्रोध की आग कोकर देते मीठे शब्द। दिलों में जगह बनातेढाई अक्षर प्रेम के,मीठे शब्द कर देतेबीमारियों को दूर,यदि हाल-चाल पूछ लेमरीज का कोई। सौ बका एक लिखा,किंतु मीठे से बोलालिखे पर पड़ जाता भारी।हर किसी से है गुजारिश,बोले मीठा हम रहेंगे … Read more

पाती पिया के नाम

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** पाती पिय को लिखी, याद आती बड़ीकैसे समझाऊँ, मन ये तो माने नहींहर समय तेरी सूरत निगाहों में है,क्या करूँ, काम में जी ये लगे नहीं। छोड़ कर तुम गये कितने दिन हो गये,ख़त भी तुमने अभी कोई भेजा नहींमैंने माना कि रक्षक वतन के हो तुम,जानने का है हक़, कुछ छुपाना … Read more

प्रकाश कर रहगुजर

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* प्रकाश कर मेरे रहगुजर,तू जो साथ है तो है सफ़र। है जिंदगानी तू जो है अगर,आसाँ कभी कहाँ रहा मगरसदा साथ हो मेरा हमसफर,जो धूप मिले तो छाँव कर।प्रकाश कर मेरे रहगुजर,तू जो साथ है तो है सफ़र…॥पत्थर, काँटें ना करें असर,दुआओं का मिले हाथ करसह लूँ चलूँ सदा कर्म … Read more

नजर आता है

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** दर्पण तो हकीकत से हैरान नज़र आता है।हीरा है या पत्थर है अंजान नज़र आता है। दिल की जमीं पे देखो पहरे यहाँ हजारों,इस ओर हर बशर ही हैवान नजर आता है। धोखे मिले हैं इतने किस पर यकीन कर लूं,इंसान भी यहाँ अब शैतान नज़र आता है। दर्पण बता … Read more

माँ भारती, ये जीवन तुम्हारे काम आए

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)*************************************** तेज-प्रतापिनी, सौंदर्य शालिनी, मानिनी माँ भारती,शब्द केवल असहाय है, माँ करने तुम्हारी आरती। तुम वीरों की जननी हो, सारे जहां की उद्धरिणी हो,दर्शन जो पला गोद में तुम्हारी, संसार की तारिणी हो। आस्तित्व का गंतव्य सिखलाती, ध्यान को धारिनी होसारी दुनिया को प्रकाश दिखाती, प्राणमय संसारिणी हो। अष्टांगयोग, समाधि ध्यान की … Read more

नई ऊर्जा देता जन्मदिन

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** मनाते रहें जन्म दिन, साल में नई ऊर्जा देता है दिन,रिश्तों, दोस्तों संग खुशियाँ मनाओ लौटे हर साल ये दिनखिलाते-पिलाते, खाते अघाते न बनो बिल्कुल दीन,जितने साथ मिलें बधाई लो, न समझो तमाशबीन।दोस्तों रिश्तों से ही तो है दीर्घायु जीवन का कुदरती जिन्न,आपके जीवन का है अनमोल दिन, त्योहारों से … Read more

अच्छे जो ठहरे

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बुरा है आज आदमी का अच्छा होना,पर जो अच्छा है, वो क्या करे ?,अच्छे जो ठहरे। परेशानी यही कि अच्छाई छूटती नहीं,बुराई सीखते नहींऔर,अच्छी बात रूकती नहींबुरी बात सुन नहीं पाते,क्योंकिअच्छे जो ठहरे। समय बदला,परअच्छे लोग,हमेशा आसमां से रहेउठते गए,दूसरों की मदद करते रहेक्योंकि,अच्छे जो ठहरे। इंसानियत बहुमूल्य है,और आदमियत भीमहानाश करता … Read more

प्रगति- जिम्मेदारी सभी की

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मानव जीवन चिर प्रगति, ग्रन्थ सनातन वेद।ज्ञान कर्म परहित जगत, शान्ति प्रेम संवेद॥ जिम्मेदारी सभी की, जन भारत उत्थान।प्रगतिशील आगम समय, नवयौवन संज्ञान॥ परमारथ पौरुष सबल, बने प्रगति वरदान।नीति प्रीति सच न्याय पथ, वहीमनुज इंसान॥ लोभ मोह मद कोप छल, घृणा द्वेष हैवान।बाधक बनते नित प्रगति, दानवीय शैतान॥ बनें … Read more

फिल्मों का यह संसार

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ दुनिया को दिखा रहा सब रंग,वह दुःख-सुख सब संगऐसा ही है,यही तो है फिल्मों का संसार। कभी परदों के संग,कभी टाकीजों का वह रंगसिनेमाघर ही थे मनोरंजन के सुलभ साधन,यही तो है फिल्मों का संसार। कहीं संवादों का वैचारिक विचार,कहीं गानों का सुर-मधुर संसारफिल्मी दुनिया ने लोगों को जोड़ा ही … Read more

नारी त्याग

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** निश्छल मन करुणा हृदय, नारी त्याग महान,सभी युगों ,कालों में उसकी शक्ति का गान।बदल रहा है रूप जो उसको है मन भाया-भरी उड़ान है उसने, करो सभी सम्मान॥ नारी घर भी देखती करने जाती काम,सारे दिन वह व्यस्त रहे कब पाती आराम।सास-ससुर की सेवा है कर्तव्य उसी का-ज़रा चूक हो गई तो … Read more