क्या पाया, क्या खोया!

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** उसको खोकर तो मेरे पास रहा कुछ भी नहीं।ये जिंदगी तुम्हीं से है, ऐसा तो कहा कुछ भी नहीं। भँवरे व तितलियाँ ही अलामत हैं प्यार के,इसके अलावा इजहार-ए-इश्क बचा कुछ भी नहीं। जज्बातों के भँवर में गवांया है दिल का चैन,खोकर सुकून-चैन सहा कुछ भी नहीं। बारिश का है … Read more

खो जाने दो

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** खो जाने दो हमें गुमराहियों के अंधेरे में,वाहवाहियों की हमें कोई दरकार नहींनहीं चाहिए हमें ऐसी ख्याति विख्याति,लोक मंगल का हो जिसमें विचार नहीं। कहाँ खोए रहे हर क्षण छिछले से शब्द न्यास में,बेकार वह बात जिसमें गरिमा का अधिभार नहींनफरत भली है उस दिखावटी प्रेम से भी कहीं,जिसमें हकीकत का … Read more

उड़ती हैं भारत की बेटियाँ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ आगे बढ़तीं, नहीं वह किसी से डरतीं,सपनों को वह बुनतींपंख फैलाकर आसमान में,उड़ती भारत की बेटियाँ…। अपने भारत को खुशहाल बनाती,देश को सम्मान दिलातीकठिनाईयों में भी वह निडर होकर,आगे बढ़तीं भारत की बेटियाँ…। वह पुरुषों से कम नहीं,हर एक परिस्थिति में बार निकलना जानती हैदु:ख-दर्द-तकलीफ़ में वहदवा बन जाती हैं … Read more

घिरा अंधेरा जीवन पथ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* भागमभागी चकाचौंध बस स्वार्थ सिद्धि अवसादित मन है,मायाजाल इस मकरव्यूह में भौतिक सुख आह्लादित तन है। छोड़ प्राप्त दुर्लभ जीवन उद्देश्य विरत नित मानस शोकाकुल,निर्विकार निश्चिन्त मनुज अन्त मिले न मिले दो गज ज़मीन है। हम रात-दिन चिन्तित अन्तर्मन रक्षण बस इंच इंच ज़मीन है,विस्मृत अपनापन रिश्ते अहमियत भाव … Read more

चुप-सी रहती हूॅं

कमलेश वर्मा ‘कोमल’अलवर (राजस्थान)************************************* चुप सी रहती हूॅं,और कहीं खो-सी जाती हूॅंपता ही नहीं क्यों ?अपने में गुम-सी रहती हूॅं। कोई कुछ पूछे भी तो,कुछ बता भी नहीं पाती हूॅंपता ही नहीं क्यों ?अपने में गुम-सी रहती हूॅं। देखती हूॅं चारों ओर,कोई अपना नजर नहीं आता हैमन की व्यथा किससे बयां करूँ,सब स्वार्थ ही नजर … Read more

मौन सत्य

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** साधन सुख-सुविधा,सुनामी की देख बाढ़सोने की लंका से,मानवता की देख हार। चक्रवात घेरे तरुणाई,की बात करेंदिशाहीन होती अरुणाई,क्या हाल कहें! लज्जा की लालिमा,लाल-लाल गालकंचन कुमुदिनी के,किसलय का हाल। गंध मकरंद गह,गली गुंजार करेंलोचन ललाट भाल,भामिनी की बात करें। शब्द झूठ, भाव झूठ,सब झूठा व्यवहार।एक मौन सत्य है बस,करो स्वीकार॥

छठ मैया की ही दया

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* पूज्य पर्व मैया छठी, पूजन बहुत महान।जग सारा वंदन करे, माता रखना आन॥ प्रकृति दिव्य तुम, मातरम्, रखती हो नित लाज।माता करतीं पूर्ण सब, हम भक्तों के काज॥ नदिया तट पर, सूर्य का, वंदन देता ताप।प्रभुता मिलती भक्त को, रहें शेष नहिं पाप॥ सूर्य-साधना तेजमय, जो देती वर्तमान।यश-वैभव परिवार को, मिलता … Read more

बचपन के दिन…

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* बचपन के दिन याद हैं, रहता मन उल्लास।चिंता और तनाव भी, कभी न आते पास॥कभी न आते पास, लाड़ सब खूब लड़ाते।रहते थे खुशहाल, कभी भी दुःख न आते॥बीत गया वह काल, उम्र तो है अब पचपन।सुखद सलोनी याद, काश! फिर आए बचपन॥ बीता बचपन का समय, सुखद सुनहरा काल।समय … Read more

पूजा का विस्तार

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* तुम्हीं प्रियतम तुम्हीं प्यारे से मुझको प्यार होता है,करूँ मैं प्रेम, जो पूजा का ही विस्तार होता है। करूँ आराधना, व्रत, नियम और पूजा सदा तेरी,मेरे तो चाँद तुम ही हो, जिसका दीदार होता है। पुजारिन बन गई तेरी जपूँ तेरी सदा माला,तेरा ही नाम जपने से तो बेड़ा पार … Read more

तेरी याद में…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ चल रहा हूँ यार तेरी याद में,तू मिले या ना मिले पता नहीं!प्यार का सहारा है बस साथ में,चल रहा हूँ यार तेरी याद में। देखा था जबसे तुझको,तेरे ही ख्वाब देख रहा हूँतू मिले या ना मिले पता नहीं!चल रहा हूँ यार तेरी याद में। जब कभी तन्हा रहता … Read more