माँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… शब्द नहीं है मेरे पास सीखा है एहसास जगाना, तूफानी लहरों पर भी सीखा है दीप जलाना। अक्षर भले न पढ़ पाये सीखा है चेहरों को पढ़ना, आँखों से अधरों का सीखा है संवाद बनाना। सुबह-सुबह उठकर वो सूरज से करती ढेरों बातें, आग भरे दरिया … Read more

एक बात बोलूं

मोनिका गौड़’मोनिका’ बीकानेर (राजस्थान ) ************************************************** मेरी छोटी-छोटी ख्वाहिशें, नन्हें से तुमसे ही जुड़े प्रश्न नाजुक-सी अन्तस की बातें, जब कहती हूँ वो देखो चाँद के पास झिलमिलाता एक सितारा, गौरैया की पंख के रंग का शेड देखा तुमने! तुम्हारी ऐनक की थोड़ी-सी टेढ़ी हुई डंडी, चाय के कप में बुझे सिगरेट के टोटे तुम्हारे … Read more

हमको गढ़ती है माँ

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… ना शब्द है ना कोई बात जो माँ के लिए लिख पाऊं, उसके चरणों में मैं नित-नित शीश झुकाऊं, जग जननी है माँ हमारी भाग्य विधाता माँ। गीली माटी की तरह वो हमको गढ़ती है, संस्कार की रौशनी वो हममें भरती है, कौन करेगा ये सब माँ … Read more

माँ तो बस माँ है…

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ तो बस माँ है, वंदन करूं सुबह-शाम देवों-सी महान जो, उसके हजार नाम। हिमगिरि सी ऊँची है सागर सी गहरी है, धरती-सी शीतल है पल्लव सी कोमल है, नेह की नदिया-सी बहती अविराम। माँ तो बस माँ है… प्रकृति-सा कर देती सब कुछ वह अर्पण, … Read more

हूँ तुम्हारा अंश माँ

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कर सकूँ बयाँ शब्दों तुम्हें, है संभव नहीं यह माँ। हूँ तुम्हारा अंश मैं माँ, तुम्हारे बिन नहीं कोई मेरा अस्तित्व जग में माँ। भरी है जो किलकारियाँ, तुम्हारी गोद के ब्रह्मांड में। हैं अंकित मेरी अट्ठखेलियाँ, तुम्हारे उर के अंत:स्थल में। कटु थी तुम, … Read more

माँ

रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’ जयपुर(राजस्थान) *************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… विशेष: माँ शब्द की व्याख्या -म् +आ +ँ=माँ म् – म्लेव् (पूजा करना) पूजनीया आ- आगमन(बच्चे का जन्म) ँ-चन्द्र बिन्दु में बिन्दु बच्चे का प्रतीक है और चन्द्रमा माँ का प्रतीक है,यानी ँ (चन्द्र बिन्दु) माँ की गोद में बच्चे का प्रतीक है।माँ शब्द में … Read more

माँ तू मेरी भगवान

एन.एल.एम. त्रिपाठी ‘पीताम्बर’  गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ मैं जब तेरी कोख आया, तूने मेरे आने की खुशियों में अपने अरमानों से दुनिया में मेरी राह को सजाया, तू जननी है मेरी मेरे कर्मों की धुरी धन्य है। जब मैं दुनिया में आया तूने अपनी आँखों के काजल से, मेरी नज़र उतारी … Read more

माँ तू कितनी प्यारी है

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… हे मात तुझे शत-शत वंदन, शब्दों से करती अभिनंदन। गर पा जाऊँ एक अवसर मैं, कर दूँ तुझ पर जीवन अर्पण। अपनी सारी ममता माँ ने, निज बच्चों पर वारी है। माँ तू कितनी भोली है, माँ तू कितनी प्यारी है। बच्चों का बचपन माँ से … Read more

माता

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड)  ************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… दुनिया में समाई जिसमें शक्ति अपार, जिसके अंदर है असीम ममता और प्यार कठिन परिस्थितियों में जो ना माने हार, उसे माता कहकर पुकारता यह संसार। माता तू है महान,तेरे बगैर फीका संसार॥ स्वर्ग बना रखी तू माँ अपना घर-संसार, संतानों पर लुटाती रही … Read more

माँ की ममता…मेरी जन्नत

डॉ.मंजूलता मौर्या  मुंबई(महाराष्ट्र) ************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… नन्हीं-सी गुड़िया बनकर जब मैंने ली अंगड़ाई, तेरे आँचल में ही माँ,मैंने सारी खुशियाँ पाई मेरे सपने तेरी आँखों में सजते थे… हर पल लगते जहाँ खुशियों के मेले थे। नन्हें होंठों से जब भी मैं हँसती थी, तेरे होंठों पर भी भोली-सी हँसीं खिलती थी और … Read more