माँ
अनिता मंदिलवार ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… शब्द नहीं है मेरे पास सीखा है एहसास जगाना, तूफानी लहरों पर भी सीखा है दीप जलाना। अक्षर भले न पढ़ पाये सीखा है चेहरों को पढ़ना, आँखों से अधरों का सीखा है संवाद बनाना। सुबह-सुबह उठकर वो सूरज से करती ढेरों बातें, आग भरे दरिया … Read more