वह सफाईवाली
सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** नई-नई ब्याहता वह सफाईवाली, घूँघट निकाले आई है करने सड़क की सफाई, सकुचाती शरमाती अपने में सिकुड़-सिकुड़ जाती, उठाती घरों से कचरा देख रही, वर्ग-भेद की गहरी खाई। कड़ी धूप में पड़ रही देह काली, सर्दी में हो उठी त्वचा रूखी-सूखी खुरदरी, बरसात में भीगकर चिपक गये हैं कपड़े तन … Read more